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Tag Archives: सुरेन्द्र मोहन पाठक

दिल की दहलीज़ प’ बैठी है कोई शाम उदास

सुहैब अहमद फ़ारूक़ी ज़िम्मेदार पुलिस अधिकारी हैं और शायर हैं। उनका यह सफ़र 25 साल का हो चुका है। उन्होंने अपने इस सफ़र की दास्तान लिखी है, जो प्रसिद्ध लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक की भूमिका के साथ प्रस्तुत है- मॉडरेटर =============================== जश्न-ए-तनवीर* भला कैसे मनाऊँ बोलो, दिल की दहलीज़ प’ …

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मोमबत्ती दिलवाली रात भर जलती रही

सुरेन्द्र मोहन पाठक ने अपनी आत्मकथा के दूसरे खंड ‘हम नहीं चंगे बुरा न कोय’ में अमृता प्रीतम से मुलाक़ात का ज़िक्र किया। आत्मकथा के पहले खंड में उन्होंने इंद्रजीत यानी इमरोज़ के बारे में लिखा था, दूसरे खंड में भी उन्होंने लिखा है कि एक कलाकार के रूप में …

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सुरेन्द्र मोहन पाठक की आत्मकथा का एक रोचक अंश

सरताज लोकप्रिय लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक की आत्मकथा का दूसरा खंड ‘हम नहीं चंगे… बुरा न कोय’ का एक अंश पढ़िए,पुस्तक का प्रकाशन राजकमल प्रकाशन से हुआ है। कल इस पुस्तक का लोकार्पण दिल्ली के त्रिवेणी सभागार में है। समय हो तो अवश्य आइएगा- मॉडरेटर ==================================== फिर विमल सीरीज का …

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सुरेन्द्र मोहन पाठक और उनका नया उपन्यास ‘क़हर’

मैं पहले ही निवेदन करना चाहता हूँ कि मैं सुरेन्द्र मोहन पाठक के अनेक उपन्यास पढ़े ज़रूर हैं लेकिन उनका फ़ैन नहीं रहा। लेकिन उनके विमल सीरिज़ की बात ही कुछ और है। विमल, जो क़ानून की नज़र में अपराधी है लेकिन वह एक ऐसा किरदार है जिससे आपको प्यार …

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सुरेन्द्र मोहन पाठक के नए उपन्यास ‘क़हर’ का जलवा

सुरेन्द्र मोहन पाठक का 300 वाँ उपन्यास ‘क़हर’ विमल सीरिज़ का 43 वाँ उपन्यास है। पाठक जी का विमल सीरीज़ पाठकों के दिल के बेहद क़रीब रहा है। यह बात इस उपन्यास से भी साबित हुआ है। इसने बिक्री का एक नया कीर्तिमान बनाया है। पढ़िए- =============================================== सुरेंद्र मोहन पाठक …

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‘पालतू बोहेमियन’ के लेखक के नाम वरिष्ठ लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक का पत्र

वरिष्ठ लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक जी ने मेरी किताब ‘पालतू बोहेमियन’ पढ़कर मुझे एक पत्र लिखा है। यह मेरे लिए गर्व की बात है और इस किताब की क़िस्मत भी कि पाठक जी ने ने केवल पढ़ने का समय निकाला बल्कि पढ़ने के बाद अपनी बहुमूल्य राय भी ज़ाहिर की। …

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देर आयद दुरुस्त आयद: सुरेन्द्र मोहन पाठक

अगला साल सुरेन्द्र मोहन पाठक के लेखन का साठवां साल है. साथ साल पहले उनकी एक कहानी ‘माया’ पत्रिका में प्रकाशित हुई थी. लेकिन अपने लेखकीय जीवन के साठवें साल में भी उनके पास नई-नई योजनायें हैं, अपने पाठकों के लिए नए नए प्लाट हैं. वे आज भी वैसे ही …

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सुरेन्द्र मोहन पाठक की आत्मकथा का अगला खंड राजकमल से

हिंदी में पाठक घट रहे हैं या बढ़ रहे हैं यह वाद विवाद का विषय हो सकता है लेकिन एक बात सच है कि हिंदी में पाठकजी(सुरेन्द्र मोहन पाठक) का विस्तार होता जा रहा है. कभी हिंदी में लुगदी साहित्य के पर्याय माने जाने वाले इस लेखक ने निस्संदेह हिंदी …

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लोकप्रिय लेखन सम्राट सुरेन्द्र मोहन पाठक अब पेंग्विन रैंडम हाउस इण्डिया से

हिंदी लोकप्रिय लेखन सम्राट सुरेन्द्र मोहन पाठक के प्रसिद्ध विमल सीरीज की आगामी दो किताबें अब हिंद पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होंगी. जैसा कि विदित हो पेंग्विन-रैंडम हाउस ने हिंदी के सबसे प्रतिष्ठित प्रकाशकों में एक हिन्द पॉकेट बुक्स का हाल में ही अधिग्रहण कर लिया है और उसके बाद …

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सुरेंद्र मोहन पाठक की नजर से हिन्द पॉकेट बुक्स का इतिहास

हाल में हिंदी प्रकाशन जगत में एक बड़ी घटना बड़ी खामोशी से हुई. पेंगुइन रैंडम हाउस और हिन्द पॉकेट बुक्स प्रकाशन एक हो गई. हिंदी में पॉकेट बुक्स क्रांति लाने में हिन्द पॉकेट बुक्स की बड़ी भूमिका रही है. हिंदी के सबसे लोकप्रिय लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक ने हिन्द पॉकेट …

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