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‘आउशवित्ज़: एक प्रेम कथा’ पर अवधेश प्रीत की टिप्पणी

‘देह ही देश’ जैसी चर्चित किताब की लेखिका गरिमा श्रीवास्तव का पहला उपन्यास प्रकाशित हुआ है ‘आउशवित्ज़: एक प्रेम कथा’। वाणी प्रकाशन से प्रकाशित अपने ढंग के इस अनूठे उपन्यास की समीक्षा लिखी है जाने-माने लेखक अवधेश प्रीत ने। आप भी पढ़ सकते हैं- ================= गरिमा श्रीवास्तव की क्रोएशिया-प्रवास डायरी …

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हान नदी के देश में: विजया सती

डॉक्टर विजया सती अपने अध्यापकीय जीवन के संस्मरण लिख रही हैं। आज उसकी सातवीं किस्त पढ़िए- ====================== जैसे विदेशी पर्यटक भारत आने पर नमस्ते, धन्यवाद बोल लेते हैं, उसी तरह हमने भी विदेशी भाषा के कुछ शब्द सीखे. हंगरी में कोसोनोम – धन्यवाद के साथ अंत में प्रमुख हुआ विसोंत्लातास्रा, …

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त्रिपुरारि कुमार शर्मा के उपन्यास ‘आखिरी इश्क़’ का एक अंश

युवा शायर-लेखक त्रिपुरारि कुमार शर्मा का उपन्यास आया है ‘आखिरी इश्क़’। पेंगुइन से प्रकाशित इस उपन्यास का एक अंश पढ़िए- =============================== क़रीब सवा सौ बरस पहले मेरा पिछला जनम स्पेन में हुआ था और मैं एक मुसव्विर था। मैंने ज़िन्दगी में बहुत-सी तस्वीरें बनाई थीं मगर “वो एक तस्वीर” बनानी …

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‘चित्तकोबरा’ की काव्यात्मक समीक्षा

​ वरिष्ठ लेखिका मृदुला गर्ग के प्रसिद्ध उपन्यास ‘चित्तकोबरा’ को पढ़कर कवि यतीश कुमार ने काव्यात्मक टिप्पणी की है। आप भी पढ़िए- ============================= 1. कमाल की कविता है स्मृति जिसकी परिधि में गुलाब के बचे ओस कण और पराग भी हैं जिसने बचाए रखा तन में मन और आत्मा में …

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जिनकी पीछे छूटी हुई आवाज़ें भी रहेंगी हमेशा महफूज

पंकज पराशर संगीत पर बहुत अच्छा लिखते हैं। दरभंगा के अमता घराने के ध्रुपद गायक पंडित अभय नारायण मल्लिक को याद करते हुए यह भावभीना लेख पढ़िए- ================================ जिनकी पीछे छूटी हुई आवाज़ें भी रहेंगी हमेशा महफूज (‘अमता’ घराने के चश्मो-चराग़ अभय नारायण मल्लिक!) …और अब पंडित अभय नारायण मल्लिक …

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रवित यादव की दो गद्य कविताएँ

युवा कवि रवित यादव की कविताओं का मुझे इंतजार रहता है। आज उनकी दो गद्य कविताएँ पढ़िए- ============= 1- दुविधाओं का दोगला भूत। ―――――――――――――― मैंने जिस-जिस ये कहा कि “मैं एक दिन यूँ भी जाऊँगा की फिर वापस न आऊँगा”, वो सब एक एक करके मेरे मेरे जीवन से जाते …

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बुदापैश्त में हिन्दी: विजया सती

हिंदू कॉलेज की सेवानिवृत्त प्राध्यापिका विजया सती अपने अध्ययन-अध्यापन जीवन के संस्मरण लिख रही हैं। हम पहले चार किस्त पढ़ चुके हैं। यह नई कड़ी है। आप भी पढ़िए- ================== कॉलेज में अध्यापन करते हुए अवसर भरपूर मिलते कि हम कुछ और कर सकें. हमारे अग्रज और कनिष्ठ – बहुत …

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नाटक ‘फ़रेब-ए-हस्ती’: फिक्शन, कॉमेडी और उर्दू शायरी का कोलाज

डॉक्टर सादिक़ उर्दू के जाने-माने विद्वान लेखक हैं और उन चंद उर्दूदाँ में हैं जो हिंदी में भी लिखते हैं। उनका नया नाटक आया है ‘फ़रेब-ए-हस्ती’। इस नाटक में कबीर भी हैं और ग़ालिब भी। उसी नाटक की समीक्षा पढ़िए, जिसको लिखा है वी.के. गुप्ता ने। आप भी पढ़िए- ================== …

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वे 15 शताब्दी तक प्रसिद्ध रहेंगे

युवा लेखक द्वारिका नाथ पांडेय ने महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले के बारे में लिखा है। उनका पढ़ना मुझे इसलिए दिलचस्प लगा क्योंकि वे जिस पीढ़ी के हैं उस पीढ़ी ने पेले को मैदान पर खेलते हुए नहीं देखा था या उनके मैचों की कमेंट्री नहीं सुनी थी। आप भी पढ़िए- …

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वीरेंद्र प्रसाद की चार कविताएँ

डॉ. वीरेन्द्र प्रसाद अर्थशास्त्र एवं वित्तीय प्रबंधन में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है और वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। वे पशु चिकित्सा विज्ञान में भी स्नातकोत्तर  हैं। रचनात्मक लेखन में उनकी रुचि है। प्रस्तुत है भीड़भाड़ से दूर रहने वाले कवि-लेखक वीरेन्द्र प्रसाद की कुछ कविताएँ जिनको …

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