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कथा-कहानी

मेरा ब्लेजर किसी की उतरन नहीं है: श्वेता सिंह

श्वेता सिंह अपने जीवन अनुभवों को कहानी की शक्ल में लिखती हैं। रेडियो जॉकी रही हैं. बीबीसी, ऑल इंडिया रेडियो आदि संस्थानों में ब्रॉडकास्टिंग का अनुभव. इन दिनों The Energy and Resources Institute (TERI) के साथ जुड़ी हैं. अब जानकी पुल के लिए नियमित लिखा करेंगी। आज उनकी यह कहानी …

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मुद्दन्ना किसान और विचित्र कुएं की कथा: मृणाल पाण्डे

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथाएँ लिख रही हैं। आज उसकी 26 वीं किस्त हाज़िर है। मुझे नहीं याद आता है कि किसी लेखक ने हिंदी में लोककथाओं की ऐसी सीरिज़ लिखी होगी। हर कथा इंसानी जीवन की चिर व्यथा की तरह है। आज तमिल …

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अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘कलाकार और क्वारंटीन’

अनुकृति उपाध्याय समकालीन हिंदी कहानी में अपने अलग मिज़ाज, कहन की विशिष्ट शैली के कारण जानी जाती हैं। उनके पहले कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ को पाठकों-आलोचकों का ध्यान खींचा था। अंग्रेज़ी में तीन उपन्यास लिख चुकी इस लेखिका का पहला हिंदी उपन्यास जल्दी ही आने वाला है। आप यह कहानी …

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बहुरूपिया गुरु और चतुर चेले की कथा:  मृणाल पाण्डे

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे बच्चों को न सुनाने लायक कथाएँ लिख रही हैं। आज 25 वीं कथा में लोक का वह आलोक है जो भौगोलिक सीमाओं को नहीं मानता। एक सी लोक कथाएँ देश की अलग अलग संस्कृतियों में हैं, उनकी सीख एक है। मृणाल पाण्डे की एक कथा सीरिज़ …

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बाघ, बंदर और दढ़ियल खाडू(मेढे) की कथा: मृणाल पाण्डे

प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे  बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथायें लिख रही हैं, हर कथा में एक सीख होती है, कोई सूझ, जो राज-समाज के बारे में हमें कुछ बता जाती है सिखा जाती है। यह 24 वीं कथा है। आप भी पढ़िए- ================================== (गढवाल की यह लोककथा मूल …

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प्रेम की ड्योढी का संतरी: मृणाल पाण्डे

बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथाएँ सीरिज़ की यह 23 वीं कथा है। लव-जिहाद के शोर के इन दिनों में प्रसिद्ध लेखिका मृणाल पाण्डे ने इस बार लोक की एक प्रेम कहानी उठाई है और उसकी हूक का बयान किया है। आप भी पढ़िए- ================================== (हिंदी में बेहतरीन प्रेमकथायें …

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सदेई और सदेऊ की कथा: मृणाल पाण्डे

प्रसिद्ध लेखिका-संपादिका मृणाल पाण्डे की बच्चों को न सुनाने लायक बाल कथाएँ  का यह 22 वाँ खंड है। इस बार गढ़वाल की मूल लोककथा को आधार बनाकर उन्होंने एक शानदार कथा रची है। भाषा, परिवेश, संदेश सब लिहाज़ से एक ऐसी कथा है जिसे आप बार बार पढ़ना चाहें- =================================== …

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प्रवीण कुमार झा की कहानी ‘अहुना मटन’

 प्रवीण कुमार झा की यह कहानी पढ़िए। चंपारण के अहुना मटन के बहाने एक ग्लोबल कहानी- ===================================  ‘ग म धss…ग म धsss’  भोर के घुप्प अंधकार में धैवत को आंदोलित करते भैरव गा रहा हूँ कि शायद कोई करिश्मा हो जाए। छत पर तिरछी खिड़की के शीशे को ताक रहा …

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शैलेंद्र शर्मा की कहानी ‘तीन पगडंडियां’

शैलेन्द्र शर्मा पेशे से चिकित्सक हैं। 1980-90 के दशक में हिंदी की सभी पत्र-पत्रिकाओं में इनकी कहानियाँ प्रकाशित होती थीं, सराही जाती थीं। लम्बे अंतराल के बाद इन्होंने दुबारा लेखन  शुरू किया है। जानकी पुल पर प्रकाशित यह उनकी दूसरी कहानी है- ======================================== स्टेशन पर सुमेधा और श्रुति पहले ही …

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राजीव कुमार की कहानी ‘वंचना’

राजीव कुमार समीक्षाएँ लिखते हैं, कविताएँ लिखते हैं। यह उनकी पहली कहानी है। एक अलग मिज़ाज, अलग तरह की भाषा में लिखी कहानी- ===================== जुले खान आप बहार की तरह आयी थी और पतझड़ में गुम हो गई। पतझड़ में  महज पत्ते नहीं झरते, वृक्ष के सपने भी। किताबों ने …

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