Home / स्मरण

स्मरण

सजी थी बज़्म, मगर टूट गया साज़ का तार

पं जश करण गोस्वामी एक मूर्घन्य सितार वादक थे. राजस्थान संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार एवं एम0 पी0 बिरला फाउंडेशन कला सम्मान जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित पं गोस्वामी ने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा अपने पिता श्री गोविन्द लाल गोस्वामी से ली. तत्पश्चात सितार वादन का गहन प्रशिक्षण आपने प्रसिद्ध सरोद  …

Read More »

इरफान अभी यात्रा के बीच थे

महान अभिनेता इरफ़ान के असमय निधन ने सबको उदास कर दिया है। यह श्रद्धांजलि लिखी है जाने माने युवा पत्रकार-लेखक अरविंद दास ने- मॉडरेटर =============== इरफान अभी यात्रा के बीच थे. उन्हें एक लंबी दूरी तय करनी थी. हिंदी सिनेमा को उनसे काफी उम्मीदें थी. हिंदी जगत की बोली-बानी, हाव-भाव, …

Read More »

इरफ़ान मरते हैं, कलाकार इरफ़ान कभी नहीं मरते

इरफ़ान खान के समय निधन ने सबको आहत किया है। यह छोटी सी मार्मिक टिप्पणी लेखक और राजकमल प्रकाशन समूह के संपादकीय निदेशक सत्यानंद निरुपम की पढ़िए। यह राजकमल द्वारा व्हाटसऐप पर भेजी जा रही ‘पाठ पुनर्पाठ’ ऋंखला की 12 वीं कड़ी का हिस्सा है– ======================= जाने वाले, तुझे सलाम! …

Read More »

उसके जाने से यथार्थ का जादू कुछ कम हो गया!

आज मार्केज़ की पुण्यतिथि है। जब उनका निधन हुआ था तो हिंदी के वरिष्ठ लेखक-कवि-पत्रकार प्रियदर्शन ने उनके साहित्य का मूल्यांकन करते हुए यह लेख लिखा था। आज याद आया तो साझा कर रहा हूँ। मौक़ा मिले तो पढ़िएगा। बहुत से सूत्र मिलेंगे- मॉडरेटर =============== एक लड़की थी- फ्राउड फ्रेरा। …

Read More »

विराट के लेखक की आत्मकथा के बहाने

आज गैब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की पुण्यतिथि है। इस अवसर पर विजय शर्मा ने उनकी आत्मकथा ‘लिविंग टु टेल द टेल’ पर लिखा है। बीस साल पहले प्रकाशित इस आत्मकथा के बाद मार्केज़ के जीवन और साहित्य पर बहुत कुछ लिखा जा चुका है। उनकी आधिकारिक-अनाधिकारिक जीवनियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं। …

Read More »

आश्चर्य का संगीत रचने वाला एक संगीतकार

आज प्रख्यात सितारवादक पंडित रविशंकर की सौवीं जयंती है। युवा कवि निर्वाण योगऋत ने उनकी संगीत यात्रा के कुछ महत्वपूर्ण पड़ावों की चर्चा इस लेख में की है- ================== महान सिने-मास्टर सत्यजित राय ने जब ‘पाथेर-पांचाली’ की कल्पना की थी-दृश्यों के रूप में तब कोई और भी था जिसने इस …

Read More »

रेणु के साहित्य से परिचित हुआ तो लगा खजाना मिल गया!

यह फणीश्वरनाथ रेणु की जन्मशताब्दी के साल की शुरुआत है। वरिष्ठ लेखक और रेणु की परम्परा के समर्थ हस्ताक्षर शिवमूर्ति जी का लेख पढ़िए रेणु की लेखन कला पर- मॉडरेटर ============= रेणु: संभवामि युगे युगे…             रेणु के साहित्य से परिचित हुआ तो लगा खजाना मिल गया। लिखने का कीड़ा …

Read More »

23 मार्च एक जज्बाती याद : कवि पाश

आज शहीदी दिवस है- भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत का दिन। आज के ही दिन पंजाबी के क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह ‘पाश’ भी शहीद हुए थे। भगत सिंह और पाश के रचनात्मक संबंधों को लेकर यह लेख लिखा है अमित कुमार सिंह ने जो केंद्रीय विद्यालय में अध्यापक …

Read More »

इस वसंत को शरद से मानो गहरा प्रेम हो गया है

कृष्ण बलदेव वैद को पढ़ा सबने समझा किसने? शायद उन्होंने भी नहीं जो उनको समझने का सबसे अधिक दावा करते रहे। मुझे लगता है सबसे अधिक उनको उस युवा पीढ़ी ने अपने क़रीब पाया जो उनके अस्सी पार होने के आसपास उनका पाठक बना। युवा लेखिका सुदीप्ति के इस लिखे …

Read More »

रमाकांत जी की ऊर्जा हमारे मध्य सदैव रहेगी

कल अचानक प्रसिद्ध ध्रुपद गायक रमाकान्त गुंदेचा का निधन हो गया। उनकी गायकी कि याद करते हुए प्रवीण झा ने बहुत सारगर्भित लेख लिखा है- मॉडरेटर ======================= आम लोगों के लिए हिंदुस्तानी संगीत सुनने की शुरुआत अक्सर जबरदस्ती ही होती है। यह ‘कल्ट’ बनाने वाला मामला होता है कि एक …

Read More »