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Tripurari

Poet, lyricist & writer

युवा शायर #27 महेंद्र कुमार ‘सानी’ की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है महेंद्र कुमार ‘सानी’ की ग़ज़लें। पढ़िए और लुत्फ़-अंदोज़ होइए – त्रिपुरारि =============================================================== ग़ज़ल-1  काम कुछ भी नहीं था करने को हम को भेजा गया है मरने को.. तुम जो सिमटे हुए से रहते हो यानी बेताब हो बिखरने को.. आइना देखते नहीं अपना और …

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युवा शायर #26 मुस्तहसन जामी की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है मोहम्मद मुस्तहसन जामी की ग़ज़लें। जामी, पाकिस्तानी शायरी में एक उभरती हुई आवाज़ हैं। वो आवाज़, जो अपने आप में धूप की नर्मी और बर्फ़ की गर्मी एक साथ समेटे हुए है। वो आवाज़, जो ख़्वाब देखना तो चाहती है मगर जिसे ताबीर की …

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युवा शायर #25 इरशाद ख़ान ‘सिकंदर’ की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है इरशाद ख़ान ‘सिकंदर’ की ग़ज़लें। इरशाद की शायरी में रोज़मर्रा की ज़िंदगी के हालात और हर हाल में जीने का हौसला कुछ इस तरह मुँह जोड़ के चलते हैं, जैसे अंधेरे की बाँहों में रोशनी ने अपनी बाँहें डाल दी हों। एकदम अपनी ही …

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ये रौशनी में कोई और रौशनी कैसी

‘मौजूद की निस्बत से’ महेंद्र कुमार सानी का पहला शे’री मज्मूआ है जो रेख़्ता से प्रकाशित हुआ है । इसकी भूमिका प्रसिद्ध शा’इर और सम्पादक आदिल रज़ा मंसूरी ने लिखी है। उन्होंने सानी के मुख़्तलिफ़ तख़्लीक़ी पहलुओं पर इस तरह रौशनी डाली है कि क़ारी की अपेक्षाएँ बढ़ जाती हैं …

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अब्दुल अहद साज़ की नज़्म ‘ज़ियारत’

चंद नाम ऐसे होते हैं, जिनके साथ RIP लिखते हुए हमारी उंगलियाँ काँप उठती हैं। 16 अक्टूबर 1950 को जन्मे, मुम्बई के मशहूर शायर अब्दुल अहद साज़ ऐसा ही एक नाम है, कल जिनका इंतकाल हो गया। ग़ज़ल और नज़्म की दुनिया का मोतबर नाम, जिसे महाराष्ट्र स्टेट उर्दू आकादमी अवार्ड से …

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युवा शायर विजय शर्मा की कहानी ‘लिविंग थिंग’

आज पेश है युवा शायर विजय शर्मा की कहानी लिविंग थिंग – त्रिपुरारि ==================================================== छुट्टियों वाले दिन नींद अक्सर जल्द खुल जाया करती है..यदि छुट्टी सोमवार की हो, तो शायद और भी जल्द.. सुबह के नौ बज चुके थे और अयान अबतक अपनी बिस्तर में क़ैद था.. हालाँकि पिछले दो …

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शहनाज़ रहमत की ग़ज़लें

आज पेश है शहनाज़ रहमत की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1 दर्दे दिल हूँ मैं किसी का या कोई सूनी नज़र कुछ पता मुझको नहीं है कौन हूँ मैं क्या ख़बर गर्दिशें मुझको जलातीं अपनी भट्टी में अगर, ख़ूब सोने सी निखरती और जाती मैं सँवर मुझ से मेरा रास्ता …

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युवा शायर #24 अभिषेक कुमार ‘अम्बर’ की ग़ज़लें

युवा शायर सीरीज में आज पेश है अभिषेक कुमार ‘अम्बर’ की ग़ज़लें – त्रिपुरारि ====================================================== ग़ज़ल-1  वो मुझे आसरा तो क्या देगा, चलता देखेगा तो गिरा देगा। क़र्ज़ तो तेरा वो चुका देगा, लेकिन अहसान में दबा देगा। हौसले होंगे जब बुलंद तेरे, तब समंदर भी रास्ता देगा। एक दिन …

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नबीना दास की गद्य कविताएँ

हिंदी में गद्य कविता एक ऐसी विधा है, जिसे अभी एक्सप्लोर किया जाना बाक़ी है। कुछ लोग कभी-कभार हाथ आज़माते रहते हैं। लेकिन दूसरी भाषाओं में ये काम निरंतर हो रहा है। कभी कभी ख़याल आता है कि अगर अनुवाद की सुविधा न होती, तो हम अपनी ज़िंदगी में कितनी …

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युवा शायर #23 वर्षा गोरछिया की नज़्में

युवा शायर सीरीज में आज पेश है वर्षा गोरछिया की नज़्में – त्रिपुरारि ====================================================== नज़्म-1 तुम आओ एक रात कि पहन लूँ तुम्हें अपने तन पर लिबास की मानिंद तुम को सीने पे रख के सो जाऊँ आसमानी किताब की मानिंद और तिरे हर्फ़ जान-ए-जाँ ऐसे फिर मिरी रूह में …

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