Home / Tag Archives: सुहैब अहमद फ़ारूक़ी

Tag Archives: सुहैब अहमद फ़ारूक़ी

दुर्गा पूजा की यादें

सुहैब अहमद फ़ारूक़ी पुलिस अधिकारी हैं, जाने माने शायर हैं, साहित्य प्रेमी हैं। आज से दुर्गा पूजा शुरू हुआ है। ज़रा उनकी यह अनुभव कथा पढ़िए- =========================== पुलिस ड्यूटी की अहमियत  असंगत व ग़ैर-मामूली समय ही में महसूस होती है। आम समय में तो मामूली लोग भी ‘संगत’ कर लेते …

Read More »

मदरसा -एजुकेशन के दिन

सुहैब अहमद फ़ारूक़ी पुलिस अधिकारी हैं लेकिन संजीदा शायर हैं और अच्छे गद्यकार भी हैं। हम पहले भी पातालकोट पर लिखी उनकी रिव्यू पढ़ चुके हैं। आज मदरसे में पढ़ने के उनके अनुभव पढ़िए। इससे मंडरा शिक्षा की एक झलक भी मिल जाती है- =========== मदरसा और उसमें दी जाने …

Read More »

ईद पर सुहैब अहमद फ़ारूक़ी की ग़ज़लें

आज ईद है। मुझे कल चाँद दिखते ही ईदी मिल गई थी। भाई सुहैब अहमद फ़ारूक़ी ने अपनी ग़ज़लें ईद के तोहफ़े में भेजी। आप लोगों को भी ईद मुबारक के साथ साझा कर रहा हूँ- मॉडरेटर ==============   1   रफ़्ता रफ़्ता ख्वाहिशों को मुख़्तसर करते रहे रफ़्ता रफ़्ता …

Read More »

जन्नत, दोज़ख़ और पाताललोक

सुहैब अहमद फ़ारूक़ी पुलिस अधिकारी हैं, शायर हैं। वेब सीरिज़ पाताललोक पर उनकी कहानी पढ़िए। मुझे पाताललोक देखने की सलाह उन्होंने ही दी थी। अब समझ में आया क्यों दी थी। दिलचस्प है- प्रभात रंजन ========================================================= तनहाई का शोर है यूं घर आँगन में कैसे कोई बोले कैसे बात करे …

Read More »

दिल की दहलीज़ प’ बैठी है कोई शाम उदास

सुहैब अहमद फ़ारूक़ी ज़िम्मेदार पुलिस अधिकारी हैं और शायर हैं। उनका यह सफ़र 25 साल का हो चुका है। उन्होंने अपने इस सफ़र की दास्तान लिखी है, जो प्रसिद्ध लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक की भूमिका के साथ प्रस्तुत है- मॉडरेटर =============================== जश्न-ए-तनवीर* भला कैसे मनाऊँ बोलो, दिल की दहलीज़ प’ …

Read More »