साहित्य की बोरसी में आग का रहना आवश्यक हैFebruary 25, 20251 mins0यतीश कुमार की किताब ‘बोरसी भर आँच – अतीत का सैरबीन’ के प्रकाशन का एक वर्ष पूरा…Blog prabhatcontinue Reading..
श्याम बेनेगल की फ़िल्म “मंथन” एक प्रयोग December 24, 20241 mins1कल प्रसिद्ध फ़िल्मकार श्याम बेनेगल का निधन हो गया। वे समांतर सिनेमा के पर्याय थे। उनकी फ़िल्म…लेख prabhatcontinue Reading..
मनोज रुपड़ा के उपन्यास ‘काले अध्याय’ पर यतीश कुमारNovember 11, 20241 mins1मनोज रुपड़ा हमारे दौर के बड़े विजन वाले लेखक हैं। उनके उपन्यास ‘काले अध्याय’ के बारे में…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
गुलज़ार को संपूर्णता में सामने लाने वाली किताबAugust 28, 2024September 2, 20241 mins0यतीन्द्र मिश्र की किताब ‘गुलज़ार सा’ब: हज़ार राहें मुड़ के देखीं’ पर यह टिप्पणी लिखी है कवि-लेखक…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
‘वर्षावास’ की काव्यात्मक समीक्षाApril 22, 2024October 28, 20241 mins0‘वर्षावास‘ अविनाश मिश्र का नवीनतम उपन्यास है । नवीनतम कहते हुए प्रकाशन वर्ष का ही ध्यान रहता…कविताएं prabhatcontinue Reading..
‘बोरसी भर आँच’ की उष्माApril 13, 2024October 28, 20241 mins0आज पढ़िए यतीश कुमार की मार्मिक संस्मरण पुस्तक ‘बोरसी भर आँच’ की यह समीक्षा जिसे लिखा है…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
‘चित्तकोबरा’ की काव्यात्मक समीक्षाJanuary 31, 2023October 28, 20241 mins162 वरिष्ठ लेखिका मृदुला गर्ग के प्रसिद्ध उपन्यास ‘चित्तकोबरा’ को पढ़कर कवि यतीश कुमार ने काव्यात्मक टिप्पणी…कविताएं prabhatcontinue Reading..
कलिकथा: मंज़िल वाया बाइपास: यतीश कुमारJune 28, 2020October 28, 20241 mins14यतीश कुमार ने काव्यात्मक समीक्षा की अपनी विशेष शैली विकसित की और इस शैली में वे अनेक…कविताएं prabhatcontinue Reading..
‘मुझे चाँद चाहिए’ पढ़ते हुए कुछ कविताएँMay 29, 2020October 28, 20241 mins16 मुझे याद है बीसवीं शताब्दी के आख़िरी वर्षों में सुरेन्द्र वर्मा का उपन्यास ‘मुझे चाँद चाहिए’…समीक्षा prabhatcontinue Reading..
सवाल अब भी आँखे तरेरे खड़ा है- और कितने पाकिस्तान?May 7, 2020October 28, 20241 mins24कमलेश्वर का उपन्यास ‘कितने पाकिस्तान’ सन 2000 में प्रकाशित हुआ था। इस उपन्यास के अभी तक 18…कविताएं prabhatcontinue Reading..