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कथा-कहानी

हृषिकेश सुलभ की कहानी ‘हबि डार्लिंग’

आज जाने माने लेखक हृषिकेश सुलभ का जन्म दिवस है. उनको पढ़ते हुए हम जैसे लेखकों ने लिखना सीखा. आज जानकी पुल की तरफ से उनको बधाई. वे इसी तरह हमें प्रेरणा देते रहें- मॉडरेटर ===========      उस रात एक आदिम गंध पसरी हुई थी। यह गंध उसके रन्ध्रों से …

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शर्मिला जालान की कहानी ‘चारुलता’

आज समकालीन कहानी की एक विशिष्ट स्वर शर्मिला जालान की कहानी ‘चारुलता’. शर्मिला जी कम लिखती हैं लेकिन भीड़ से अलग लिखती हैं, रहती हैं. हाल में ही उनका कहानी संग्रह वाग्देवी प्रकाशन से आया है ‘राग-विराग और अन्य कहानियां’. यह एक प्रेम कहानी है. चारुलता की, जिसे बचपन से …

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उपासना झा की कहानी ‘सारा आकाश’

इधर युवा लेखिका उपासना झा की रचनाओं ने सबका ध्यान आकर्षित किया है. विषय, भाषा, संतुलन, भाषा का संयम. उनकी रचनाओं को पढ़ते हुए यह लगता ही नहीं है कि किसी युवा लेखक को पढ़ रहे हों. जैसे यह कहानी- मॉडरेटर  ============ रात भर तेज़ बारिश हुई थी। आँगन में, …

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सुशील कुमार भारद्वाज की कहानी ‘मंझधार’

सुशील कुमार भारद्वाज युवा लेखक हैं, हाल में उन्होंने कुछ अच्छी कहानियां लिखी हैं. उनकी कहानियों का एक संकलन किन्डल पर ईबुक में उपलब्ध है. यह उनकी एक नई कहानी है- मॉडरेटर ===========================================  चाहकर भी मैं खुश नहीं रह पाता हूँ. हंसता हूँ पर आत्मा से एक ही आवाज आती- “क्या …

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गौतम राजऋषि की कहानी ‘ सिमटी वादी : बिखरी कहानी’

  समकालीन लेखकों में गौतम राजऋषि एक ऐसे लेखक हैं जो सामान दक्षता के साथ अनेक विधाओं में लिखते हैं- ग़ज़ल, कहानियां, डायरी. ‘पाल ले इक रोग नादाँ’ के इस शायर का कहानी संग्रह आया है राजपाल एंड संज प्रकाशन से- हरी मुस्कुराहटों वाला कोलाज. उसी संग्रह से एक कहानी- …

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अणुशक्ति सिंह की कहानी ‘बदलते करवटों के निशां’

अणुशक्ति सिंह की यह कहानी स्त्रीत्व-मातृत्व के द्वंद्व को बहुत संतुलन के साथ सामने रखती है। पढ़कर बताइएगा- मॉडरेटर ——————————- कभी दायीं ओर, कभी बायीं… चर्र-मर्र करते उस बिस्तर पर उसका करवटें बदलना ज़ारी था. लेटते वक़्त ऐसा लगा था जैसे नींद पलकों पर बैठी हो, फट से आगोश में आ …

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लड़की होना कोई मज़ाक है क्या!

रचना भोला यामिनी के प्यार भरे किस्से हम पढ़ते रहते हैं. यह नया है. बताइयेगा, कैसा लगा- मॉडरेटर ======================================== प्यार… और क्या जीवन में प्यार इतने  रंगों और रूपों में बसा है कि इसे देखने के लिए आपको मन की आँखों से देखना होगा.. दिल की धड़कनों से सुनना होगा …

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हृषीकेश सुलभ की कहानी ‘वधस्थल से छलांग’

हृषीकेश सुलभ हिंदी की वरिष्ठ पीढ़ी के सबसे प्रासंगिक लेखकों में है. मेरी नजर में बड़ा लेखक वह नहीं होता जो अपने समय में दो-चार अच्छी कहानियां लिखकर खुद को कालजयी समझने लगता है. बड़ा लेखक वह होता है जो हर दौर में समकालीन बना रहता है. बदलते समय के अनुसार …

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सुशील कुमार भारद्वाज की कहानी ‘उस रात’

सुशील कुमार भारद्वाज ने हाल कई अच्छी कहानियां लिखी हैं. अभी किन्डल ईबुक से उनकी कहानियों का संकलन जनेऊ आया है. यह उनकी एक नई कहानी है- मॉडरेटर =============================== उस रात दिल और दिमाग दोनों में ही भयंकर हलचल मचा हुआ था.नैतिकता और जिम्मेवारी के सवाल अंदर तक धंसे हुए …

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इरशाद ख़ान सिकन्दर की कहानी ‘मंडी हाउस’

इरशाद खान सिकंदर नई नस्ल के कुछ अच्छे शायरों में एक हैं. नहीं पता था कि वे कहानियां भी लिखते हैं. उनकी एक कहानी उनकी पुरखुलूस शायराना जुबान में- मॉडरेटर ============== हवा– मैं मंडी हाउस की हवा हूँ और राही मासूम रज़ा के “समय” की छोटी बहन हूँ, मंडी हाउस …

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