Home / स्मरण

स्मरण

बचपन में अपने भविष्य के बारे में कुल जमा पचपन सपने देखे थे

आज मनोहर श्याम जोशी की पुण्यतिथि है. 2006 में आज के ही दिन उनका देहांत हो गया था. संयोग से उसी साल उनको साहित्य अकादेमी पुरस्कार भी मिला था. उस अवसर पर उन्होंने जो संक्षिप्त भाषण दिया था वह यहाँ अविकल रूप से प्रस्तुत है- मॉडरेटर =========================== हाल में एक …

Read More »

अर्चना जी के व्यक्तित्व में गरिमा और स्वाभिमान का आलोक था

विदुषी लेखिका अर्चना वर्मा का हाल में ही निधन हो गया. उनको याद करते हुए युवा लेखक-पत्रकार आशुतोष भारद्वाज ने यह लिखा है, उनके व्यक्तित्व की गरिमा को गहरे रेखांकित करते हुए- मॉडरेटर =========== कृष्णा सोबती और अर्चना वर्मा उन बहुत कम लेखकों में थीं जिनके साथ मेरा लंबा संवाद …

Read More »

नामवर सिंह एक व्यक्ति नहीं प्रतीक थे

नामवर सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि स्वरुप यह लेख नॉर्वे प्रवासी डॉक्टर-लेखक प्रवीण झा ने लिखा है- मॉडरेटर ================ नामवर सिंह जी पर लिखने बैठा तो घिघ्घी बँध गयी। यूँ हज़ार–दो हज़ार शब्द लिख डालना कोई बड़ी बात नहीं; लेकिन यह शब्द लिखे किनके लिए जा रहे हैं? शब्दों के …

Read More »

जिंदगी अपनी जब इस रंग से गुजरी ‘ग़ालिब’

मौलाना अल्ताफ हुसैन ‘हाली’ की किताब ‘यादगारे ग़ालिब’ को ग़ालिब के जीवन और उनकी कविता पर लिखी गई आरंभिक किताब में शुमार किया जाता है. हाली ने १८५४ से १८६९ तक यानी उनके जीवन के आखिरी दौर तक को बहुत करीब से देखा था. इसी कारण ‘यादगारे ग़ालिब’ को महत्वपूर्ण किताबों में शुमार किया …

Read More »

देशभक्ति गीतों का अमर गीतकार कवि प्रदीप

आज कवि प्रदीप की जयंती है. देशभक्ति गीतों को याद करते ही प्रदीप याद आने लगते हैं. उनको याद करते हुए यह लेख लिखा है नवीन शर्मा ने- मॉडरेटर ===================================== ऐ मेरे वतन के लोगों जरा याद करो कर्बानी .. देशभक्ति गीत लता मंगेशकर की आवाज में सुनना एक अलग …

Read More »

बहुत याद आएंगे जीनियस सुशील सिद्धार्थ    

सुशील सिद्धार्थ को याद करते हुए बहुवचन के संपादक अशोक मिश्र ने बहुत अच्छा लिखा है. पढियेगा- मॉडरेटर ================================================================= सुशील सिद्धार्थ के अचानक निधन की पहली खबर मुझे कहानीकार मनोज कुमार पांडे से शनिवार 17 मार्च को सुबह साढ़े दस बजे मिली उस समय बैंक से कुछ काम निपटाकर कैंपस …

Read More »

मीना कुमारी और तन्हाई का अंधा शिगाफ़ : भाग-1

ख़ुद ही को तेज़ नाख़ूनों से हाए नोचते हैं अब हमें अल्लाह ख़ुद से कैसी उल्फ़त होती जाती है – मीना कुमारी भारतीय सिनेमा की मशहूर अदाकारा मीना कुमारी के बारे में हम सब टुकड़ों-टुकड़ों में बहुत कुछ जानते हैं। लेकिन बहुत कुछ है जो अनकहा है, अनसुना है। आज …

Read More »

शहरयार कलाम ऐसे पढ़ते जैसे कोई धीमी गति का समाचार पढता हो

आज उर्दू के प्रख्यात शायर शहरयार साहब की जन्मतिथि है. जनाब रवि कुमार का संस्मरणात्मक लेख उनकी शख्सियत और शायरी पर पेश है- मॉडरेटर ===================  [ उर्दू के प्रसिद्ध शायर प्रो॰ अख़लाक मोहम्मद खाँ ‘शहरयार’ के जन्म दिन पर विशेष संस्मरण ] बात शायद अप्रैल 1982 की है,  हिन्दी फिल्म …

Read More »

जिसने हुनर में कमाल हासिल किया वह सारी दुनिया का चहेता

आज विश्व प्रसिद्ध पेंटर मकबूल फ़िदा हुसैन की पुण्यतिथि है. उनकी विवादास्पद पेंटिंग्स या उनकी माधुरी दीक्षित की प्रति दीवानगी और उनके फ़िल्मकार तक बन जाने की कहानी से तो सब वाकिफ़ हैं पर वे एक अच्छे लेखक भी थे ये उनकी आत्मकथा पढ़कर पता चलता है. आमतौर पर आत्मकथा …

Read More »

ख्वाजा अहमद अब्बास की 30 वीं पुण्यतिथि पर तौहीद का लेख

सोद्देश्य सिनेमा को समर्पित फिल्म लेखक, निर्देशक ख्वाजा अहमद अब्बास की आज पुण्यतिथि है. उनकी लेखन-कला, उनकी सिनेमा कला को याद करते हुए एक बढ़िया लेख लिखा है सैयद एस. तौहीद ने- जानकी पुल. ======================   उन दिनों वी शांताराम की एक द्विभाषी फिल्म ‘दुनिया ना माने’ बनी थी। बांबे क्रानिकल …

Read More »