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कथा-कहानी

प्रियंका ओम की कहानी ‘शर्त एक सौ अस्सी रुपये की’

आज पढ़िए युवा लेखिका प्रियंका ओम की कहानी ‘शर्त एक सौ अस्सी रुपये की’, यह कहानी ‘पाखी’ में प्रकाशित है। आप यहाँ पढ़कर अपनी राय दे सकते हैं- ============================================= बेटे के चीखने की आवाज़ आ रही थी; वह नींद में डर गया था, शायद कोई बुरा सपना देखा होगा | …

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विभा रानी की कहानी ‘सीता के सकल देखी’

आज विभा रानी की कहानी पढ़िए। विभा रानी हिन्दी और मैथिली की लेखक, अनुवादक, नाट्य-लेखक, नाट्य व फिल्म कलाकार व फोक प्रेजेंटर हैं। सत्रह नाटक, तीस किताबें (कविता, कहानी, नाटक, अनुवाद, लोक साहित्य, स्त्री विमर्श की), दो फिल्में, एक टीवी सीरियल लिखे हैं। गायक के रूप में फिल्म ‘भोर’ के लिए स्वर दिया है। दो फिल्मों के गीत लिखे हैं। एक्टर के रूप …

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सोनल की कहानी ‘जात्रा’

आज पढ़िए सोनल की कहानी। सोनल जी लेखिका हैं, दृश्य-श्रव्य माध्यमों के लिए भी लिखती हैं, सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनकी यह कहानी पढ़िए- ============================================  “ चलो तैयार हो जाते हैं. तीन साइट्स विजिट करना है जल्दी निकलना पड़ेगा।” देवेन्द्र  ने मुझसे कहा. नीता ने कॉफ़ी का मग मेरी ओर बढ़ाते …

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अणुशक्ति सिंह की कहानी ‘नो स्मेल, येट नेगेटिव…’

आज पढ़िए युवा लेखिका अणुशक्ति सिंह की कहानी। अणुशक्ति सिंह का उपन्यास ‘शर्मिष्ठा’ चर्चित रहा है। यह उनकी नई कहानी है- ======================   ओडोनिल की एकदम मद्धिम पड़ चुकी ख़ुशबू, टिपिर टिपिर चूता वाश बेसिन का नल, खिड़की की दूसरी तरफ़ रखा मोतिये के फूलों का गमला। ‘बाथरूम के बाहर …

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नितिन यादव की कहानी ‘द बैटल ऑफ द ऐप्स’

आज युवा लेखक नितिन यादव की कहानी पढ़िए। जब युवा प्रयोग करते हैं, कुछ नया करते हैं तो अच्छा लगता है। इस कहानी को पढ़ते हुए ध्यान इस बात की ओर गया कि हिंदी में सबसे अधिक प्रयोग गद्य में हुए हैं। लगता है जैसे कविता एक ठहरी हुई विधा …

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     पूनम अरोड़ा की कहानी ‘उस हवा का रंग स्लेटी था’

पूनम अरोड़ा समकालीन साहित्य में अपनी अलग उपस्थिति रखती हैं। उनकी कहानियाँ, उनकी कविताओं का अलग ही मिज़ाज है। आज अरसे बाद उनकी नई कहानी पढ़िए- ===========================  साइकिल ठीक गेट के सामने रुकती है. सर पर सफ़ेद सूती कपड़ा बांधे एक भलामानस आवाज़ लगाता है– कूरियर ! आवाज़ के साथ गेट …

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केशव भारद्वाज की कहानी ‘अपने लोग’

केशव भारद्वाज पुलिस सेवा में रहे हैं। आजकल प्रतिनियुक्ति पर कंपाला, युगाण्डा के भारतीय उच्चायोग में  सहायक कार्मिक एवं कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। इससे पूर्व वह प्रिटोरिया में तैनात रहे हैं। लेखक हैं। मैथिली में लिखते रहे हैं। आज उनकी हिंदी कहानी पढ़िए- ============================== मोबाइल फ़ोन में …

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भावना शेखर की कहानी ‘संधिपत्र’

आज पढ़िए भावना शेखर की कहानी ‘संधिपत्र’। रिश्तों के तानों-बानों में बनती-सिमटती यह कहानी बहुत कुछ न कहके भी बहुत कुछ कह जाती है- =========================== खिड़की से आती हवा के झोंके दीवार पर टंगे कैलेंडर के पन्नों को फडफड़ा देते मानो उसे याद दिला रहे हों कि चार दिन हो …

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  सारंग उपाध्याय की कहानी ‘अकेली मुंबई, अजनबी कोलकाता’ 

सारंग उपाध्याय पेशे से पत्रकार हैं और बहुत संवेदनशील लेखक। हाशिए के लोगों के जीवन के सुख-दुःख को लेकर यह एक मार्मिक कहानी है। आप भी पढ़कर बताइएगा- ============================ बारिश काले बादलों में अब भी अटकी थी. उमस लोगों के चेहरे से टपक रही थी. सुबह के 7 बजे थे. …

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राधाकृष्ण की कहानी ‘वरदान का फेर’

कल सत्यानंद निरुपम जी ने राधाकृष्ण की कहानी ‘वरदान का फेर’ की याद दिलाई। राधाकृष्ण को लोग भूल गए हैं लेकिन कभी प्रेमचंद ने उनकी प्रशंसा की थी और युवा शोधकर्ता संजय कृष्ण ने लिखा है कि प्रेमचंद के निधन के बाद ‘हंस’ का काम देखने के लिए शिवरानी देवी …

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