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युवा कवि को लिखा एक ख़त: “तूजी शेरजी” को लिखे गए कृष्ण बलदेव वैद के एक ख़त का अनुवाद

कल प्रसिद्ध लेखक कृष्ण बलदेव वैद की जयंती है। इस अवसर पर प्रस्तुत है जानी-मानी कवयित्री, लेखिका, अनुवादक तेजी ग्रोवर के नाम उनकी लिखी एक चिट्ठी, जिसका अंग्रेज़ी से हिंदी अनुवाद तेजी ज़ी ने ही किया है- ============================= यह ख़त सम्भवतः 6 जून 1984 से कुछ समय पहले डलहौज़ी में …

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कुमाऊँ प्रवास: यही है वह दिन के जिसका वादा था

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत ने अपने कुमाऊँ प्रवास के अनुभवों को डायरी रूप में दर्ज किया है। उसका एक चुनिंदा अंश उन्होंने जानकी पुल के पाठकों के लिए साझा किया है। आप भी पढ़िए- ============================== यह सप्ताहांत बाकी सप्ताहांतों से बहुत अलग बीता. यह पंक्ति टाइप करने के बाद मैं …

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हम अनाप-शनाप क्यों नहीं लिखते?

प्रदीपिका सारस्वत इन दिनों कुमाऊँ में रह रही हैं। वहीं से उन्होंने डायरीनुमा लिखकर भेजा है। जिसे उन्होंने नाम दिया है अनाप-शनाप। आप भी पढ़िए। पहाड़ों में खिले खिले धूप में चमकते फूलों सा गद्य- ============= रात को सोते वक्त तकिए से कहा था कि सुबह जल्दी जागना है, सूरज …

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                          चेतना पारीक होने का बोझ

देवेश पथ सारिया युवा कवि हैं। ताइवान के एक विश्वविद्यालय में शोध छात्र हैं। उनका यह गद्यांश पढ़िए जो लेखक के रूप में सफलताओं-असफलताओं, युवा जीवन के सपनों को लेकर है। आप भी पढ़ सकते हैं- ==================== 29 दिसंबर 2020 शिन चू, ताइवान सुबह के 6:00 बजे हैं। यह मेरा …

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शर्मिला जालान की डायरी में महादेवी

आज पढ़िए लेखिका शर्मिला जालान की डायरी- ================================== पहली बार डायरी लिखना शुरू नहीं किया। पहले लिखा है। पर इसके पहले जो लिखा वे मन के दस्तावेज थे। दैनन्दिनी का जोड़ घटाव। और आज जो लिख रही हूँ वह पुरखों की संगति से बड़ा होता अनुभव संसार है। अध्यापिका हूँ। …

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प्यारी दुश्मन: लाहौर की उस दोशीज़ा के नाम एक ख़त

आज पाकिस्तान की आज़ादी का दिन है। एक ख़त पढ़िए शुऐब शाहिद का। वे संजीदा शायर हैं, चित्रकार हैं। लाहौर की  दोशीज़ा के नाम इस ख़त में बँटवारे का दर्द छिपा हुआ है- —————————————————————- प्यारी दुश्मन, बरसों हुए तुम्हें बिछड़े हुए। इतने बरसों में कभी तुम्हें ख़त ना लिख सका। …

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नर्मदा, नाव के पाल और चित्रकार

लगभग बीस वर्ष पहले इंदौर के निकट नर्मदा किनारे बसे ग्राम पथराड में एक कला शिविर हुआ था। यह इस मायने में नवाचार लिए था कि इसके सूत्रधार युवा शिल्पी-चित्रकार सीरज सक्सेना चाहते थे कि नर्मदा में चलने वाली नावों के पाल पर चित्र बनाए जाएं। वरिष्ठ चित्रकार अखिलेश ने …

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मौत को नज़र चुरा कर नहीं नज़र मिला कर देखें

लॉकडाउन डायरी आज भेजी है ब्रिटेन से प्रज्ञा मिश्रा ने। मृत्यु और दुनिया भर की क़ब्रों को लेकर लिखा गया यह गद्य इस समय की भयावहता को तो दिखाने वाला है ही भौतिकता की निस्सारता का पाठ भी है- मॉडरेटर। =========== कोरोना वायरस के फैलने का जो सबसे बड़ा और गहरा …

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सुमेर सिंह राठौड़ की लॉकडाउन डायरी

सुमेर सिंह राठौड़ पक्के न्यू एज राइटर हैं। न्यू एज राइटर से मेरा मतलब यह नहीं है कि जो कैम्पस पर लिखे, प्रेम पर लिखे बल्कि वह जो अलग अलग माध्यमों को समझे, उनकी सम्भावनाओं-सीमाओं को समझते हुए उनका बेहतरीन उपयोग करे। आप अगर सुमेर जी के चित्रों को देखेंगे तो …

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समयोत्तर स्मृतियों की यात्रा-डायरी: प्रदीपिका सारस्वत

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत की यह यात्रा डायरी प्रस्तुत है- ============== उस पगडंडीनुमा सड़क पर चलते-चलते मैं अचानक नदी की तलहटी की ओर उतर गई थी. उतनी उत्साही नदी मैंने पहले नहीं देखी थी. दो दिन से मैं उसके साथ-साथ चल रही थी. जहाँ से देखती लगता कि पानी उसमें …

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