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अजय सोडानी की दो कविताएँ

अजय सोडानी को हम सब उनके यात्रा वृत्तांतों के कारण जानते हैं। आज उनकी दो कविताएँ पढ़ते हैं। इन कविताओं में हम सबकी आवाज़ भी शामिल समझिए। आज के हालात पर चुभती हुई कविताएँ- ================   न भगवा, ना सब्ज़ न भाषण, ना शासन न चोटी, ना टोपी न जुन्नार, …

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‘अमेठी संग्राम’ का अमेठी और संग्राम

अनंत विजय की किताब ‘अमेठी संग्राम’ जब से आई है लगातार चर्चा में है। अभी हाल में इसका अंग्रेज़ी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ है। इस किताब की विस्तृत समीक्षा लिखी है राजीव कुमार ने- ======================== ऐसे में जब राजनीतिक परिदृश्य उसके उथल पुथल और महती परिणामों  पर गंभीर बातें करना …

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अनामिका अनु की कहानी ‘भीगे तकिए धूप में’ 

अनामिका अनु को एक कवयित्री के रूप में हम सब पढ़ते आए हैं। उनको कविता के लिए भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार मिल चुका है। यह उनकी पहली कहानी है। आप भी पढ़ सकते हैं- =============== मीनल सोलह साल की हो गयी है। अब  वह माँ के तकिए रोज सबेरे धूप में  …

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एक मस्तमौला की जीवन कथा ‘अंदाज़-ए-बयां उर्फ रवि कथा’

युवा लेखकों को पढ़ने से उत्साह बढ़ता है। वैसे युवा लेखकों को पढ़ने से और भी जो अपनी परम्परा से जुड़ना चाहते हैं, उसको समझना चाहते हैं। युवा कवि देवेश पथ सारिया ने ममता कालिया की किताब ‘अंदाज़े-बयाँ उर्फ़ रवि कथा’ पर जो लिखा है उसको पढ़कर याहि अहसास हुआ। …

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 डा.आंबेडकर और स्त्री मुक्ति का स्वप्न

 आज बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर की जयंती पर पढ़िए युवा शोधार्थी सुरेश  कुमार का लेख जो डॉक्टर आम्बेडकर के व्यक्तित्व के एक और विराट पहलू से साक्षात्कार करवाने वाला है- ======================== बीसवीं सदी के महान विचारक और सुधारक डा.भीमराव आंबेडकर अपने चिंतन में समाजिक समस्याओं पर सोचते हुए स्त्री समस्या पर  …

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शरद चंद्र श्रीवास्तव की कुछ कविताएँ

a कुछ दिन पहले ही भाई शरद चंद्र श्रीवास्तव ने अपनी कुछ कविताएँ पढ़ने के लिए भेजी थीं। क्या पता था अब उनसे कभी संवाद नहीं हो पाएगा। उनकी इन कविताओं के साथ जानकी पुल की ओर से शरद जी को श्रद्धांजलि- =============================   1. “अपने अपने एकलव्य”   हर …

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 डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया शीर्षक महाकथा में जो लेखन रहता है

गिरिराज किराड़ू का यह लेख बहुत पुराना है। उन दिनों का जब वे हिंदी के आधुनिक लेखकों के लेखन के मिथ को समझने-समझाने का प्रयास कर रहे थे। बड़ी-बड़ी बहसों को समझने का प्रयास कर रहे थे। निर्मल वर्मा आधुनिक हिंदी की एक बड़ी बहस रहे हैं। उनके आत्म और …

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इरशाद खान सिकंदर की भोजपुरी ग़ज़लें और नज़्म

आज इरशाद ख़ान सिकंदर की कुछ ग़ज़लें और नज़्म भोजपुरी में पढ़िए- ================================   1 हम मान भी लीं लेकिन आसार त कम बाटे जे पीही उहे जीही कुदरत के नियम बाटे   पी जाला अन्हरिया के सूरज भी शराबी ह बा चंदवो शराबी पर उम्मीद से कम बाटे   …

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कथ्य कैसे ढलता है कहानी में: धीरेंद्र अस्थाना

धीरेन्द्र अस्थाना हिंदी के जाने-माने कथाकार-उपन्यासकार हैं। कहानी लिखने की प्रक्रिया को लेकर उनका यह लेख हर युवा लेखक-पाठक को पढ़ना चाहिए- ================ कथ्य कैसे आता है? कोई एक घटना,अनेक घटनाओं के टुकड़े, कोई विचार,बार बार देखा जा रहा कोई स्वप्न,किसी और या अपने साथ घटी दुर्घटना/दुर्घटनाएं, सार्वजनिक संहार या …

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पूजा प्रसाद की कुछ कविताएँ

आज कविताएँ पूजा प्रसाद की। पूजा पेशे से पत्रकार हैं। फ़िलहाल न्यूज़ 18 ऑनलाइन से जुड़ी हैं। लम्बे समय से इस पेशे में हैं। उनकी कविताओं में देखने का एक अलग नज़रिया लगा और कहन की एक अलग शैली। आप भी पढ़िए- =============================   अब धैर्य नहीं     उम्मीद, …

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