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Tag Archives: प्रदीपिका सारस्वत

समयोत्तर स्मृतियों की यात्रा-डायरी: प्रदीपिका सारस्वत

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत की यह यात्रा डायरी प्रस्तुत है- ============== उस पगडंडीनुमा सड़क पर चलते-चलते मैं अचानक नदी की तलहटी की ओर उतर गई थी. उतनी उत्साही नदी मैंने पहले नहीं देखी थी. दो दिन से मैं उसके साथ-साथ चल रही थी. जहाँ से देखती लगता कि पानी उसमें …

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प्रदीपिका सारस्वत की कविताएँ और कश्मीर

प्रदीपिका सारस्वत कश्मीर में लम्बा समय बिताकर अभी हाल में लौटी हैं। कुछ कविताओं में घाटी के दिल के दर्द को महसूस कीजिए- मॉडरेटर =======================   कश्मीर पर तीन कविताएँ       ऑप्रेसर     मैं एक व्यक्ति थी मेरा एक नाम था, एक चेहरा उसी की तरह मैं …

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प्रदीपिका सारस्वत की नई कहानी ‘शायद’

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत की कहानियों, कविताओं का अपना अलग ही मिज़ाज है। वह कुछ हासिल करने के लिए नहीं लिखती हैं बल्कि लिखना ही उनका हासिल है। यह उनकी नई कहानी है- मॉडरेटर ================== मैं घर लौटा हूँ. एक अरसे बाद. लेकिन इस शहर की तरफ निकलने से पहले …

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प्रदीपिका सारस्वत की कहानी ‘इनफ़िडल’

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत के लेखन की कैफ़ियत बहुत अलग है। उलझी हुई गुत्थी की तरह। फ़िलहाल उनकी एक कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ===== इनफ़िडल अगर ये कहानी, ‘एक लड़की थी’ से शुरू होगी तो क्या आप इसे पढ़ैंगे? शायद हाँ, शायद नहीं. पर ये कहानी एक लड़की थी से ही …

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प्रदीपिका सारस्वत की कहानी ’14 फ़रवरी’

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत को किसी परिचय की दरकार नहीं है. कहानियां जरूर उन्होंने हाल में लिखना शुरू किया है. आज उनकी नई कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ========================================== मैं आज एक नए मकान में पहुँचा हूँ. नया मकान, हुँह! मकान बहुत पुराना है. कुछ नहीं तो 100 से ऊपर का तो …

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प्रदीपिका सारस्वत की कहानी ‘तन तंबूरा तार मन’

प्रदीपिका सारस्वत सुपरिचित लेखिका हैं. वेबसाइट्स पर बहुत अलग तरह की स्टोरीज करती हैं. कविताएँ लिखती हैं, यह उनकी एक छोटी सी कहानी है समुद्र के पानी की तरह अपने साथ बहाकर ले जाने वाली- मॉडरेटर ===================== कभी देखा है किनारे की रेत को? उस पर से जब पानी लौट …

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प्रदीपिका सारस्वत की कविताओं में कश्मीर

बहुत दिनों बाद कश्मीर पर कुछ अच्छी कविताएँ पढ़ी. कुछ कुछ अपने प्रिय कवि आगा शाहिद अली की याद आ गई. कवयित्री हैं प्रदीपिका सारस्वत. आप भी पढ़िए- मॉडरेटर ==================================================== 1. मेरे ख़्वाब में चारों तरफ़ बिखरे पड़े हैं क़िस्से दिल्ली की बेमौसम धुँध में साँस-साँस घुटते मैं देखती हूँ किसी …

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