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स्मरण

वे 15 शताब्दी तक प्रसिद्ध रहेंगे

युवा लेखक द्वारिका नाथ पांडेय ने महान फुटबॉल खिलाड़ी पेले के बारे में लिखा है। उनका पढ़ना मुझे इसलिए दिलचस्प लगा क्योंकि वे जिस पीढ़ी के हैं उस पीढ़ी ने पेले को मैदान पर खेलते हुए नहीं देखा था या उनके मैचों की कमेंट्री नहीं सुनी थी। आप भी पढ़िए- …

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चचा ग़ालिब के नाम भतीजे इरशाद ख़ान सिकन्दर का एक ख़त!

आज ग़ालिब की जयंती है। उनके नाम यह ख़त लिखा है जाने-माने युवा शायर इरशाद खान सिकंदर ने। आप भी पढ़िए- ======================== चचा आदाब चचा,मैंने भी आपकी नहज पर चलते हुए मुरासले को मुकालमा बना लिया है और गुस्ताख़ी ये कि मुख़ातिब भी आप ही से हूँ इस मौक़े पर …

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यशपाल और प्रकाशवती -अद्भुत सच्ची प्रेम कथा

पढ़ने लिखने वाला आदमी पढ़े लिखे नहीं तो क्या करे? यतीश कुमार इन दिनों किताबें पढ़ रहे हैं और उसके ऊपर लिख रहे हैं। यशपाल की किताब ‘सिंहावलोकन’ पढ़कर उन्होंने यह सुंदर प्रसंग लिखा है – ================================ हरिवंशराय बच्चन की आत्मकथा में यशपाल और प्रकाशवती  के प्रेम का ज़िक्र था। …

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अभिलाष: उनका एक गीत मनुष्यता का प्रार्थना गीत बन गया!

   गीतकार अभिलाष को याद करते हुए यह श्रद्धांजलि लेख लिखा है  अजय बोकिल ने। आप भी पढ़ सकते हैं- ========== जैसे कि ‘उसने कहा था’ कहानी ने चंद्रधर शर्मा गुलेरी को हिंदी साहित्य में अमर कर दिया, कुछ उसी तरह एक प्रार्थना गीत ‘इतनी शक्ति हमे देना दाता’ ने गीतकार …

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अलविदा सीमा घुरैया: सीरज सक्सेना

देश की ख्यातनाम चित्रकार सीमा घुरैया 22 सितम्बर की शाम अपनी उस अनन्त यात्रा में चली गईं, जहाँ से वे अब केवल कला-बिरादरी की स्मृतियों में ही रहेंगी। ‘जानकी पुल’ और उसके साप्ताहिक उपक्रम ‘कविता शुक्रवार’ के लिए हमारे विशेष आग्रह पर यह स्मृति-लेख युवा कलाकार सीरज सक्सेना ने लिखा …

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मेरे गाँव से दिल्ली का रास्ता अमरोहे से होकर जाता है

सुहैब अहमद फ़ारूक़ी पेशे से पुलिस अधिकारी हैं मिज़ाज से शायर। इस लेख में उन्होंने याद किया है नश्तर अमरोहवी को, जिनका ताल्लुक़ ज़ौन इलिया के वतन अमरोहा से था। क्या शिद्दत से याद किया है उनको सुहैब जी ने- =========== ऐ  ग़मे  ज़ीस्त हम  किधर   जाएं इतनी  फ़ुर्सत  नहीं  …

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आँखों में पानी और होंठो में चिंगारी लिए चले गए राहत इंदौरी: राकेश श्रीमाल

मुशायरों के सबसे जीवंत शायरों में एक राहत इंदौरी का जाना एक बड़ा शून्य पैदा कर गया है। उनको याद करते हुए यह लेख लिखा है कवि-संपादक-कला समीक्षक राकेश श्रीमाल ने। राहत साहब को अंतिम प्रणाम के साथ पढ़िए- ========================= कितने सारे दृश्य स्मृति में एकाएक चहल-कदमी करने लगते हैं। …

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अमृतलाल नागर का पत्र मनोहर श्याम जोशी के नाम

आज मनोहर श्याम जोशी की जन्मतिथि है। आज एक दुर्लभ पत्र पढ़िए। जो मनोहर श्याम जोशी को उनके गुरु अमृतलाल नागर ने लिखा था। अमृतलाल नागर को वे अपना गुरु मानते थे। पत्र का प्रसंग यह है कि 47 साल की उम्र में शिष्य मनोहर श्याम जोशी का पहला उपन्यास …

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प्रेमचंद का पत्र जयशंकर प्रसाद के नाम

  आज प्रेमचंद की जयंती पर उनका यह पत्र पढ़िए जयशंकर प्रसाद के नाम है। उन दिनों प्रेमचंद मुंबई में थे और फ़िल्मों के लिए लेखन कर रहे थे- =======================   अजंता सिनेटोन लि. बम्बई-12 1-10-1934   प्रिय भाई साहब, वन्दे! मैं कुशल से हूँ और आशा करता हूँ आप …

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वैद प्रश्न, प्रतिवाद और प्रति-प्रतिवाद के लेखक हैं

आज अनूठे लेखक कृष्ण बलदेव वैद की जयंती है। जीवित होते तो 92 साल के होते। उनके लेखन पर एक सूक्ष्म अंतर्दृष्टि वाला लेख लिखा है आशुतोष भारद्वाज ने। उनका यह लेख ‘मधुमती’ पत्रिका के नए अंक में प्रकाशित उनके लेखक का विस्तारित रूप है। आशुतोष जाने माने पत्रकार-लेखक हैं …

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