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माधव हाड़ा का लेख ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भारतीय संस्कृति और परंपरा’

प्रसिद्ध आलोचक माधव हाड़ा के आलेखों का संकलन सेतु प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है ‘देहरी पर दीपक’। उसी संग्रह से एक लेख पढ़ते हैं- =============================== अभिव्यक्ति मनुष्य अस्तित्व की नैसर्गिक ज़रूरत है। मनुष्य अस्तित्व की संभावनाओं के पल्लवन और संपूर्ण विकास के लिए अभिव्यक्ति की निर्बाध और अकुंठ आज़ादी बहुत …

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  विमलेश त्रिपाठी की ग्यारह कविताएँ

विमलेश त्रिपाठी समकालीन हिंदी कविता में जाना-पहचाना नाम है। उनकी तीन कविता संग्रहों का एक जिल्द में प्रकाशन हुआ है जिसका नाम है ‘लौटना है एक दिन’। प्रलेक प्रकाशन से प्रकाशित इस कविता संग्रह से चयनित 11 कविताएँ पढ़िए- ========================== 1  लोहा और आदमी     वह पिघलता है और …

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‘सौंदर्य जल में नर्मदा’ आनंद कुमार सिंह की नहीं बल्कि साहित्य की काव्य-सम्पदा है

आनंद कुमार सिंह का कविता संग्रह ‘सौंदर्य जल में नर्मदा’ बहुत अलग तरह का कविता संग्रह है, इसमें नर्मदा नदी को लेकर कवि की लिखी गई कविताएँ हैं। इसी संग्रह पर टिप्पणी लिखी है युवा लेखिका प्रियंका नारायण ने- =============================== सौंदर्य जल में नर्मदा क्रमवार ख़ोज और सिलसिलों के बीच …

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दीपा गुप्ता की कुछ कविताएँ

दीपा गुप्ता कवि रहीम पर अपने काम के लिए जानी जाती हैं। वह संवेदनशील कवयित्री हैं और हाल में ही उनका कविता संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘सप्तपदी के मंत्र’ नाम से। उसी संग्रह से कुछ कविताएँ- =================   शहरी भेड़िए ——————- तुम्हारे गाल पर पड़े मेरी उँगलियों के निशान मेरी …

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मदन पाल सिंह के उपन्यास ‘हरामी’ का एक अंश

युवा लेखक मदन पाल सिंह को हम हिंदी वाले अनेक रूपों में जानते हैं। सबसे पहले उनको हमने फ्रेंच-हिंदी अनुवादक के रूप में जाना। इस क्षेत्र में उनका नाम जाना-माना है। पिछले साल उन्होंने एक उपन्यास लिखा ‘हरामी’। यह उपन्यास पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जीवन का जीवंत दस्तावेज है। आइए …

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जमुनिया वाली अच्छी औरत नहीं है ?

           आज नरेश जैन की कहानी पढ़िए। वे पेशे से अध्यापक रहे हैं। उनकी यह कहानी में ग्रामीण समाज का यथार्थ है जो आज भी प्रासंगिक है- ================================    सारा गाँव उसे जमुनिया वाली के नाम से पुकारता है. उसका मायका जमुनिया में है और ससुराल अभी …

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गीताश्री से उनके नए उपन्यास ‘अंबपाली’ पर बातचीत

गीताश्री का नया उपन्यास आया है ‘अंबपाली’। वैशाली की इस ऐतिहासिक किरदार को लेकर बहुत लिखा गया है। लेकिन गीताश्री का लेखन-विश्लेषण बहुत अलग है। मुझे एक बात और समझ नहीं आ रही थी कि अंबपाली पर किसी स्त्री ने विस्तार से क्यों नहीं लिखा? इन्हीं सवालों के जवाब जानने …

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देवेश की किताब ‘पुद्दन कथा: कोरोना काल में गाँव-गिराँव’ का एक अंश

हाल में युवा लेखक देवेश की किताब आई है ‘पुद्दन कथा’। कोरोना काल की ग्राम कथा की तरह लिखी गई यह किताब बहुत प्रभावित करती है। त्रासदी की कथा को ब्लैक ह्यूमर की तरह लिखा गया है। आप राजकमल प्रकाशन समूह से प्रकाशित इस किताब का एक अंश पढ़िए- =================== …

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अनुकृति उपाध्याय की कविताएँ

अनुकृति उपाध्याय एक दुर्लभ द्विभाषी लेखिका हैं अंग्रेज़ी में लिखे अपने उपन्यास ‘kintsugi’ के लिए उनको इस साल सुशीला देवी सम्मान से नवाज़ा गया है। उनकी कहानियों, उनके उपन्यास ‘नीना आंटी’ ने लेखकों पाठकों के दिल में एक खास जगह बनाई है। वह कविताएँ भी लिखती हैं। आज उनकी कुछ …

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लड़की के भीतर का ‘एकलव्य’ पाठक: प्रियंका दुबे

प्रियंका दुबे के लेखन से हम सब अच्छी तरह परिचित हैं। गद्य हो या पद्य उनके लेखन में एक शब्द भी अतिरिक्त नहीं होता। आज उनका एक बहुत ही सुंदर पीस लिखा है, पढ़ने को लेकर, लिखने के जुनून को लेकर। साल बीतते बीतते एक अच्छा लेख पढ़ा सो आप …

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