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Tag Archives: गीताश्री

अंबपाली, बाँसुरी वादक और वीणा वादक

गीताश्री वैशाली की प्राचीन कहानियाँ लिख रही थीं लेकिन इन कहानियों में अंबपाली नहीं आई थी अभी तक। अंबपाली के बिना वैशाली की कोई कहानी हो सकती है क्या भला? ख़ैर, उनकी इस नई कहानी में वैशाली है, अंबपाली और स्त्री मन का एक सनातन द्वंद्व- क्या कोई स्त्री एक …

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वैशाली की रुपजीविता

वैशाली से इस हफ़्ते गीताश्री लाई हैं प्रेम और अध्यात्म के द्वंद्व में फँसी एक भिक्षुणी की कथा। वैशाली के अतीत की एक और सम्मोहक कथा- ========================= “माते, आज आप मेरा इतना श्रृंगार क्यों कर रही हैं। मुझ पर इतनी साज सज्जा शोभती नहीं है। मैं आपका मंतव्य जानना चाहती …

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वैशाली के आचार्य और एक मेघाच्छादित रात्रि की बात

गीताश्री आज कल हर सप्ताह वैशाली के भगनावशेषों में जाती हैं कथा का एक फूल चुनकर ले आती हैं। स्त्री-पुरुष सम्बंध, मन के द्वंद्व, कर्तव्य, अधिकार- परम्परा से अब तक क्या बदला है! इतिहास के झुटपुटे की कथा कहने की एक सुप्त हो चुकी परम्परा गीताश्री के हाथों जैसे पुनर्जीवन …

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गीताश्री की कहानी ‘लिच्छवि राजकुमारी’

प्राचीन भारत में रूपवती और गुणवती स्त्रियों के समक्ष जो समस्या थी वही आज भी है- उसे समझने वाला पुरुष कहाँ मिलेगा? प्रसिद्ध लेखिका गीताश्री ने प्राचीन भारत की इस कथा के माध्यम से इसी ओर ध्यान दिलाया है। बहुत प्रासंगिक कहानी है- मॉडरेटर ========================================== लिच्छवि राजकुमारी की सुंदरता, विद्वता …

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वैशाली की कन्या और कमल के फूल

वरिष्ठ लेखिका गीताश्री आजकल वैशाली के भग्नावशेषों में बिखरी प्राचीन कथाओं की खोज कर रही हैं। यह उस ख़ज़ाने की पहली कहानी है- =================================== वैशाली के खंडहरो में जाने कितनी प्रेम कथाएं सांसें लेती हैं। उन कथाओं के नाम कई स्तूप हैं। कुछ तो नष्ट हो गए, कुछ अब भी …

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‘इमा’ तुझे रोके है , रोके है मुझे ‘बेटी’

मणिपुर की राजधानी इम्फाल का इमा बाजार, जहाँ सिर्फ महिलायें बाजार लगाती हैं. उसके बारे में एक जीवंत टेक्स्ट लिखा है गीताश्री ने. वह अभी हाल में मणिपुर यात्रा पर गई थीं. बहुत साधा हुआ गद्य, न्यू जर्नलिज्म की तरह यानी ऐसा रिपोर्ताज जो पढने में साहित्य सा आनंद दे- …

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गीताश्री की कहानी ‘खानाबदोश’

समकालीन कथाकारों में गीताश्री के पास कहानियों की रेंज काफी विस्तृत है. इतने अलग-अलग तरह के विषयों पर उन्होंने कहानियां लिखी हैं कि कई बार हैरानी हो जाती है. जैसे यह कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ============= कोई मुझे नींद में ज़ोर ज़ोर से झकझोर रहा है। मैं गहरी नींद में छलाँग …

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कला में जिसे ‘न्यूड’ कहते हैं वह असल में ‘प्योर फीमेल फॉर्म’ है

जम्मू के पहाड़ी क़स्बे पटनीटॉप के कला शिविर की यात्रा हम उपन्यासकार-कथाकार गीताश्री के लगभग काव्यात्मक रपटों के माध्यम से कर रहे. यह समापन क़िस्त है- मॉडरेटर ==================================== चलते रहते हैं कि चलना है मुसाफिर का नसीब … पक्षी आकाश में कहीं खो चुके हैं, आखिरी बादल भी उड़ा चला …

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बिकने वाला आर्ट अलग, इतिहास में जाने वाला आर्ट अलग!

गीताश्री के लेखन से मेरा परिचय उनकी रपटों को पढ़कर ही हुआ था. नवभारत टाइम्स से आउटलुक तक. बहुत दिनों बाद पटनीटॉप के कला शिविर को लेकर उनकी रपटें एक के बाद एक पढने को मिल रही हैं. यह तीसरी क़िस्त है- मॉडरेटर ========== आपको अपने सभी सिद्धांतों और विचारों …

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ब्रश पकड़ने वाली ऊँगलियाँ संसार बनाती हैं, वीरान नहीं करतीं

उपन्यासकार गीताश्री जम्मू के पहाड़ी क़स्बे पटनीटॉप में कला शिविर में हैं और वहां से अपने जीवंत रपटों के माध्यम से हमें भी कला शिविर की सैर करवा रही हैं. दूसरी क़िस्त- मॉडरेटर ================================ लड़कियाँ बना रही हैं तितली, फूल और मकान, लड़के बना रहे थे पहाड़, खेत और ऊँचे …

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