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स्मरण

अलविदा सीमा घुरैया: सीरज सक्सेना

देश की ख्यातनाम चित्रकार सीमा घुरैया 22 सितम्बर की शाम अपनी उस अनन्त यात्रा में चली गईं, जहाँ से वे अब केवल कला-बिरादरी की स्मृतियों में ही रहेंगी। ‘जानकी पुल’ और उसके साप्ताहिक उपक्रम ‘कविता शुक्रवार’ के लिए हमारे विशेष आग्रह पर यह स्मृति-लेख युवा कलाकार सीरज सक्सेना ने लिखा …

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मेरे गाँव से दिल्ली का रास्ता अमरोहे से होकर जाता है

सुहैब अहमद फ़ारूक़ी पेशे से पुलिस अधिकारी हैं मिज़ाज से शायर। इस लेख में उन्होंने याद किया है नश्तर अमरोहवी को, जिनका ताल्लुक़ ज़ौन इलिया के वतन अमरोहा से था। क्या शिद्दत से याद किया है उनको सुहैब जी ने- =========== ऐ  ग़मे  ज़ीस्त हम  किधर   जाएं इतनी  फ़ुर्सत  नहीं  …

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आँखों में पानी और होंठो में चिंगारी लिए चले गए राहत इंदौरी: राकेश श्रीमाल

मुशायरों के सबसे जीवंत शायरों में एक राहत इंदौरी का जाना एक बड़ा शून्य पैदा कर गया है। उनको याद करते हुए यह लेख लिखा है कवि-संपादक-कला समीक्षक राकेश श्रीमाल ने। राहत साहब को अंतिम प्रणाम के साथ पढ़िए- ========================= कितने सारे दृश्य स्मृति में एकाएक चहल-कदमी करने लगते हैं। …

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अमृतलाल नागर का पत्र मनोहर श्याम जोशी के नाम

आज मनोहर श्याम जोशी की जन्मतिथि है। आज एक दुर्लभ पत्र पढ़िए। जो मनोहर श्याम जोशी को उनके गुरु अमृतलाल नागर ने लिखा था। अमृतलाल नागर को वे अपना गुरु मानते थे। पत्र का प्रसंग यह है कि 47 साल की उम्र में शिष्य मनोहर श्याम जोशी का पहला उपन्यास …

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प्रेमचंद का पत्र जयशंकर प्रसाद के नाम

  आज प्रेमचंद की जयंती पर उनका यह पत्र पढ़िए जयशंकर प्रसाद के नाम है। उन दिनों प्रेमचंद मुंबई में थे और फ़िल्मों के लिए लेखन कर रहे थे- =======================   अजंता सिनेटोन लि. बम्बई-12 1-10-1934   प्रिय भाई साहब, वन्दे! मैं कुशल से हूँ और आशा करता हूँ आप …

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वैद प्रश्न, प्रतिवाद और प्रति-प्रतिवाद के लेखक हैं

आज अनूठे लेखक कृष्ण बलदेव वैद की जयंती है। जीवित होते तो 92 साल के होते। उनके लेखन पर एक सूक्ष्म अंतर्दृष्टि वाला लेख लिखा है आशुतोष भारद्वाज ने। उनका यह लेख ‘मधुमती’ पत्रिका के नए अंक में प्रकाशित उनके लेखक का विस्तारित रूप है। आशुतोष जाने माने पत्रकार-लेखक हैं …

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एक लडकी को उसके जूते की सही जोड़ी दो और वह आपको दुनिया जीत कर दिखा देगी: मर्लिन मुनरो

मर्लिन मुनरो 1950 के दशक की हॉलीवुड की सबसे चर्चित अदाकारा रही हैं. उनका जन्म 1 जून, 1926 को अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत में हुआ. मर्लिन जब पैदा हुईं तो उनकी मां बहुत खराब मनोस्थिति से गुजर रही थी. पिता कौन था. पता नहीं था. जब वो छोटी थी तो …

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शादियों के दिन महामारियों में बीत गए

युवा लेखक रविंद्र आरोही ने महामारी के इस दौर में इस स्मृति कथा के बहाने हम तमाम लोगों की स्मृतियों को जगा दिया है। आप भी पढ़िए- ====================================== इन खाली और विपद के दिनों में उन भरे हुए दिनों की बहुत यादें हैं। शादियों के दिन महामारियों में बीत रहे …

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और उन्हीं गहराइयों में उतर गए कैफ़ी

—संगीता  ने यह संस्मरण कैफ़ी आज़मी के मई 2002 में निधन के बाद लिटरेट वर्ल्ड के लिए उन पर केंद्रित विशेष अंक के लिए लिखा था। आपके लिए प्रस्तुत है-  ======================================== 23 दिसंबर, 2000 का दिन। तक़रीबन बारह बज कर 10 मिनट के आस-पास का समय रहा होगा। 23, अशोक …

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कथाकार कमलेश्वर : दुष्यन्त कुमार की दृष्टि से

पहले लेखक एक दूसरे के ऊपर खुलकर लिखते थे फिर भी दोस्तियाँ क़ायम रहती थीं। प्रसिद्ध शायर दुष्यंत कुमार ने यह विश्लेषण अपने दोस्त और लेखक कमलेश्वर का किया था। कमलेश्वर की ‘समग्र कहानियाँ’ से ले रहा हूँ जो राजपाल एंड संज से प्रकाशित है- ================================ जिस दिन से कमलेश्वर …

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