Home / ग़ज़ल (page 2)

ग़ज़ल

शहनाज़ रहमत की ग़ज़लें

आज पेश है शहनाज़ रहमत की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 दर्दे दिल हूँ मैं किसी का या कोई सूनी नज़र कुछ पता मुझको नहीं है कौन हूँ मैं क्या ख़बर गर्दिशें मुझको जलातीं अपनी भट्टी में अगर, ख़ूब सोने सी निखरती और जाती मैं सँवर मुझ से मेरा रास्ता …

Read More »

युवा शायर #24 अभिषेक कुमार ‘अम्बर’ की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है अभिषेक कुमार ‘अम्बर’ की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1  वो मुझे आसरा तो क्या देगा, चलता देखेगा तो गिरा देगा। क़र्ज़ तो तेरा वो चुका देगा, लेकिन अहसान में दबा देगा। हौसले होंगे जब बुलंद तेरे, तब समंदर भी रास्ता देगा। एक दिन …

Read More »

युवा शायर #22 मस्तो की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है मस्तो की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 जोडऩे में रात दिन खुद को लगा रहता हूँ मैं कौन ये कहता है की यक्सर  बना रहता हूँ मैं आईनों के शोर से हरदम घिरा रहता हूँ मैं देख के फिर अक्स अपना क्यों डरा …

Read More »

युवा शायर #21 सिराज फ़ैसल ख़ान की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है सिराज फ़ैसल ख़ान की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 हमीं वफ़ाओं से रहते थे बेयकीन बहुत दिलो निगाह में आये थे महज़बीन बहुत वो एक शख़्स जो दिखने में ठीक-ठाक सा था बिछड़ रहा था तो लगने लगा हसीन बहुत तू जा रहा …

Read More »

युवा शायर #20 शहबाज़ रिज़वी की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है शहबाज़ रिज़वी की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 उदासी ने समां बांधा हुआ है खुशी के साथ फिर धोका हुआ है मुझे अपनी ज़रूरत पर गई है मेरे अंदर से अब वो जा चुका है कहानी से अजब वहशत हुई है मेरा किरदार …

Read More »

युवा शायर #19 नज़ीर ‘नज़र’ की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है नज़ीर ‘नज़र’ की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ======================================================   ग़ज़ल-1   वो शे’र सुन के मिरा हो गया दिवाना क्या मैं सच कहूँगा तो मानेगा ये ज़माना क्या   कभी तो आना है दुनिया के सामने उसको अब उसको ढूँढने दैरो-हरम में जाना क्या …

Read More »

युवा शायर #18 प्रदीप ‘तरकश’ की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है प्रदीप ‘तरकश’ की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 मैं अगर हूँ भी तो बाज़ार की सूरत में नहीं सो मैं तुझ ऐसे ख़रीदार की क़िस्मत में नहीं इतना कहना है मुझे प्यार बहुत है तुम से और ये भी कि ये कहना मेरी …

Read More »

युवा शायर #17 सग़ीर आलम की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है सग़ीर आलम की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 कैसे कैसे मंज़र मेरी आँखों में आ जाते हैं, यादों के सब खंजर मेरी आँखों में आ जाते हैं। मेरी प्यासी आंखें फिर भी रह जाती हैं प्यासी ही, यूँ तो सात समंदर मेरी आँखों …

Read More »

युवा शायर #16 अक्स समस्तीपुरी की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है अक्स समस्तीपुरी की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 जुदाई में तेरी आंखों को झील करते हुए सबूत ज़ाया किया है दलील करते हुए मैं अपने आप से खुश भी नहीं हूँ जाने क्यों सो खुश हूँ अपने ही रस्ते तवील करते हुए न जाने …

Read More »

जंग की दास्तां बन गई मोहब्बत की ग़ज़ल

पिछले 2-3 बरसों में एक ग़ज़ल बहुत सुनाई पड़ी। ‘वो हम-सफ़र था मगर उस से हम-नवाई न थी’ …लेकिन कम लोगों को मालूम है कि मोहब्बत भरी ये ग़ज़ल, दरअसल सन्1971 में हुए इंडो-पाक जंग के बाद लिखी गई थी। बाद में जब पाकिस्तानी टीवी सीरियल ‘हमसफ़र’ के टायटल सॉन्ग …

Read More »