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Tag Archives: रचना भोला यामिनी

रूह संग खिल कर मैत्रेय की, सखि री मैं तो बादल हुई

यात्राएँ सिर्फ़ भौतिक नहीं होती हैं रूह की भी होती हैं। रचना भोला यामिनी को पढ़ते हुए यह अहसास होता है। पढ़िए लेह यात्रा पर उनका संस्मरण- मॉडरेटर ====================== हे मैत्रेय !… सफ़र सफ़र मिरे क़दमों से जगमगाया हुआ तरफ़ तरफ़ है मिरी ख़ाक-ए-जुस्तुजू रौशन                                              -सुल्तान अख़्तर यात्राएँ कभी …

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 लेह, ले मेरा दिल

रचना भोला यामिनी जानी मानी अनुवादिक हैं और ‘मन के मंजीरे’ जैसी किताब की लेखिका हैं जो अपनी तरह की अकेली किताब है हिंदी में जिसमें जीवन, दर्शन सब जैसे शब्दों की लड़ियों में पिरो दिए गए हों। यह उनका यात्रा संस्मरण है जो लेह पर है- मॉडरेटर ===================================== यात्रा …

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न माला न मंतर न पूजा न सजदा  तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत

रचना भोला यामिनी के लव नोट्स की किताब ‘मन के मंजीरे’ इस साल के आरम्भ में राजपाल एंड संज से आई थी. अपने ढंग की अलग सी शैली की इस रूहानी किताब की समीक्षा लिखी है कवयित्री स्मिता सिन्हा ने- मॉडरेटर ===================== तेरे पास में बैठना भी इबादत तुझे दूर …

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लड़की होना कोई मज़ाक है क्या!

रचना भोला यामिनी के प्यार भरे किस्से हम पढ़ते रहते हैं. यह नया है. बताइयेगा, कैसा लगा- मॉडरेटर ======================================== प्यार… और क्या जीवन में प्यार इतने  रंगों और रूपों में बसा है कि इसे देखने के लिए आपको मन की आँखों से देखना होगा.. दिल की धड़कनों से सुनना होगा …

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मन के मंजीरे: कुछ लव नोट्स

रचना भोला यामिनी जानी-मानी अनुवादिका हैं. वह बहुत अच्छा गद्य भी लिखती हैं. बानगी के रूप में पढ़िए उनके कुछ लव नोट्स- मॉडरेटर ============ मन के मंजीरे — तुम हो तो बजते हैं मन के मंजीरे— मन गुनगुनाता है] सुनाता है हरदम अपना ही राग। मन की उसी रागिनी से …

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सीता सही मायने में धरती पुत्री थीं

सुबह मैंने सीता जयंती के मौके पर देवदत्त पट्टनायक की किताब ‘सीता के पांच निर्णय’ का एक प्रसंग साझा किया था. बाद में ध्यान आया कि देवदत्त पट्टनायक की एक और किताब है ‘सीता’ जिसका अनुवाद जानी मानी अनुवादिका रचना भोला यामिनी ने किये है. मंजुल प्रकाशन से आई इस …

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रचना भोला यामिनी की स्मरण-कथाएं

सोशल मीडिया ने लेखन की नई नई विधाओं के लिए स्पेस बनाया है. बनी-बनाई विधाओं में तोड़-फोड़ करते हुए. उदाहरण के लिए रचना भोला यामिनी के इन छोटे छोटे गद्यांशों को ही ले लीजिये. चाहे तो इसे स्मरण-कथा नाम दे सकते हैं. बहरहाल, पढने में कितना अच्छा लगता है? पढ़कर …

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