Recent Posts

बड़ा अजूबा रंग-मंच है, बदला-बदला सबका वेश

हिंदी के वरिष्ठ कवि उमेश चौहान का काव्य संग्रह आया है ‘जनतंत्र का अभिमन्यु’. प्रस्तुत है उसी संग्रह से कुछ चुनी हुई कविताएँ. संग्रह भारतीय ज्ञानपीठ से आया है- जानकी पुल.  ==================================================== 1.         १.       मौन कौन सा संकोच या स्वार्थभय अथवा भ्रमरखता है मौन हमेंअपनी आँखों के सामने …

Read More »

कविता की कहानी ‘नदी जो अब भी बहती है’

युवा लेखिका कविता का कहानी संग्रह हाल में ही आया है ‘नदी जो अब भी बहती है’. जानकी पुल की ओर से उनको बधाई और प्रस्तुत है संग्रह की शीर्षक कहानी. ========================================== डॉक्टर अब भी हतप्रभ है और हम चुप। ऐसी स्थिति में इतना भावशून्य चेहरा अपने बीस साला कैरिअर …

Read More »

प्रभात रंजन की कविताएँ

ये मेरी कविताएँ नहीं हैं, बल्कि ६०-७० के दशक के प्रसिद्ध कवि प्रभात रंजन की कविताएँ हैं. मेरे जन्म के समय ये इतने प्रसिद्ध थे कि कहते मेरे दादाजी ने उनके नाम पर ही मेरा नाम रखा था. हालांकि परिवार में इस बात को लेकर मतभेद है, क्योंकि मेरे पापा …

Read More »