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Tag Archives: prachand praveer

भयावह फिल्मों का अनूठा संसार

प्रचण्ड प्रवीर विश्व सिनेमा पर सीरिज लिख रहे हैं. यह दूसरी क़िस्त है ‘हॉरर’ फिल्मों पर. इस लेख में न सिर्फ कुछ महान हॉरर फिल्मों का उन्होंने सूक्ष्म विश्लेषण किया है बल्कि शास्त्रों के भयानक रस के आधार पर भी उन्हें देखने का प्रयास किया है. सिनेमा और रस सिद्धांत …

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प्राण के निधन के साथ हम सबका बचपन हमसे छिन गया

चाचा चौधरी, साबू, श्रीमती जी, पिंकी, चन्नी चाची और राका जैसे किरदारों के रचयिता कार्टूनिस्ट प्राण के जाने से हमारे बचपन का एक बड़ा हिस्सा हमसे जुदा हो गया. उनको याद करते, उनकी मुलाकातों को याद करते हुए युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर ने बहुत आत्मीय लेख लिखा है- मॉडरेटर. =================================================== …

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भारतीय दृष्टिकोण से विश्व सिनेमा का सौंदर्यशास्त्र

युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर ने विश्व सिनेमा पर यह श्रृंखला शुरू की है. विश्व सिनेमा को समझने-समझाने की कोशिश में. मुझे नहीं लगता कि इस तरह से विश्व सिनेमा के ऊपर हिंदी में कभी लिखा गया है. सिनेमा के अध्येताओं और उसके आस्वादकों के लिए समान रूप से महत्व का. …

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ये किसने पुकारा है, ये किसका निमंत्रण है

उपन्यासकार प्रचण्ड प्रवीर कविताएं भी लिखते हैं. क्लासिकी अंदाज की कविताएं. हिंदी कविता के समकालीन चलन से हट कर. लेकिन उनकी इस कविताई का भी आकर्षण सम्मोहक हो जाता है कई बार. आप भी देखिये- मॉडरेटर. =======================  अनामिका और चन्द्रमा चन्द्रमा मुझे देखते उतर आया ! सोने की थाली में …

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हिन्दी फिल्मों का सौंदर्यशास्त्र

आइआइटी-पलट युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर अक्सर अपने सिनेमा ज्ञान से चमत्कृत कर देते हैं. हिंदी में में सिनेमा पर लिखने वाले विद्वानों में मेरे जानते सबसे मौलिक प्रतिभा ब्रजेश्वर मदान में थी, फिर नेत्र सिंह रावत थे. विष्णु खरे और विनोद भारद्वाज मेरे लिहाज से उस सूची में बहुत नीचे …

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गुलज़ार ने परंपरा और प्रयोग के मेल से एक नई परंपरा विकसित की

गुलज़ार की सांस्कृतिक उपस्थिति विराट है. फिल्मों से लेकर साहित्यिक दुनिया में पिछले करीब 60 सालों से वे मिली जुली जुबानों और संस्कृतियों के सबसे बड़े प्रतीकों में एक रहे हैं. उनको दादासाहेब फालके सम्मान मिलना उस परंपरा का सम्मान है. इस मौके पर उनकी कला को एक अलग ढंग …

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लेखक को बेस्टसेलर की अभिलाषा से मुक्त होना चाहिये

हमारी कोशिश है कि हिन्दी में बेस्टसेलर को लेकर हर तरह के विचार सामने आएं। पहले के दो लेखों में यथार्थवादी बातें आई आज कुछ आदर्श की बातें कर लें। हिन्दी में नए ढंग के लेखन की शुरुआत करने वाले प्रचण्ड प्रवीर ने बेस्टसेलर को लेकर दो-टूक बातें की हैं, …

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किताबें, किताबों की दुनिया, किताबों का मेला

आज विश्व पुस्तक मेले की शुरुआत हो रही है। इस मौके पर किताबों के आकर्षण, उसकी दुनिया, कनवरजेंस के दौर में किताबों के महत्व को लेकर प्रचंड प्रवीर ने एक बहुत अच्छा लेख लिखा है, खास आपके लिए।  ============ आज से करीब ढाई हज़ार साल पहले सुकरात ने लिखने के बारे …

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इक्कीस बंदूकों की सलामी के साथ सुचित्रा जी रुख़सत हो गयीं!

भारतीय सिनेमा की महान अदाकाराओं में एक सुचित्रा सेन का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनको श्रद्धांजलि देते हुए यह लेख लिखा है ‘अल्पाहारी गृहत्यागी’ उपन्यास के लेखक प्रचंड प्रवीर ने। महज एक हजार शब्दों में कितना बेहतरीन लिखा जा सकता है यह इस युवा लेखक के इस …

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बाल साहित्य के सजग सैनिक को शोकाकुल पाठक की भावभीनी श्रद्धांजलि!

प्रसिद्ध बाल-कथा लेखक हरिकृष्ण देवसरे का निधन हो गया. वे ‘पराग‘ के संपादक थे. ऐसा लगा जैसे हमारी बचपन की स्मृतियों का एक स्थायी कोना खाली हो गया हो. उनके अवदान को याद करते हुए लेखक प्रचण्ड प्रवीर ने बहुत अच्छा लेख लिखा है. इस लेख के साथ देवसरे जी …

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