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Tag Archives: राजकमल प्रकाशन

विनय कुमार की पुस्तक ‘यक्षिणी’ से दो कविताएँ

देश के जाने माने मनोचिकित्सक विनय कुमार को हम हिंदी वाले कवि-लेखक के रूप में  जानते हैं। राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित उनकी किताब ‘यक्षिणी’ दीदारगंज की यक्षिणी की प्रतिमा को केंद्र में रखकर लिखी गई एक लम्बी सीरीज़ है। आज उसी संकलन से दो कविताएँ- मॉडरेटर ================================== 1 जिस जगह …

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एक इतिहासकार की दास्तानगोई

हाल में ही युवा इतिहासकार, लेखक सदन झा की पुस्तक आई है ‘देवनागरी जगत की दृश्य संस्कृति’। पुस्तक का प्रकाशन रज़ा पुस्तकमाला के तहत राजकमल प्रकाशन से हुआ है। पुस्तक की समीक्षा पढ़िए। लेखक हैं राकेश मिश्र जो गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी में शोध छात्र हैं- मॉडरेटर ============================ हिंदी जगत में …

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सुजाता के उपन्यास के ‘एक बटा दो’ का अंश-इन जॉयफुल हॉप ऑफ रेजरेक्शन

युवा लेखिका सुजाता का उपन्यास  ‘एक बटा दो’ राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है। स्त्री जीवन को लेकर लिखा गया यह उपन्यास अपने कथानक और भाषा दोनों में अलग है। इस अंश को पढ़िए और बताइएगा- मॉडरेटर =========================   इन जॉयफुल हॉप ऑफ रेजरेक्शन कभी जिस एकांत की ख़ूब कामना …

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राष्ट्रवाद और सामंतवाद के मध्य पिसता किसान और ‘अवध का किसान विद्रोह’

राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित सुभाष चंद्र कुशवाहा की किताब ‘अवध का किसान विद्रोह’ पर यह टिप्पणी प्रवीण झा ने लिखी है। प्रवीण झा की पुस्तक ‘कूली लाइंस’ आजकल ख़ासी चर्चा में है- मॉडरेटर ======================= राष्ट्रवाद और सामंतवाद के मध्य पिसता किसान। सुभाष चंद्र कुशवाहा जी की पुस्तक ‘अवध का किसान …

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नमिता गोखले के उपन्यास ‘राग पहाड़ी’ का एक अंश

कुमाऊँ अंचल से मुझे प्यार है और यह जगाया है कुछ साहित्यिक कृतियों ने। उन कृतियों में हिंदी की तमाम कृतियों के अलावा अंग्रेज़ी के कुछ उपन्यासों का योगदान भी रहा है। जिनमें एक नाम नमिता गोखले के उपन्यास ‘दि हिमालयन लव स्टोरी’ का भी है। मुझे याद है मनोहर …

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‘भीमराव अम्बेडकर: एक जीवनी’ पुस्तक का एक अंश

क्रिस्तोफ ज़ाफ़्रलो लिखित ‘भीमराव अम्बेडकर: एक जीवनी’ का हिंदी अनुवाद हाल में ही राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है। हिंदी अनुवाद योगेन्द्र दत्त ने किया है। आज बाबासाहेब की जयंती पर उस किताब का एक चुनिंदा अंश पढ़िए- मॉडरेटर ===================================== इस किताब का मक़सद आम्बेडकर के जीवन की घटनाओं को …

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हिंदी का सबसे बड़ा साहित्यिक प्रकाशन समूह कौन है?

यह पुराने प्रकाशनों के विलयन का दौर है, उनको नया रूप देने के लिए बड़े प्रकाशकों द्वारा अपनाया जा रहा है. कुछ समय पहले पेंगुइन ने हिन्द पॉकेट बुक्स को खरीद लिया था. अब खबर आई है कि राजकमल प्रकाशन समूह ने हिंदी के चार प्रकाशनों को पुनर्जीवित करने के लिए …

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कुछ कविताएँ ‘चौंसठ सूत्र सोलह अभिमान’ की

युवा कवि अविनाश मिश्र का कविता संग्रह ‘चौंसठ सूत्र सोलह अभिमान’ हिंदी में अपने ढंग का अकेला संग्रह है. यह कामसूत्र से प्रेरित है और प्रेम सिक्त है. हिंदी में इरोटिक कविताएँ लिखी गई हैं लेकिन घोषित रूप से इरोटिक कविता संकलन न के बराबर हैं. जो हैं भी उनके …

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सुजाता का उपन्यास ‘एक बटा दो’ अनामिका की भूमिका ‘न आधा न पूरा’

अभी हाल में ही संपन्न हुए विश्व पुस्तक मेले में युवा लेखिका सुजाता का उपन्यास ‘एक बटा दो’ राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है, जिसकी भूमिका प्रसिद्ध लेखिका अनामिका ने लिखा है. भूमिका साभार प्रस्तुत है- मॉडरेटर ====================== न आधा न पूरा * अनामिका जेन ऑस्टिन और जॉर्ज एलियेट के …

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देर आयद दुरुस्त आयद: सुरेन्द्र मोहन पाठक

अगला साल सुरेन्द्र मोहन पाठक के लेखन का साठवां साल है. साथ साल पहले उनकी एक कहानी ‘माया’ पत्रिका में प्रकाशित हुई थी. लेकिन अपने लेखकीय जीवन के साठवें साल में भी उनके पास नई-नई योजनायें हैं, अपने पाठकों के लिए नए नए प्लाट हैं. वे आज भी वैसे ही …

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