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Tag Archives: mrinal pande

दुर्गा में लीन हुईं एकाकी संगीत साधिका  

संगीत साधिका अन्नपूर्णा देवी के निधन पर यह आलेख प्रसिद्ध लेखिका-संगीतविद मृणाल पांडे ने लिखा है.  एक सुन्दर आलेख पढ़िए- मॉडरेटर ============================== शारदीय नवरात्रि की चतुर्थी को, संगीत की तपोपूत एकाकी साधिका और मैहर घराने के संस्थापक बाबा अलाउद्दीन खान साहिब की इकलौती पुत्री अन्नपूर्णा देवी का मुंबई के एक …

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संगीत में राजनीति और राजनीति में संगीत: मृणाल पाण्डे

विदुषी लेखिका मृणाल पांडे ने हाल के वर्षों में भारतीय संगीत परम्परा पर इतना अच्छा लिखा है कि सहेजने लायक है. अभी हाल में ही उन्होंने नेमिचंद जैन स्मृति व्याख्यान में रागदारी संगीत और राजनीति के रिश्तों पर बहुत अच्छा लेख लिखा और उसका पाठ भी किया. पूरा लेख यहाँ …

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नीचता के नक्कारखाने में भाषा ज्ञान की तूती- मृणाल पाण्डे

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे का यह लेख नीच शब्द को लेकर हुए विवाद से शुरू होकर भाषा और उनके प्रयोगों की यात्रा, शब्दों के आदान-प्रदान का विद्वतापूर्ण और दिलचस्प आकलन प्रस्तुत करता है। मौका मिले तो पढ़िएगा- मॉडरेटर इस लेखिका का दृढ विचार है कि हिंदी के पाठकों, श्रोताओं के …

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हिंदी के प्रसार के लिए यह किस तरह की युक्ति है?

आज ‘दैनिक जागरण’ में जानी-मानी लेखिका मृणाल पांडे का यह लेख पढ़ा तो लगा जैसे मेरे मन की बात उन्होंने लिख दी हो. आप भी पढ़िए- प्रभात रंजन ====================== हिंदी पट्टी के राजनेता जनता को यही डर दिखाकर अरसे से उनके वोट अपनी झोली में डालते आए हैं कि वे …

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अथ ‘ब्रह्मोद्य’ प्रश्नोत्तरी उपाख्यान: मृणाल पाण्डे की कथा श्रृंखला का उपसंहार                                         

जानी-मानी लेखिका मृणाल पाण्डे की कथा श्रृंखला हम पढ़ रहे थे. संस्कृत कथाओं की याद दिलाती हुई इस कथा में हीरामन तोता भी था, हिमुली देवी भी. लेकिन समकालीन जीवन, समाज, राजनीति की कथाएं इससे निकलती जा रही थीं. लेकिन हर कथा की तरह इस कथा का भी अंत हो …

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मृणाल पांडे की कथा श्रृंखला ‘अथ वणिक रत्नसेन प्रबंध-4’

हिमुली की कथा क्या शुरू हुई कि कथा से कथा जुड़ती चली गई. यही प्राचीन कथा परम्परा की विशेषता है. मृणाल पांडे की यह कथा श्रृंखला अपने अंत की ओर बढ़ रही है लेकिन रोचकता अभी भी बरकरार है. पढ़कर बताइए- मॉडरेटर ======= श्रेष्ठि कन्या दंभिनी के जाने के बाद …

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मृणाल पाण्डे का अथ वणिक रत्नसेन प्रबंध-4

यह जानकी पुल के लिए गौरव की बात है कि प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे एक कथा-श्रृंखला लिख रही हैं जो सबसे पहले जानकी पुल के पाठकों के लिए सामने आ रहा है. प्राचीन कथाओं के शिल्प में आधुनिक जीवन की गुत्थियाँ बहुत रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत कर रही हैं. आज …

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मृणाल पांडे के किस्से: अथ एक कौड़ी के तोते का प्रबंध- 3

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे अपने लेखन में नए नए प्रयोगों के लिए जानी जाती हैं. इस बार वह किस्सागोई की पारंपरिक शैली में किस्सों की एक श्रृंखला लिख रही हैं. जिनको पढ़ते हुए समकालीन सन्दर्भ याद आने लगते हैं. आज उनके किस्सों की श्रृंखला की तीसरी कड़ी प्रस्तुत है. हमें …

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मृणाल पांडे का अथ पुरातन प्रबंध नव्य संस्करण -2

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पांडे इन दिनों किस्सों की पुरानी लुप्त हुई परम्परा के सूत्रों को जोड़ रही हैं. यह दूसरी कड़ी है. पहली कड़ी में हम हिमुली की कथा पढ़ चुके हैं. इस बार हिमुली की कथा आगे बढ़ी है और उसमें हर कथा की तरह अनेक नए पात्र जुड़ …

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मृणाल पांडे की अपूर्ण वृहतकथा का पूर्ण अंश

मृणाल पांडे का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है. वह एक बड़ी कुशल गद्यकार भी हैं. हाल में ही संगीत की एक किताब लिखने के बाद मृणाल जी अपने गल्प-अवतार में अवतरित हुई हैं. बरसों पहले ‘पटरंगपुर पुराण’ जैसा उपन्यास लिखने वाली मृणाल जी इस बार अपने ‘देस’ की …

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