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प्रेमाकुल रागमंजरी और दुनियादार काममंजरी गणिकाओं की कथा:  मृणाल पाण्डे

‘बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथा’ प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे की कथा ऋंखला है जिसमें वह हिंदी-संस्कृत की कथा-परम्परा की याद दिला रही हैं। यह पंद्रहवीं कथा है जो सबसे अलग है और सबसे उदास भी। आप भी पढ़ सकते हैं- मॉडरेटर =============== (टीवी और सोशल मीडिया के नक्कारखाने में …

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मृणाल पाण्डे की कथा:भगवान का हाथ और सुबिया भिखारी की कथा

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे इन दिनों बच्चों को न सुनाने लायक बालकथाएँ लिख रही हैं। यह 14वीं किस्त है। यह कथा उत्तराखंड की एक लोक कथा पर आधारित है। लोक कथाओं की यह विशेषता होती है कि वे हर युग में प्रासंगिक लगती हैं। हर दौर में उनके युगानुकूल अर्थ …

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मोर, साहिब और मुसाहिब की कथा: मृणाल पाण्डे

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे आजकल बच्चों को न सुनाने लायक कहानियाँ लिख रही हैं। यह तेरहवीं कथा है। आजकल मोर चर्चा में हैं तो यह लोक कथा मोर से जुड़ी है। यह कथा सबसे बड़े ठग की बाबत कुमाऊं की एक पुरानी लोक-कथा पर आधारित है। ऐसी कई बोधकथाओं का …

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मृणाल पाण्डे की कथा ‘सास-बहू, भरवां करेले और नकचढी मूर्ति की कथा’    

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे बच्चों को न सुनाने लायक बालकथाएँ लिख रही हैं। यह बारहवीं कथा है। स्त्रियों के दुःख की अनंत कथाओं में एक कथा जो ना जाने लोक में कब से रही होगी। मृणाल जी ने उसको समकालीन बना दिया है। आप भी पढ़िए- =============================== बहुत दिन हुए, …

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शेर, आदमी और ज़ुबान का घाव: मृणाल पाण्डे

बच्चों को न सुनाने लायक बालकथा की यह ग्यारहवीं किस्त है। जानी मानी लेखिका मृणाल पाण्डे लोककथाओं को नए सिरे से लिख रही हैं और वे कथाएँ हमें अपने आसपास की लगने लग रही हैं। आइए इस कथा में जानते हैं कि शेरों ने मनुष्य के ऊपर कब भरोसा करना …

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चतुर मूर्ख और बेवकूफ राजा की कथा: मृणाल पाण्डे

बच्चों को न सुनाने लायक बालकथा-10 में इस बार पढ़िए प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे की लेखनी से निकला एक नई कथा। यह कथा गढ़वाली लोककथा पर आधारित है। लेकिन आज भी समकालीन लगने वाला रोचक और प्रासंगिक- ============================= हे गोल्ल देवता पहले तेरा सिमरन। दरिद्रता हर, दु:खों का अंत कर, …

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मृणाल पाण्डे की कथा ‘राजा की खोपड़ी उर्फ अग्रे किं किं भविष्यति?’        

प्रसिद्ध लेखिका, संपादक मृणाल पाण्डे आजकल प्रत्येक सप्ताह एक बोध कथा लिख रही हैं जो बच्चों को न सुनाने लायक़ हैं। यह आठवीं कड़ी है। इन पारम्परिक बोधकथाओं को पढ़ते हुए समकालीन समाज की विडंबनाओं का तीखा बोध होता है। जैसे यह कहानी देखिए इनमें किस भविष्य की आहट है- …

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खीर: एक खरगोश और बगुलाभगत कथा: मृणाल पाण्डे

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे आजकल बच्चों को न सुनाने लायक़ बालकथाएँ लिख रही हैं। आज सातवीं कड़ी में जो कथा है उसको पढ़ते हुए समकालीन राजनीति का मंजर सामने आ जाता है। आप भी पढ़कर राय दें- ============================ एक बार की बात है, एक था बगुला, एक था खरगोश। दोनो …

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मृणाल पाण्डे की कहानी ‘निर्बुद्धि राजा और देशभक्त चिड़ियों की कथा’

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे इन दिनों कथा ऋंखला लिख रही हैं- बच्चों को न सुनाने लायक बालकथा। यह उस सीरिज़ की छठी कथा है। जितनी प्राचीन उतनी ही समकालीन। इतिहास अपने आपको दुहराता है या नहीं लेकिन कथाएँ अपने आपको दुहराती हैं। एक रोचक, पठनीय और प्रासंगिक कथा का आनंद …

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मृणाल पाण्डे की कहानी ‘पिशाचों की पोथी और पंडित की कथा’

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे आजकल बच्चों को न सुनाने लायक बालकथाएँ लिख रही हैं। यह पाँचवीं कड़ी है। इस बार उन्होंने गुणाढ्य और उनके कथाओं के चिरंतन कोष,  बृहत्कथासरित्सागर की बाबत  पर जो किंवदंतियाँ हैं, उनको कथा में ढाला है। एक ऐसा राजा जो झोपड़ी में पैदा हुआ पर चौदह …

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