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स्मरण

जिंदगी अपनी जब इस रंग से गुजरी ‘ग़ालिब’

मौलाना अल्ताफ हुसैन ‘हाली’ की किताब ‘यादगारे ग़ालिब’ को ग़ालिब के जीवन और उनकी कविता पर लिखी गई आरंभिक किताब में शुमार किया जाता है. हाली ने १८५४ से १८६९ तक यानी उनके जीवन के आखिरी दौर तक को बहुत करीब से देखा था. इसी कारण ‘यादगारे ग़ालिब’ को महत्वपूर्ण किताबों में शुमार किया …

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देशभक्ति गीतों का अमर गीतकार कवि प्रदीप

आज कवि प्रदीप की जयंती है. देशभक्ति गीतों को याद करते ही प्रदीप याद आने लगते हैं. उनको याद करते हुए यह लेख लिखा है नवीन शर्मा ने- मॉडरेटर ===================================== ऐ मेरे वतन के लोगों जरा याद करो कर्बानी .. देशभक्ति गीत लता मंगेशकर की आवाज में सुनना एक अलग …

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बहुत याद आएंगे जीनियस सुशील सिद्धार्थ    

सुशील सिद्धार्थ को याद करते हुए बहुवचन के संपादक अशोक मिश्र ने बहुत अच्छा लिखा है. पढियेगा- मॉडरेटर ================================================================= सुशील सिद्धार्थ के अचानक निधन की पहली खबर मुझे कहानीकार मनोज कुमार पांडे से शनिवार 17 मार्च को सुबह साढ़े दस बजे मिली उस समय बैंक से कुछ काम निपटाकर कैंपस …

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मीना कुमारी और तन्हाई का अंधा शिगाफ़ : भाग-1

ख़ुद ही को तेज़ नाख़ूनों से हाए नोचते हैं अब हमें अल्लाह ख़ुद से कैसी उल्फ़त होती जाती है – मीना कुमारी भारतीय सिनेमा की मशहूर अदाकारा मीना कुमारी के बारे में हम सब टुकड़ों-टुकड़ों में बहुत कुछ जानते हैं। लेकिन बहुत कुछ है जो अनकहा है, अनसुना है। आज …

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शहरयार कलाम ऐसे पढ़ते जैसे कोई धीमी गति का समाचार पढता हो

आज उर्दू के प्रख्यात शायर शहरयार साहब की जन्मतिथि है. जनाब रवि कुमार का संस्मरणात्मक लेख उनकी शख्सियत और शायरी पर पेश है- मॉडरेटर ===================  [ उर्दू के प्रसिद्ध शायर प्रो॰ अख़लाक मोहम्मद खाँ ‘शहरयार’ के जन्म दिन पर विशेष संस्मरण ] बात शायद अप्रैल 1982 की है,  हिन्दी फिल्म …

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जिसने हुनर में कमाल हासिल किया वह सारी दुनिया का चहेता

आज विश्व प्रसिद्ध पेंटर मकबूल फ़िदा हुसैन की पुण्यतिथि है. उनकी विवादास्पद पेंटिंग्स या उनकी माधुरी दीक्षित की प्रति दीवानगी और उनके फ़िल्मकार तक बन जाने की कहानी से तो सब वाकिफ़ हैं पर वे एक अच्छे लेखक भी थे ये उनकी आत्मकथा पढ़कर पता चलता है. आमतौर पर आत्मकथा …

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ख्वाजा अहमद अब्बास की 30 वीं पुण्यतिथि पर तौहीद का लेख

सोद्देश्य सिनेमा को समर्पित फिल्म लेखक, निर्देशक ख्वाजा अहमद अब्बास की आज पुण्यतिथि है. उनकी लेखन-कला, उनकी सिनेमा कला को याद करते हुए एक बढ़िया लेख लिखा है सैयद एस. तौहीद ने- जानकी पुल. ======================   उन दिनों वी शांताराम की एक द्विभाषी फिल्म ‘दुनिया ना माने’ बनी थी। बांबे क्रानिकल …

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दाहिने की सुविधा, और वाम की दुविधा के समीक्षक डॉ.रामविलास शर्मा

आज आलोचक रामविलास शर्मा की पुण्यतिथि है. उनके अवदान को याद करते हुए विमलेन्दु का लेख- मॉडरेटर ====== रामविलास जी के अध्ययन और लेखन की शैली ऐसी थी जैसे एक हठी ऋषि तपस्या कर रहा हो. जो नित नए अँधेरों में जाता हो और वहाँ से कोई पत्थर का टुकड़ा, …

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नेहरु से बतियाने को भीष्म साहनी ने किया बचपना

किसी के विरोध में खड़े हो जाना अत्यंत सरल है. बहुत संभव है कि बड़े से बड़ा व्यक्ति भी किसी बिंदु पर आकर स्वार्थ के वशीभूत होकर गलत निर्णय ले परन्तु एक व्यक्ति के तौर पर उसकी अच्छाइयों की अवहेलना नहीं की जा सकती.  भीष्म साहनी ने अपनी  आत्मकथा ‘आज …

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बांड नाम था उसका- जेम्स बांड

सबसे अधिक बार जेम्स बांड की भूमिका निभाने वाले अभिनेता रोजर मूर का निधन हो गया. दिव्या विजय का लेख- मॉडरेटर ==== कैंसर नाम की ये बीमारी न जाने हमारे और कितने प्यारों को लील जाएगी. अभी कुछ दिन पहले ही हमें 70 के दशक के हिन्दी फ़िल्मों के ख्यात …

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