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Tag Archives: devesh path sariya

     कविता सरहदों के पार, हक़ीक़त के बीच दरार और कुछ बेतरतीब विचार: ली मिन युंग

ताइवान के वरिष्ठ कवि एवं आलोचक ली मिन-युंग की कविताओं के हिंदी अनुवाद का संकलन ‘हक़ीक़त के बीच दरार’ जुलाई में पाठकों तक पहुंचा, जिसका अनुवाद युवा कवि देवेश पथ सारिया ने किया है। साहित्यिक संस्कृति की इस साझेदारी के अनुभव को ली मिन-युंग ने इस लेख के माध्यम से …

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ताइवान के कवि ली मिन-युंग की कविताओं पर टिप्पणी

ताइवान के वरिष्ठ कवि ली मिन-युंग की कविताओं का हिन्दी अनुवाद कवि और अनुवादक देवेश पथ सारिया ने किया है। किताब कलमकार मंच, जयपुर से प्रकाशित हुई है। उस पुस्तक पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक मनीष कुमार यादव ने- ====================================== ली मिन-युंग की कविताएँ किसी महत्वपूर्ण मानवीय विशेषता …

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कठिन विषय का बेहतर निर्वाह

देवेश पथ सारिया उन कुछ युवा कवियों में हैं जो अच्छा गद्य भी लिखते हैं। ख़ासकर आलोचनात्मक गद्य। यह टिप्पणी उन्होंने युवा लेखिका अणुशक्ति सिंह के उपन्यास ‘शर्मिष्ठा’ के ऑडियो बुक को सुनकर लिखी है। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित यह उपन्यास ऑडियो बुक में स्टोरीटेल पर उपलब्ध है। आप युवा …

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एक मस्तमौला की जीवन कथा ‘अंदाज़-ए-बयां उर्फ रवि कथा’

युवा लेखकों को पढ़ने से उत्साह बढ़ता है। वैसे युवा लेखकों को पढ़ने से और भी जो अपनी परम्परा से जुड़ना चाहते हैं, उसको समझना चाहते हैं। युवा कवि देवेश पथ सारिया ने ममता कालिया की किताब ‘अंदाज़े-बयाँ उर्फ़ रवि कथा’ पर जो लिखा है उसको पढ़कर याहि अहसास हुआ। …

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प्रिंट बनाम/सह डिजिटल: ‘पहल’ के बंद होने के संदर्भ में

पिछले दिनों ज्ञानरंजन जी की पत्रिका ‘पहल’ के बंद होने की खबार आई तो फ़ेसबुक पर काफ़ी लोगों ने लिखा। युवा कवि-लेखक देवेश पथ सारिया ने इस बहाने प्रिंट बनाम डिजिटल की बहस पर लिखा है। एक ऐसा लेख जिसके ऊपर बहस होनी चाहिए- ========================= वरिष्ठ कथाकार ज्ञान रंजन जी …

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देस: देशज संदर्भों का आख्यान

विनोद पदरज के कविता संग्रह ‘देस’ की समीक्षा युवा कवि देवेश पथ सारिया ने लिखी है। आप भी पढ़ सकते हैं- ============================================== विनोद पदरज देशज कवि हैं। वे राजस्थान की खांटी संस्कृति का हिंदी कविता में सशक्त प्रतिनिधित्व करते हैं। बीते वर्षों में सोशल मीडिआ के उदय ने इस स्वभाव …

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                          चेतना पारीक होने का बोझ

देवेश पथ सारिया युवा कवि हैं। ताइवान के एक विश्वविद्यालय में शोध छात्र हैं। उनका यह गद्यांश पढ़िए जो लेखक के रूप में सफलताओं-असफलताओं, युवा जीवन के सपनों को लेकर है। आप भी पढ़ सकते हैं- ==================== 29 दिसंबर 2020 शिन चू, ताइवान सुबह के 6:00 बजे हैं। यह मेरा …

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छठी बार का दूसरा वसंत:देवेश पथ सारिया

देवेश पथ सारिया ताइवान के एक विश्वविद्यालय में शोध कर रहे हैं और हिंदी के युवा लेखकों में उनका जाना माना नाम है। सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएँ प्रकाशित होती रही हैं। विश्वविद्यालय के अनुभवों को लेकर उन्होंने यह सुंदर गद्य लिखा है- ================================== सितम्बर 2020 शिन चू सिटी मेरी …

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अपनी सही चमक जानने वाला तारा बनना है!

देवेश पथ सारिया ताइवान के एक विश्वविद्यालय में शोध छात्र हैं, और हाल के दिनों में सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं, वेबसाइट्स-ब्लॉग्स में इनकी कविताएँ प्रकाशित हुई हैं, सराही गई हैं। इस लेख में उन्होंने युवा लेखन पर अपने कुछ विचार प्रकट किए हैं- मॉडरेटर =========   जब भी कोई अनुभवी लेखक …

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      कोरोना के समय में ताइवान : एक मेधावी चिंतक, मुस्तैद रक्षक

देवेश पथ सारिया ताइवान के एक विश्वविद्यालय में शोध छात्र हैं। वे हिंदी में कविताएँ लिखते हैं और सभी प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में उनकी रचनाएँ प्रकाशित होती रहती हैं। उनका यह लेख ताइवान में कोरोनाकाल के अनुभवों को लेकर है। बहुत विस्तार से उन्होंने बताया है कि किस तरह ताइवान ने …

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