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Tag Archives: विजय शर्मा

रितुपर्णो घोष की फ़िल्म ‘शुभो मुहूर्त’ पर विजय शर्मा का लेख

रितुपर्णो घोष की फ़िल्में उपन्यास की तरह होती हैं। किसी क्लासिक उपन्यास की तरह बार बार थोड़ा-बहुत देखने लायक़। ‘शुभो मुहूर्त’ तो अगाथा क्रिश्टी के उपन्यास पर आधारित है और रितुपर्णो द्वारा निर्देशित एकमात्र मर्डर मिस्ट्री है। इस फ़िल्म पर विजय शर्मा का लेख पढ़िए। यह उनकी आगामी किताब का …

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लव इन टाइम ऑफ़ कॉलरा: प्रेम की अनोखी दास्तान

वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा ने मार्केज़ के महान उपन्यास ‘लव इन द टाइम ऑफ़ कॉलरा’ पर यह लेख लिखा है। इस लेख में उपन्यास और उस पर बनी फ़िल्म दोनों  के बारे में लिखते हुए उन्होंने यह दिखाया है कि क्यों प्रेम का ज़िक्र मार्केज़ के इस उपन्यास की चर्चा …

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गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की कहानी ‘संत’

कुम्भ के मौसम में मार्केज़ की इस कहानी की याद आई. वैज्ञानिकता के असर में हम सभ्यता को इकहरा बनाते-समझते हैं जबकि इसकी कई परतें हैं, कई रूप भी. कहानी का अनुवाद विजय शर्मा ने किया है- मॉडरेटर ================== बाइस वर्ष बाद ट्रास्टवेयरे की पतली रहस्यमयी गलियों में से एक …

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आपने ‘श्योरली, यू आर जोकिंग मिस्टर फ़ाइनमैन’ पढ़ी है?

यह साल फिजिक्स के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता रिचर्ड फ़िलिप्स फ़ाइनमैन की जन्म शताब्दी का साल है. उनके ऊपर एक रोचक लेख लिखा है जानी मानी लेखिका विजय शर्मा ने- मॉडरेटर ========================================  फ़िलिप्स फ़ाइनमैन से मेरा परिचय मेरे एक प्रिंसीपल फ़ादर हेस ने कराया था। फ़ाइनमैन से पहले मैं फ़ादर …

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अपने लिए खुद का एक कमरा चाहती है स्त्री

 वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा की पुस्तक ‘विश्व सिनेमा में स्त्री’ के लोकार्पण समारोह की रपट- मॉडरेटर =================================================== लौह नगरी जमशेदपुर में 25 फरवरी की वासंती सुबह होटल मिष्टी इन के भव्य सभागार में साहित्य, कला और सिनेमा प्रेमियों ने फिल्म पर समीक्षात्मक लेखन के क्षेत्र में एक विशिष्ट अध्याय जुड़ते हुए देखा। मौका …

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युवा शायर विजय शर्मा की कहानी ‘लिविंग थिंग’

आज पेश है युवा शायर विजय शर्मा की कहानी लिविंग थिंग – त्रिपुरारि ==================================================== छुट्टियों वाले दिन नींद अक्सर जल्द खुल जाया करती है..यदि छुट्टी सोमवार की हो, तो शायद और भी जल्द.. सुबह के नौ बज चुके थे और अयान अबतक अपनी बिस्तर में क़ैद था.. हालाँकि पिछले दो …

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‘सृजन संवाद’ गोष्ठी में अजय मेहताब की कहानी एवं कहानी कहने पर फ़िल्म प्रदर्शन

जमशेदपुर में एक संस्था है ‘सृजन संवाद‘, जो नियमित रूप से साहित्यिक गोष्ठी करती है और हर बार कुछ विविध करती है. वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा की रपट- मॉडरेटर ===================== बरसात के बावजूद ‘सृजन संवाद’ की गोष्ठी में लोग पहुँचे। ‘सृजन संवाद’ के छठवें वर्ष की दूसरी गोष्ठी में आज …

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मार्केज़ की कहानी ‘मैं सिर्फ़ एक फ़ोन करने आई थी’

मार्केज मेरे प्रिय लेखकों में हैं और उनकी कई कहानियाँ हमारी सोच को बादल कर रख देती है। हमारी देखी भाली दुनिया को ऐसे दिखाते हैं की सब कुछ जादुई लगने लगता है। यह कहानी भी वैसी ही है। अनुवाद किया है वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा ने- मॉडरेटर ================= गैब्रियल …

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मैन इन गॉड्स ऑन लैंड: ‘द गॉड ऑफ़ स्मॉल थिंग्स’ में पुरुष के तीन चेहरे

    इन दिनों अरुंधति रॉय अपने नए उपन्यास की वजह से चर्चा में हैं. विजय शर्मा जी ने उनके पहले उपन्यास ‘ गॉड ऑफ़ स्मॉल थिंग्स’ के पुरुष पात्रों की पड़ताल की है.   अरुंधति राय का उपन्यास ‘द गॉड ऑफ़ स्मॉल थिंग्स’ उपन्यास जेंडर के विषय में है – …

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भारत का आम आदमी- सीधा-सादा, मेहनती, ईमानदार

वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा ने दिल्ली यात्रा और एक ऑटोचालक पर बड़ा दिलचस्प संस्मरण लिखा है. साझा कर रहा हूँ- मॉडरेटर ============ इस बार की दिल्ली यात्रा में समय कम था और काम बहुत ज्यादा। दिल्ली खूब फ़ैल गई है। अब अव्ह दिल्ली नहीं है जो अस्सी के दशक में …

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