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Tag Archives: manisha kulshreshtha

विश्व साहित्य की प्रसिद्ध नायिकाएँ

वरिष्ठ लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ का यह लेख विश्व साहित्य की प्रसिद्ध नायिकाओं को लेकर है। आप भी पढ़िए बहुत रोचक है- ================= कोई भी कला स्त्री की उपस्थिति के बिना अपूर्ण है चाहे वह अमूर्त हो कि विशुद्ध या जादुई यथार्थ! साहित्य अधूरा है, नायिकाओं के बिना। नायिकाएं, एकरेखीय जीवन जिएं और …

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एक भू सुंघवा लेखक की यात्राएँ

राकेश तिवारी के यात्रा वृत्तांत ‘पहलू में आए ओर-छोर : दो देश चिली और टर्की’ पर प्रसिद्ध लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ की टिप्पणी। पुस्तक का प्रकाशन सार्थक, राजकमल ने किया है- ======== यात्रावृत्तातों की शैली में रोचक प्रयोग, मीठी व्यंजना, लोक भाषा के प्रयोग, पुरावेत्ता ( जिसे वे स्वयं भू सुंघवा कहते …

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‘जापानी सराय’ पर मनीषा कुलश्रेष्ठ की टिप्पणी

जब आपकी पहली किताब पर जाने माने लेखक-लेखिकाएँ लिखने लगें तो समझ लीजिए कि आपको बहुत गम्भीरता से लिया जा रहा है, आपको बहुत उम्मीदों से देखा जा रहा है। अनुकृति उपाध्याय के पहले कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ की यह समीक्षा प्रसिद्ध लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ ने लिखी है- मॉडरेटर ============================= …

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हे मल्लिके! तुमने मेरे भीतर की स्त्री के विभिन्न रंगो को और गहन कर दिया

अभी हाल में ही प्रकाशित उपन्यास ‘चिड़िया उड़’ की लेखिका पूनम दुबे के यात्रा संस्मरण हम लोग पढ़ते रहे हैं। आज उन्होंने वरिष्ठ लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ के चर्चित उपन्यास ‘मल्लिका’ पर लिखा है। आपके लिए- मॉडरेटर =============================== मनीषा कुलश्रेष्ठ जी की किताब मल्लिका पर लिखते हुए मुझे क्लॉड मोनेट की …

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मनीषा कुलश्रेष्ठ की पुस्तक ‘बिरजू लय’ का एक अंश

प्रसिद्ध लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ ने कथक-गुरु बिरजू महाराज पर एक पुस्तक लिखी ‘बिरजू लय’. अभी हाल में ही उसका प्रकाशन नयी किताब प्रकाशन से हुआ है. प्रस्तुत है पुस्तक का एक छोटा सा अंश मनीषा कुलश्रेष्ठ की भूमिका के साथ- मॉडरेटर ====================================== कथक’ संसार से मेरा नाता, कथक की ‘विशारद’ …

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मनीषा कुलश्रेष्ठ की कहानी ‘रंग रूप रस गंध’

होली आने वाली है. वरिष्ठ लेखिका मनीषा कुलश्रेष्ठ की यह कहानी वृन्दावन की होली को लेकर है. पढियेगा- मॉडरेटर ===================================================== ‘आज बिरज में होरी रे रसिया की सामूहिक उठान पर अधेड ज़या माई का ध्यान खिंच गया। वह कोठरी में बैठी एक पुरानी गुदडी क़ी उधडी सींवन ठीक कर रही …

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