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Tag Archives: प्रभात रंजन

मेला, रेला, ठेला रामलीला!

कल यानी रविवार को ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ के ‘फुर्सत’ सप्लीमेंट में रामलीला पर एक छोटा-सा लेख मैंने लिखा था. आपने न पढ़ा हो तो आज पढ़ सकते हैं- प्रभात रंजन ========================================== यह रामलीला लाइव का ज़माना है. 10 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में रामलीला …

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हेमिंग्वे की स्मृति को समर्पित कहानी- हिडेन फैक्ट

मेरे पहले कहानी संग्रह ‘जानकी पुल’ में एक कहानी है ‘हिडेन फैक्ट’, जो महान लेखक हेमिंग्वे की स्मृति को समर्पित है. हेमिंग्वे के बारे में आलोचकों का कहना था कि उनकी कहानियों में ‘हिडेन फैक्ट’ की तकनीक है यानी बहुत लाउड होकर नहीं बल्कि संकेतों, इंगितों के माध्यम से अपनी बात कहना- प्रभात …

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स्टोरीटेल के ऐप पर ‘कसप’ सुनते हुए

जब मैं करीब 12-13 साल का था तब मेरे दादाजी बहुत बीमार हो गए थे. उन दिनों वे मुझसे किताबें पढ़वाकर सुनते थे. दिनकर जी की ‘रश्मिरथी’, रामवृक्ष बेनीपुरी जी का नाटक ‘अम्बपाली’, आचार्य चतुरसेन का उपन्यास ‘वैशाली की नगरवधू’ जैसी कुछ किताबों के नाम याद आ रहे हैं जो …

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लेखक बनने की पहली कोशिश, मनोहर श्याम जोशी और अमेरिकन सेंटर लाइब्रेरी

आज मनोहर श्याम जोशी जी की 12 वीं पुण्यतिथि है. इस अवसर पर उनकी स्मृति को प्रणाम करते हुए उनके ऊपर  अपनी लिखी जा रही किताब का एक अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ- प्रभात रंजन ============================================= आखिरकार उनके(मनोहर श्याम जोशी) घर बेतकल्लुफी से आने जाने का सिलसिला शुरू हो गया …

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देवदत्त पटनायक की किताब ‘राम की गाथा’ का एक अंश

रामनवमी के अवसर पर देवदत्त पटनायक की किताब ‘राम की गाथा’ का एक अंश प्रस्तुत है. पेंगुइन बुक्स-मंजुल पब्लिशिंग से प्रकाशित यह किताब ‘द बुक ऑफ़ राम’ का हिंदी अनुवाद है. अनुवाद मैंने किया है- प्रभात रंजन ============================================================= एक न्यायप्रिय नायक रामायण हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथों में एक …

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बचपन की मोहब्बत की जवान कहानी

मेरे हमनाम लेखक प्रभात रंजन के उपन्यास ‘विद यू विदाउट यू’ की तरफ लोगों का ध्यान गया. इस उपन्यास की शायद यह पहली ही समीक्षा है. वह भी इतनी विस्तृत और गहरी. लिखी है पंकज कौरव ने- मॉडरेटर ==================================================== हाल ही में प्रकाशित लोकप्रिय शैली का उपन्यास विद यू विदाउट …

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सीता की विद्रोह कथा और ‘मैं जनक नंदिनी’

  आशा प्रभात जी के उपन्यास ‘मैं जनकनंदिनी’ पर मेरी यह समीक्षा ‘कादम्बिनी’ में आई है- प्रभात रंजन ==================================================== मिथक सतत कथाओं को तरह होती हैं। हर युग उन कथाओं को अपने युग सन्दर्भों के अनुकूल बनाकर अपना लेती है। इसीलिए देवी-देवताओं की कथाओं की अनंत कथाएं लिखी जाती रही …

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खुशी हमारा अंदरूनी भाव होता है- उसे पहचानें

आज ‘दैनिक भास्कर’ के सभी संस्करणों में मेरा यह लेख आया है- प्रभात रंजन ========================================= खुशी का मतलब बड़ी-बड़ी भौतिक उपलब्धियां पाना नहीं होता है। हालांकि हमारे समाज की यह कड़वी सच्चाई है कि हम इंसान का आकलन उसकी उपलब्धियों के आधार पर करते हैं। इससे समाज में हमारी पहचान …

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हैप्पी वाला बर्थ डे राहुल गांधी!

आज 19 जून है. याद आया राहुल गाँधी का जन्मदिन है. बारिश हो रही है. दिल्ली का मौसम किसी पहाड़ी कस्बे सा रूमानी हो गया है. सोचा कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता की तरह उनके बंगले पर माला लेकर जाऊं और हैप्पी बर्थ डे बोल आऊँ. फिर याद आया कि वे …

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धर्म विरुद्ध आचरण पर किताब बांटने की सजा

चंडीगढ़ में एक खबर की तरफ ध्यान गया. खबर मोगा जिले के बहोना गाँव की थी. वहां के सरपंच को सिख संगत की तरफ से तनखैया यानी धर्म विरुद्ध आचरण का दोषी ठहराया गया. कारण था कि उसने अपनी दाढ़ी डी सी के ऑफिस में जाकर कटवा ली थी. क्योंकि …

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