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Tag Archives: manohar shyam joshi

लेखक बनने की पहली कोशिश, मनोहर श्याम जोशी और अमेरिकन सेंटर लाइब्रेरी

आज मनोहर श्याम जोशी जी की 12 वीं पुण्यतिथि है. इस अवसर पर उनकी स्मृति को प्रणाम करते हुए उनके ऊपर  अपनी लिखी जा रही किताब का एक अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ- प्रभात रंजन ============================================= आखिरकार उनके(मनोहर श्याम जोशी) घर बेतकल्लुफी से आने जाने का सिलसिला शुरू हो गया …

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मनोहर श्याम जोशी की कुछ दुर्लभ कविताएँ

कवि-संपादक पीयूष दईया इन दिनों दुर्लभ रचनाओं, कृतियों की खोज में लगे हुए हैं. उनके हाथ मनोहर श्याम जोशी जी की ये दुर्लभ कविताएँ लगीं. वैसे तो जोशी जी की सम्पूर्ण कविताएँ उनके मरणोपरांत ‘कूर्मांचली की कविताएँ’ शीर्षक से पुस्तकाकार प्रकाशित हो चुकी हैं. लेकिन ये कवितायें उस संकलन में …

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‘कसप’ सिर्फ प्रेम कहानी भर नहीं है

आज हिंदी के मूर्धन्य लेखक मनोहर श्याम जोशी के गुजरे 11 साल हो गए. उनके प्रेम-उपन्यास ‘कसप’ की रचना-प्रक्रिया पर उनका यह लेख प्रस्तुत है, जो उन्होंने मेरे कहने पर लिखा था और जो जनसत्ता में सबसे पहले प्रकाशित हुआ था. उनकी अमर स्मृति के नाम- जानकी पुल. ========================= हिंदी …

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बेशर्म समय की शर्म का व्यंग्यकार मनोहर श्याम जोशी

आज हिंदी के विलक्षण लेखक मनोहर श्याम जोशी की जयंती है. इस मौके पर राजकमल प्रकाशन से उनका प्रतिनिधि व्यंग्य प्रकाशित हुआ है. जिसका संपादन आदरणीय भगवती जोशी जी के साथ मैंने किया है. आज उनको याद करते हुए उस पुस्तक की भूमिका-प्रभात रंजन  ================================================ व्यंग्य मनोहर श्याम जोशी के …

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मनोहर श्याम जोशी से वह मेरी पहली मुलाकात थी

आज मनोहर श्याम जोशी जीवित होते तो 81 साल के होते. उनकी स्मृति को प्रणाम करता हूँ और उनके ऊपर लिखी जा रही अपनी किताब का एक अंश आपके लिए जो उनसे मेरी पहली मुलाकात को लेकर है- मॉडरेटर. ======================================================================= उदयप्रकाश ने एक दिन एक पतला-सा उपन्यास दिया ‘स्ट्रीट ऑफ …

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मनोहर श्याम जोशी के अप्रकाशित उपन्यास का अंश

प्रसिद्ध लेखक मनोहर श्याम जोशी अगर जीवित होते तो आज 80 साल के हो जाते. 9 अगस्त 1933 को पैदा हुए इस लेखक ने जिस विधा में भी लेखन में हाथ आजमाया उसमें अपनी विशिष्ट पहचान बनाई. आज उनके जन्मदिन के मौके पर जानकी पुल उनकी स्मृति को प्रणाम करता …

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‘किस्सा पौने चार यार’ का दूसरा यार’

मनोहर श्याम जोशी के पहले लिखे जा रहे उपन्यास ‘किस्सा पौने चार यार’ का यह अंश आज दैनिक हिन्दुस्तान ने प्रकाशित किया है. दुर्भाग्य से यह उपन्यास अधूरा रह गया, लेकिन १९६० के दशक में लिखे गए इस उपन्यास में जोशी जी के गद्य का वही अंदाज है. आप भी …

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मनोहर श्याम जोशी के एक अप्रकाशित उपन्यास का अंश

मनोहर श्याम जोशी ने १९६० के दशक में एक उपन्यास लिखना शुरू किया था- ‘किस्सा पौने चार यार’. इस उपन्यास का एक अंश १९६६ में ‘विग्रह’ नामक पत्रिका में छपा था. उपन्यास पूरा नहीं हो पाया. उस अधूरे-अप्रकाशित उपन्यास का एक अंश आपके लिए- जानकी पुल. =================================================== उझकि झरोखा झांके …

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काफल पाको त्वील नी चाखो

बेजोड़ गद्यकार मनोहर श्याम जोशी ने ‘कूर्मांचली’ के नाम से कविताएँ भी लिखी हैं. उन्होंने अपनी कविताओं के विषय में लिखा है कि अज्ञेय उनकी कविताओं को ‘तीसरा सप्तक’ में शामिल करना चाहते थे. लेकिन उन्होंने अपनी कविताएँ अज्ञेय जी को समय पर नहीं दी इसलिए वे ‘सप्तक कवि’ बनते …

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‘कसप’ मैंने घोर निराशा और मोहभंग की मनःस्थिति में लिखा: मनोहर श्याम जोशी

आज हिंदी के मूर्धन्य लेखक मनोहर श्याम जोशी जीवित होते तो ७८ साल के हुए होते. आज उनके जन्मदिन पर उनके प्रेम-उपन्यास ‘कसप’ की रचना-प्रक्रिया पर उनका यह लेख प्रस्तुत है, जो उन्होंने मेरे कहने पर लिखा था और जो जनसत्ता में सबसे पहले प्रकाशित हुआ था. उनकी अमर स्मृति …

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