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Tag Archives: pradipika sarswat

गर फ़िरदौस बर-रू-ए-ज़मीं अस्त/ हमीं अस्त ओ हमीं अस्त ओ हमीं अस्त

प्रदीपिका सारस्वत के लेखन से कौन परिचित नहीं है। उन्होंने किंडल पर ईबुक के रूप में ‘गर फ़िरदौस’ किताब प्रकाशित की, जो कश्मीर की पृष्ठभूमि पर है। किताब कीअच्छी चर्चा भी हो रही है। उसका एक अंश पढ़िए, एक क़िस्सा पढ़िए- मॉडरेटर ============================== हमज़ा नाम था उसका, तीन महीने पहले …

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प्रदीपिका सारस्वत की कविताएँ और कश्मीर

प्रदीपिका सारस्वत कश्मीर में लम्बा समय बिताकर अभी हाल में लौटी हैं। कुछ कविताओं में घाटी के दिल के दर्द को महसूस कीजिए- मॉडरेटर =======================   कश्मीर पर तीन कविताएँ       ऑप्रेसर     मैं एक व्यक्ति थी मेरा एक नाम था, एक चेहरा उसी की तरह मैं …

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प्रदीपिका सारस्वत की नई कहानी ‘शायद’

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत की कहानियों, कविताओं का अपना अलग ही मिज़ाज है। वह कुछ हासिल करने के लिए नहीं लिखती हैं बल्कि लिखना ही उनका हासिल है। यह उनकी नई कहानी है- मॉडरेटर ================== मैं घर लौटा हूँ. एक अरसे बाद. लेकिन इस शहर की तरफ निकलने से पहले …

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प्रदीपिका सारस्वत की कहानी ‘इनफ़िडल’

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत के लेखन की कैफ़ियत बहुत अलग है। उलझी हुई गुत्थी की तरह। फ़िलहाल उनकी एक कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ===== इनफ़िडल अगर ये कहानी, ‘एक लड़की थी’ से शुरू होगी तो क्या आप इसे पढ़ैंगे? शायद हाँ, शायद नहीं. पर ये कहानी एक लड़की थी से ही …

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