Home / Tag Archives: vijay sharma (page 2)

Tag Archives: vijay sharma

जमशेदपुर में छः साल से चल रहा ‘सृजन संवाद’

यह रपट जमशेदपुर में चलाने वाली साहित्यिक गोष्ठी की है. साहित्य-सत्ता के केंद्र से दूर की गोष्ठियां अधिक रचनात्मक होती हैं. रपट पढ़िए. अंदाजा हो जायेगा- मॉडरेटर ======================== छ: वर्षों से निरंतर चल रही सीताराम डेरा की हमारी गोष्ठी का नामकरण हुआ। डॉ आशुतोष झा के सौजन्य से अब से …

Read More »

मार्केज़ की कहानी ‘सफ़ेद बर्फ़ पर लाल खून की धार’

कल हमने गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की बातचीत पढ़ी थी. आज उनकी एक कहानी का अनुवाद पढ़ते हैं. विजय शर्मा जी ने उनकी एक कहानी का अनुवाद किया है जिसके अंग्रेजी अनुवाद का शीर्षक है ‘द ट्रेल ऑफ़ योर ब्लड इन द स्नो’. कहानी मार्केज़ की अप्नी ख़ास ‘जादुई यथार्थवाद’ की …

Read More »

अम्बर्तो इको का उत्तर-आधुनिक मायालोक

उत्तर आधुनिकता के प्रमुख व्याख्याकारों, लेखकों में अम्बर्तो इको का नाम बहुत प्रमुखता से लिया जाता है. उनके ऊपर यह लेख विजय शर्मा ने लिखा है- मॉडरेटर  कुछ साल पहले एक फ़िल्म देख रही थी। खूब मजा आ रहा था। अपराध, हत्याएँ, रहस्य, जासूसी, भला किसे अच्छा न लगेगा? भूल-भुलैय्या …

Read More »

वाल्ट डिज्नी की जीवन-यात्रा हिंदी में

पिछले बरसों में हिंदी के प्रकाशन-जगत में तेजी से बदलाव हुए हैं. हाल के दो उदाहरणों का ध्यान इस सन्दर्भ में आता है- एक, स्टीव जॉब्स की जीवनी, जिसके हिंदी अनुवाद को हिंद पॉकेट बुक्स ने प्रकाशित किया. दूसरे, ‘सदा समय के साथ’ रहने वाले वाणी प्रकाशन ने एनिमेशन के …

Read More »