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Tag Archives: rajpal and sons

जीवन जिसमें राग भी है और विराग भी, हर्ष और विषाद भी, आरोह और अवरोह भी

अनुकृति उपाध्याय के कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ को जिसने भी पढ़ा उसी ने उसको अलग पाया, उनकी कहानियों में एक ताज़गी पाई। कवयित्री स्मिता सिन्हा की यह समीक्षा पढ़िए- मॉडरेटर ================ कुछ कहानियां अपने कहे से कहीं कुछ ज़्यादा कह जाती हैं । कुछ कहानियां जो निचोड़ ले जाती हैं …

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हे मल्लिके! तुमने मेरे भीतर की स्त्री के विभिन्न रंगो को और गहन कर दिया

अभी हाल में ही प्रकाशित उपन्यास ‘चिड़िया उड़’ की लेखिका पूनम दुबे के यात्रा संस्मरण हम लोग पढ़ते रहे हैं। आज उन्होंने वरिष्ठ लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ के चर्चित उपन्यास ‘मल्लिका’ पर लिखा है। आपके लिए- मॉडरेटर =============================== मनीषा कुलश्रेष्ठ जी की किताब मल्लिका पर लिखते हुए मुझे क्लॉड मोनेट की …

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‘अमृतसर 1919’ उपन्यास का एक अंश

हाल में ही जलियाँवाला बाग़ के निर्मम नरसंहार को केंद्र में रखकर लिखा एक उपन्यास आया है ‘अमृतसर 1919′, जिसके लेखक हैं रजनीश धवन। धवन अमृतसर के मूल निवासी हैं और कनाडा में यूनिवर्सिटी ऑफ़ फ़्रेज़र वैली में अंग्रेज़ी पढ़ाते हैं। उनके की नाटक कनाडा में प्रदर्शित हुए हैं। उपन्यास …

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विकास के साथ परिवर्तन की नई सोच की कहानियाँ ‘राग मारवा’

इस साल के आरम्भ से ही ममता सिंह के कथा संग्रह ‘राग मारवा’ की चर्चा है। उनकी कहानियों का कथानक, उनकी सघन बुनावट बहुत स्वाभाविक है। आज इस कहानी संग्रह पर अनिता दुबे की विस्तृत टिप्पणी पढ़िए- मॉडरेटर ======================== राग मारवा ” रेडियो सखी ममता सिंह का पहला कहानी संग्रह …

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अनुकृति उपाध्याय के कथा संग्रह ‘जापानी सराय’ की भूमिका

अनुकृति उपाध्याय हिंदी कहानीकारों की जमात में नई हैं लेकिन उनकी कहानियां बहुत अलग तरह की हैं. उनका पहला कथा संग्रह राजपाल एंड संज से प्रकाशित हुआ है ‘जापानी सराय’. जिसकी भूमिका लिखी है सुप्रसिद्ध कथाकार हृषिकेश सुलभ ने. फिलहाल आप भूमिका पढ़िए- मॉडरेटर ========= समकालीन हि‍न्‍दी कहानी का परि‍दृश्‍य …

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निर्मल वर्मा को जब भी पढ़ती हूँ तो चकित होती हूँ- ममता सिंह

रेडियो की प्रसिद्ध एंकर ममता सिंह की कहानियां हम सब पढ़ते रहे हैं. हाल में ही राजपाल एंड संज प्रकाशन से उनकी कहानियों का पहला संकलन आया है ‘राग मारवा’, उसी को सन्दर्भ बनाकर युवा लेखक पीयूष द्विवेदी ने उनसे एक बातचीत की. आपके लिए- मॉडरेटर ==============================================   सवाल – …

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न माला न मंतर न पूजा न सजदा  तुझे हर घड़ी सोचना भी इबादत

रचना भोला यामिनी के लव नोट्स की किताब ‘मन के मंजीरे’ इस साल के आरम्भ में राजपाल एंड संज से आई थी. अपने ढंग की अलग सी शैली की इस रूहानी किताब की समीक्षा लिखी है कवयित्री स्मिता सिन्हा ने- मॉडरेटर ===================== तेरे पास में बैठना भी इबादत तुझे दूर …

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कश्मीरनामा : इतिहास और समकाल के दूसरे संस्करण का लोकार्पण

अशोक कुमार पाण्डेय की पुस्तक ‘कश्मीरनामा’ ने यह बता दिया है कि अच्छी शोधपूर्ण पुस्तकों के न पाठक कम हुए हैं न बाजार. राजपाल एंड संज से प्रकाशित 650 रुपये की इस पुस्तक के दूसरे संस्करण के लांच के मौके पर 25 अक्टूबर को इण्डिया इंटरनेशनल सेंटर में अच्छी परिचर्चा …

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स्त्री विमर्श की नई बयानी की कहानी ‘लेडिज सर्किल’

हिंदी के स्त्रीवादी लेखन से एक पाठक के रूप में मेरी एक शिकायत है कि अब यह बहुत प्रेडिक्टेबल हो गई हैं. लिफाफा देखते ही मजमून समझ में आने लगता है. ऐसे में गीताश्री की कहानी ‘लेडिज सर्किल’ चौंकाती है. शुरू में मुझे लगा था कि इसमें भी वही शोषण, …

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चिनार पत्तों पर जख़्मों की नक्काशी

गौतम राजऋषि के कहानी संग्रह ‘हरी मुस्कुराहटों वाला कोलाज’ पर कल यतीन्द्र मिश्र जी ने इतना आत्मीय लिखा कि उसको साझा करने से रोक नहीं पाया. ऐसा आत्मीय गद्य आजकल पढने को कम मिलता है- मॉडरेटर ======================================== कर्नल गौतम राजऋषि की किताब ‘हरी मुस्कुराहटों वाला कोलाज’ एक अदभुत पाठकीय अनुभव …

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