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Tag Archives: tripurari kumar sharma

मेरी क़िस्मत में मुहब्बत के सिवा सबकुछ है

रात की बारिश के बाद सुबह सुबह रूहानी ग़ज़लें पढने को मिल जाएँ तो इससे बड़ी नेअमत और क्या हो सकती है. त्रिपुरारि कुमार शर्मा की ग़ज़लें मैं तबसे पढता रहा हूँ जब वे चिराग के तखल्लुस से लिखा करते थे. लेकिन इन गज़लों को पढ़कर लगा कि चिराग नामक …

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कुछ कविताएं आजादी के नाम

आज स्वतंत्रता दिवस पर आजादी की कुछ कविताओं के साथ जानकी पुल की तरफ से सभी आजादी मुबारक. कवि हैं त्रिपुरारि कुमार शर्मा– मॉडरेटर========================= आज़ादी जुबां तुम काट लो या फिर लगा दो होंठ पर ताले मिरी आवाज़ पर कोई भी पहरा हो नहीं सकता मुझे तुम बंद कर दो …

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कोई भी मुझे इंतज़ार के सिवा कुछ नहीं दे सकता

पुलित्ज़र पुरस्कार विजेता पहली अश्वेत लेखिका ग्वेंडोलीन ब्रुक्स का जन्म 7 जून1917 को टोपेका, केन्सास, संयुक्त राज्य अमेरिका में हुआ. इस एफ्रो अमेरिकन लेखिका ने अश्वेत समाज के जीवन की लय को अपनी कविताओं में बखूबी सम्माहित किया है। उनकी कुछ कविताओं का सुन्दर अनुवाद किया है त्रिपुरारि कुमार शर्मा ने- मॉडरेटर  =========================== पागल …

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जिसे दुनिया मनमोहन देसाई कहती थी!

महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव में ड्रामा से अधिक मेलोड्रामा का तत्त्व हावी रहा, मेलोड्रामा बढ़ते ही मनमोहन देसाई की याद आती है. मुझे याद आता है कमलेश्वर जी कहते थे कि हिंदी का लेखक फ़िल्मी दुनिया में सफल इसलिए नहीं हो पाता क्योंकि वह अपने फ़िल्मी लेखन को मजबूरी …

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पामेला एंडरसन की कविता हिंदी अनुवाद में

किसे ख़बर थी कनेडियाई अदाकारा—पामेला एंडरसन—ज़िंदगी के कई रंगों में नहाने के बाद, हाल में ही दूसरी बार तलाक के बाद कविता की ओट में आ खड़ी होगी। हाल में पामेला ने एक लम्बी कविता लिखी है, जिसमें जीवन का भोगा हुआ यथार्थ और सच का नंगा सियाह रूप दिखाई …

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मुखौटा इंसान की सबसे बड़ी ज़रूरत है

कुछ कवि ऐसे होते हैं जिनको न ईनाम-इकराम मिलते हैं, न कविगण उनको अपनी जमात का मानते हैं, लेकिन इससे उनकी कविताओं की धार कम नहीं होती है. मुझे लगता है कि हिंदी कविता में आज अगर कुछ ताजगी नजर आती है तो ऐसे कवियों की कविताओं में ही. त्रिपुरारि …

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ग़ैरपाठकों को भी पाठक बनाना मेरा उद्देश्य है- पंकज दुबे

‘बिहार-यूपी के किसी छोटे गाँव से सत्तू-अचार भरी पेटी लिए, अपने पिता से पाए गए आईएएस बनने के सपने के साथ अधिकतर लोग दिल्ली यूनिवर्सिटी पढ़ाई करने आते हैं। इनमें से बहुतों का एक निज़ी सपना होता है: एक दूधिया गोरी पंजाबी लड़की के साथ सोना।’ इसी प्लॉट पर लिखे …

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कोफ़ी अवूनोर को श्रद्धांजलि स्वरुप उनकी एक लम्बी कविता हिंदी में

हाल में नैरोबी में हुए आतंकी हमले में घाना के कवि कोफ़ी अवूनोर भी मरने वालों में थे. उनकी एक लम्बी कविता का हिंदी अनुवाद किया है युवा कवि त्रिपुरारि कुमार शर्मा ने. जानकी पुल की तरफ से उस कवि को श्रद्धांजलि स्वरुप- जानकी पुल.================================ कोफी अवूनोर की कविता यह पृथ्वी, …

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खेल के चश्मे से कारोबारी दुनिया की समझ

हर्षा भोगले का नाम क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक जादुई क्रिकेट कमेंटेटर हैं. उनकी किताब आई है ‘जीतने के रास्ते’. खेल और प्रबंधन से जुड़े अपने अनुभवों के आधार पर एक व्यवहारिक और प्रेरणादायी पुस्तक. इसकी समीक्षा लिखी है त्रिपुरारि कुमार शर्मा ने. आपके लिए- जानकी पुल. ============================================ मशहूर दार्शनिक …

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दिल ये कहता है कोई याद शहर बाक़ी है

युवा लेखक त्रिपुरारि कुमार शर्मा ने नीलेश मिश्रा के ‘याद शहर’ की एक अच्छी समीक्षा लिखी है. आप भी पढ़िए शायद अच्छी लगे- जानकी पुल. ========================= मशहूर विचारक ‘बेकन’ का कथन है, “कुछ किताबें चखने के लिए होती हैं, कुछ निगल जाने के लिए। और कुछ थोड़ी-सी चबाने और पचाने …

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