Home / Tag Archives: सुशील कुमार भारद्वाज (page 2)

Tag Archives: सुशील कुमार भारद्वाज

पटना पुस्तक मेला की पॉलिटिक्स क्या है?

पटना पुस्तक मेला को किताबों की दुनिया का कुम्भ कहा जा सकता है. बिहार में पुस्तक संकृति को बचाए बनाये रखने में इसका बहुत योगदान रहा है. इसी कारण इससे अपेक्षाएं भी बहुत होती हैं. कल 23 वें पुस्तक मेला का समापन हो गया. एक संतुलित रपट पढ़िए सुशील कुमार …

Read More »

खरीद बिक्री के आंकड़े साहित्य के मूल्य तय नहीं करते- ऋषिकेश सुलभ

आज ऋषिकेश सुलभ का जन्मदिन है. वरिष्ठ पीढ़ी के सबसे सक्रिय लेखकों में एक सुलभ जी ने अपने नाटकों, अपनी कहानियों से एक बड़ा पाठक वर्ग बनाया है. सबसे बड़ी बात यह है कि बिहार के वे उन दुर्लभ लेखकों में हैं जिन्होंने समकालीन युवा लेखकों से निरंतर संवाद बनाया …

Read More »

कलाकारों के आरोप- प्रत्यारोप और सरकार के आश्वासन

हाल में ही संपन्न हुए पटना फिल्म फेस्टिवल पर सुशील कुमार भारद्वाज की रपट- मॉडरेटर  ===================================================== बिहार में वर्ष 2016 की शुरूआत फिल्मों के नजरिए से अच्छी मानी जा सकती है. एक महीने के भीतर राजधानी पटना में तीन फिल्म फेस्टिवल आयोजित किए गए और तीनों ही अपने अपने कारणों …

Read More »

साहित्य एक अनवरत यात्रा है- अवधेश प्रीत

अवधेश प्रीत गंभीर लेखकों में से एक हैं जो अपने समय के जरूरी सवालों में हस्तक्षेप करते हैं और सक्रिय पत्रकारिता करते हुए हस्तक्षेप, नृशंस, हमजमीन, कोहरे में कंदील, और चांद के पार एक चाभी जैसे पांच कहानी संग्रह दिए. इनकी कई कहानियों का उर्दू में अनुवाद ही नहीं हुआ बल्कि कुछ का नाट्य-मंचन …

Read More »

अवधेश प्रीत और ‘चाँद के पार एक चाभी’

अवधेश प्रीत हमारे दौर के एक जरूरी लेखक हैं. पिछले दिनों उनकी एक कहानी ‘हंस’ में आई थी- ‘चाँद के पार एक चाभी’. गाँव के बदलते हुए यथार्थ का बड़ा अच्छा रचनात्मक पाठ है उसमें. उसी कहानी पर एक टिप्पणी की है युवा पाठक-लेखक सुशील कुमार भारद्वाज ने- मॉडरेटर  ===================================== …

Read More »

अमीर खुसरो पर नाटक लिखने की तैयारी में हूँ- उषाकिरण खान

वरिष्ठ लेखिका उषाकिरण खान हिंदी, मैथिली साहित्य की जानी पहचानी लेखिका हैं. उनके नए उपन्यास ‘अगनहिंडोला’ के बहाने पेश है सुशील कुमार भारद्वाजसे हुई उनकी कुछ बातें:- ————————————————————————————— आपका नया उपन्यास अगनहिंडोला आया है? अगनहिंडोला का क्या मतलब है? अगनहिंडोला ब्रजभाषा का एक शब्द है| जो दो शब्दों से बना है- …

Read More »

छोटे-छोटे शहरों में ‘तनु वेड्स मनु’

फिल्मों को लेकर सोशल मीडिया पर भी आम तौर पर महानगरों के दर्शकों की प्रतिक्रियाएं ही आ पाती हैं. हम छोटे शहरों के दर्शकों की राय तक नहीं पहुँच पाते. ‘तनु वेड्स मनु’ पर आज पटना में रहने वाले सुशील कुमार भारद्वाज की टिप्पणी छोटे शहर के दर्शक की प्रतिक्रिया …

Read More »

यह साहित्य के भूकम्पोत्तर काल का आयोजन था!

बिहार में संपन्न हुए अखिल भारतीय कहा समारोह पर यह टिप्पणी पटना के युवा साहित्य प्रेमी, समीक्षक सुशील कुमार भारद्वाज ने लिखी है. ईमानदारी से अपने अनुभवों को बयान किया है- मॉडरेटर  ============================================================= बिहार में साहित्य के प्रति लोगों में गजब का जूनून देखने को मिलता है| इसका ताजा उदाहरण …

Read More »

भूकंप के झटकों के बीच पटना में कहानी का झटका

पटना में दिनांक 25-27 अप्रैल को आयोजित ‘अखिल भारतीय हिंदी कथा समारोह‘ के बारे में फेसबुक स्टेटस से यह पता चल रहा था कि वहां क्या नहीं हो रहा था. सच बताऊँ तो मुझे सबसे पहले इस आयोजन की खबर अनंत विजय के फेसबुक स्टेटस से ही हुई. बहरहाल, पटना …

Read More »