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Tag Archives: anukriti upadhyay

बने बनाए शिल्प को तोड़ता कथानक

अनुकृति उपाध्याय ने अपने पहले कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ से सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया था। उसके पास अपनी कहानियाँ हैं और कहने की अपनी भाषा भी। उसके पहले लघु उपन्यास ‘नीना आँटी’ में यह विशिष्टता और उभर कर आई है। राजपाल एण्ड संज से प्रकाशित इस उपन्यास …

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अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘कलाकार और क्वारंटीन’

अनुकृति उपाध्याय समकालीन हिंदी कहानी में अपने अलग मिज़ाज, कहन की विशिष्ट शैली के कारण जानी जाती हैं। उनके पहले कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ को पाठकों-आलोचकों का ध्यान खींचा था। अंग्रेज़ी में तीन उपन्यास लिख चुकी इस लेखिका का पहला हिंदी उपन्यास जल्दी ही आने वाला है। आप यह कहानी …

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अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘बिल्लियाँ’

अनुकृति उपाध्याय अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में लिखती हैं और ख़ूब लिखती हैं। हिंदी वाले उनको अपने कथा संग्रह ‘जापानी सराय’ के लिए याद करते हैं तो अंग्रेज़ी में आजकल वह अपने उपन्यास ‘किंसुगी’ के कारण चर्चा में हैं। फ़िलहाल आप उनकी नई कहानी पढ़िए ‘बिल्लियाँ’। समकलीं कथाकारों में कहानी लिखने …

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अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘धानी’

अनुकृति उपाध्याय आजकल अपने अंग्रेज़ी उपन्यास kintsugi के कारण चर्चा में हैं। हम हिंदी वाले उनको ‘जापानी सराय’ की लेखिका के रूप में जानते हैं। बहुत अलग कहानियाँ लिखती हैं। ‘धानी’ उनकी नई कहानी है जो कुछ समय पहले हंस पत्रिका के पीडीएफ़ अंक में प्रकाशित हुई थी। आप भी …

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प्रवास एक चुना हुआ निर्वासन है

हिंदी और अंग्रेज़ी की सुपरिचित लेखिका अनुकृति उपाध्याय ने यात्राओं, प्रवास और अपने रचनात्मकता के ऊपर यह छोटा सा लेख लिखा है-मॉडरेटर =================== प्रवास और यात्राओं का लेखकों के मानस , उनकी रचनात्मकता और कथाभूमि पर प्रभाव जानी हुई बात है। अज्ञेय, निर्मल वर्मा, उषा प्रियंवदा के लेखन में उनके …

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महिला दिवस क्यों कहते हैं ? स्त्री दिवस क्यों नहीं?

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। इस मौक़े पर युवा लेखिका अनुकृति उपाध्याय का यह लेख पढ़िए- मॉडरेटर ========================= जब मेरा बेटा तीन या चार साल का था, हम अक्सर एक किताब पढ़ा करते थे – सालाना बाल कटाई दिवस। रंग-बिरंगी चित्र-पुस्तक थी और सरल सी कहानी – एक व्यक्ति साल …

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अनुकृति उपाध्याय का व्यंग्य ‘मेला देखन मैं गई’

‘जापानी सराय’ की लेखिका अनुकृति उपाध्याय ने इस बार व्यंग्य लिखा है। फागुन में साहित्य महोत्सवों की संस्कृति पर एक फगुआया हुआ व्यंग्य। आप भी पढ़िए- मॉडरेटर ================= मेला देखन मैं गई भूतपूर्व अभिनेत्री सत्र शुरू होने के आधे घंटे बाद लहराती हुई आई थी और छद्म मासूमियत के साथ …

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अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘अमुक शहर का हाथी’

युवा लेखिका अनुकृति उपाध्याय की यह कहानी समकालीन संदर्भों में बहुत अर्थगर्भित है। एक पोलिटिकल कहानी। मूल कहानी अंग्रेज़ी में The Curious Reader पर प्रकाशित हुई थी, जिसका अनुवाद स्वयं लेखिका ने किया है- अमुक शहर का हाथी– मॉडरेटर ================= अमुक शहर का हाथी ‘उन्होंने हमारे हाथी का अपमान किया …

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मुंबई का प्रतिरोध ज़ारी है

जेएनयू में विद्यार्थियों के ऊपर हुए हमले के बाद स्वतःस्फूर्त ढंग से कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए। मुंबई में गेटवे ऑफ़ इंडिया पर हुए प्रदर्शन में युवा लेखिका अनुकृति उपाध्याय ने भी भाग लिया था। उन्होंने उस माहौल, उस अनुभव का आँखों देखा हाल लिखा है- ================================ ऑक्युपाइ गेट वे …

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गंगा पर  कोहरे की परियाँ नाच  रही हैं

ठंड में रज़ाई में बैठकर अच्छी रचनाएँ पढ़ने का अपना ही सुख है। आज पढ़िए अनुकृति उपाध्याय की नई रचना। बनारस की पहली यात्रा से लौटकर लिखा है- मॉडरेटर ================ हरे काँच की गंगा काशी के घाटों के पीले प्रस्तरों से टिकी बह रहीं हैं। बह क्या रहीं हैं, बहने …

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