Home / स्मरण (page 2)

स्मरण

दाहिने की सुविधा, और वाम की दुविधा के समीक्षक डॉ.रामविलास शर्मा

आज आलोचक रामविलास शर्मा की पुण्यतिथि है. उनके अवदान को याद करते हुए विमलेन्दु का लेख- मॉडरेटर ====== रामविलास जी के अध्ययन और लेखन की शैली ऐसी थी जैसे एक हठी ऋषि तपस्या कर रहा हो. जो नित नए अँधेरों में जाता हो और वहाँ से कोई पत्थर का टुकड़ा, …

Read More »

नेहरु से बतियाने को भीष्म साहनी ने किया बचपना

किसी के विरोध में खड़े हो जाना अत्यंत सरल है. बहुत संभव है कि बड़े से बड़ा व्यक्ति भी किसी बिंदु पर आकर स्वार्थ के वशीभूत होकर गलत निर्णय ले परन्तु एक व्यक्ति के तौर पर उसकी अच्छाइयों की अवहेलना नहीं की जा सकती.  भीष्म साहनी ने अपनी  आत्मकथा ‘आज …

Read More »

बांड नाम था उसका- जेम्स बांड

सबसे अधिक बार जेम्स बांड की भूमिका निभाने वाले अभिनेता रोजर मूर का निधन हो गया. दिव्या विजय का लेख- मॉडरेटर ==== कैंसर नाम की ये बीमारी न जाने हमारे और कितने प्यारों को लील जाएगी. अभी कुछ दिन पहले ही हमें 70 के दशक के हिन्दी फ़िल्मों के ख्यात …

Read More »

राजीव गांधी ने देश के लिए जो भी किया उनको उसका जस नहीं मिला

राजीव गांधी को गए 27 साल हो गए. 80 के दशक में जब हम बड़े हो रहे थे तो हम देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री से बेपनाह मोहब्बत और नफरत दोनों करते थे. 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री की नृशंस हत्या के बाद टीवी पर हम ने अगले 12 दिनों …

Read More »

घने लहरे रेशम के बाल धरा है सिर पर मैंने देवि तुम्हारा यह स्वर्गिक उपहार

आज महान छायवादी कवि सुमित्रानंदन पन्त का जन्मदिन है. उनको याद करते हुए महादेवी वर्मा का यह लेख जो उन्होंने सुमित्रानंदन पन्त पर लिखा था- मॉडरेटर ======================= सुभद्रा जी के उपरान्त मेरे दूसरे परिचित कविबन्धु सुमित्रानन्दन जी ही हैं; परन्तु उनसे परिचय की कथा इतनी विचित्र है कि उसके स्मरण-मात्र …

Read More »

‘मंडुवा की बालियां काट दो ना, मादिरा की बालियां काट दो’

आज विज्ञान कथा लेखक के रूप में मशहूर देवेन मेवाड़ी जी का जन्मदिन है. वे मूलतः साहित्यकार हैं. आज प्रस्तुत है शैलेश मटियानी पर लिखा गया उनका संस्मरण- मॉडरेटर =========================== सन् साठ के दशक के अंतिम वर्ष थे। एम.एससी. करते ही दिल्ली के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में नौकरी लग …

Read More »

मंटो! अरे वह अश्लील लेखक, वह पोर्नोग्राफर!

कुछ साल पहले रबिशंकर बल के उपन्यास ‘दोजख्ननामा’ का हिंदी अनुवाद आया था. उपन्यास में मंटो और ग़ालिब अपनी अपनी कब्रों से एक दूसरे को अपने अपने जीवन की दास्तान सुना रहे हैं. आज मंटो के जन्मदिन के मौके उसी उपन्यास से मंटो का एक बयान- मॉडरेटर ======================= मिर्ज़ा साहब, …

Read More »

बउआ, महुआ बीछअ नै चलबे?

अमन आकाश मिथिला के हैं और महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मॉस कॉम में शोध कर रहे हैं. उनका यह भावभीना संस्मरण अपने गाम-घर को याद करते हुए है- मॉडरेटर ================================ अँधेरा-सा छाया ही रहता कि दादी जगाती हुई कहती “चल, ईजोत भ गेलै! नै ता केयो और बीछ …

Read More »

रवीन्द्रनाथ की संगीत प्रतिभा अद्वितीय थी

आज रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती है. सम्पूर्ण कलाकार का जीवन लेकर आये उस महान व्यक्तित्व के संगीतकार पक्ष पर हिंदी में बहुत नहीं लिखा गया है. बांगला साहित्य के विद्वान् उत्पल बैनर्जी का यह लेख गुरुदेव की संगीत प्रतिभा को लेकर लिखा गया है जो पढने और संजोने लायक है- …

Read More »

बंदे में दम था इतना तो उसके विरोधी भी मानते हैं!

आज अपने विद्वान साथी मनोज कुमार की फेसबुक वाल से पता चला कि कार्ल मार्क्स का जन्मदिन है. उन्होंने बहुत मानीखेज ढंग से मार्क्स पर यह छोटी सी टिपण्णी भी लिखी है. आपके लिए- प्रभात रंजन ========================================== आज कार्ल मार्क्स का जन्मदिन है | उन्नीसवीं शताब्दी के दूसरे दशक (1818 …

Read More »