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अलेक्सान्द्र पूश्किन की कहानी ‘डाकचौकी का चौकीदार’

अलेक्सान्द्र पूश्किन की आज जयंती है। महज़ 38 साल की आयु में दुनिया छोड़ देने वाले इस कवि-लेखक की एक कहानी पढ़िए। अनुवाद किया है आ. चारुमति रामदास ने- =============== मुंशी सरकार का, तानाशाह डाकचौकी का  – राजकुमार व्याज़ेम्स्की डाकचौकी के चौकीदारों को किसने गालियाँ नहीं दी होंगी, किसका उनसे …

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खिड़की के पल्ले के बाहर झींगुरों की आवाज़ अभी भी आ रही है: रस्किन बॉन्ड

19 मई को महान लेखक रस्किन बॉन्ड 86 साल के हो जाएँगे। आज इंडियन एक्सप्रेस में उनसे बातचीत के आधार पर देवयानी ओनियल ने यह लेख लिखा है।  मेरी अंतरात्मा को जगाने वाले के मित्र के अनुरोध-आदेश पर इस लेख का अनुवाद करने बैठ गया। निराशा में आशा की उम्मीद …

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ब्राज़ीली लेखक दुइलियू गोम्स की कहानी ‘केला’

आज पोर्तगीज भाषा की एक कहानी पढ़िए जिसे लिखा है ब्राज़ील के युवा लेखक दुइलियू गोम्स ने। अनुवाद किया है प्रोफ़ेसर गरिमा श्रीवास्तव ने- ====================== आदमी ने हाथ के इशारे से टैक्सी को रोका– ‘बस स्टैंड चलो’ बात करते-करते वह टैक्सी की पिछली सीट पर पीठ टिकाकर आराम से बैठ …

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निकोलाय गोगोल की कहानी ‘नाक’

19 वीं शताब्दी के प्रसिद्ध लेखक निकोलाय गोगोल की कहानी ‘नाक’ पढ़िए। मूल रूसी भाषा से अनुवाद किया है आ. चारुमति रामदास जी ने- मॉडरेटर ================= 25 मार्च को पीटर्सबुर्ग मे एक बड़ी अद्भुत घटना घटी. नाई इवान याकव्लेविच, जो वज़्नेसेन्स्की मोहल्ले में रहता था, उस दिन बड़ी सुबह जाग …

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रूसी लेखक सिर्गेइ नोसव की कहानी ‘छह जून’

रूसी भाषा के लेखक सिर्गेइ नोसव की इस कहानी के बारे में अनुवादिका आ. चारुमति रामदास का कहना है कि यह एक ख़तरनाक कहानी है, सच में बहुत रोमांचक। मूल रूसी से अनूदित इस कहानी का आनंद लीजिए- मॉडरेटर ======================= मुझसे कहा गया है, कि मैं इस जगह को भूल …

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सिगफ्रीड लेंज़ की कहानी ‘सरकार का समर्थक’

वरिष्ठ लेखक-अनुवादक जितेंद्र भाटिया की टिप्पणी के साथ उनके द्वारा अनूदित जर्मन लेखक सिगफ्रीड लेंज़ की कहानी पढ़िए- ============ आज योरोप के दक्षिण पंथी नेताओं की एक टीम कश्मीर के दौरे पर  है, सरकार के इस ऐलान पर मोहर लगाने के लिए कि वहाँ सब कुछ सामान्य है. मुझे जर्मन …

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महात्मा गांधी के बारह दूत

रामचंद्र गुहा के इस लेख का अनुवाद ‘हंस’ के नए अंक में प्रकाशित हुआ है। अनुवाद मैंने किया है- प्रभात रंजन ================================= कई साल पहले जब मैं नेहरू स्मृति संग्रहालय एवं पुस्तकालय में काम कर रहा था तो मुझे किसी अज्ञात तमिल व्यक्ति का पोस्टकार्ड मिला जो उसने महान भारतीय …

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 खलील जिब्रान की किताब ‘द प्रोफ़ेट’ के कुछ अंश

ख़लील जिब्रान की किताब ‘द प्रोफ़ेट’ का अनुवाद आया है, अनुवाद किया है नीता पोरवाल ने- ==================================    खलील जिब्रान जैसे भोर की मंद समीरण जैसे मघा नक्षत्र की वर्षा जैसे पुरवाई की मीठी झकोर जैसे रूह को जगाता राग भैरव! जिब्रान जैसे आसमान का निहुरकर आंगन में उतर आना …

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अनन्या मुखर्जी की कैंसर डायरी के कुछ पन्ने

अभी हाल में ही ‘ठहरती साँसों के सिरहाने से : जब ज़िन्दगी मौज ले रही थी (कैंसर डायरी)’ किताब प्रकाशित हुई है राजकमल प्रकाशन से।अंग्रेज़ी में यह किताब स्पिकिंग टाइगर प्रकाशन से पहले ही प्रकाशित हो चुकी है। लेखिका अनन्या मुखर्जी का कैंसर से देहांत हो गया। किताब उसकी डायरी …

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रूसी लेखक इवान बूनिन की कहानी ‘बर्फ़ का सांड’

नोबल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले रूसी लेखक इवान बूनिन की एक छोटी सी कहानी पढ़िए। बूनिन मानव मन और प्रकृति का चित्रण जिस बारीकी से करते हैं, वह मन को छू लेती है. आप उनकी रचनाएँ न केवल पढ़ते हैं, न सिर्फ ‘देखते’ हैं, बल्कि उन्हें जीते हैं, उनके पात्र …

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