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कथा-कहानी

रजनी मोरवाल की कहानी ‘नमकसार’

हाल के वर्षों में रजनी मोरवाल की कहानियों ने सबका ध्यान खींचा है. आज उनकी एक कहानी जो हाल में किसी ‘परिकथा’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई थी- मॉडरेटर =============================       सूर्यास्त जिस वक़्त क्षितिज में गुम होने की तैयारी में होता है ठीक उसी वक़्त मीलों तक पसरा नमकीन …

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‘छबीला रंगबाज का शहर’ की एक कहानी: एक अंश

‘छबीला रंगबाज का शहर’ नाम ने मुझे बहुत आकर्षित किया. आज के दौर में जिस तरह से छोटी छोटी कहानियां लिखी जा रही हैं इस संग्रह की कहानियां उससे अलग हैं लेकिन उस तरह की हैं जो हिंदी के दोनों तरह के पाठकों को अच्छी लगेंगी- गंभीर और मनोरंजक साहित्य …

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बाढ़ से पहले की कहानी बाढ़ के बाद की कहानी

आजकल हिंदी में बेस्टसेलर की चर्चा के बीच अपमार्केट हिंदी लेखकों की धूम मची हुई. इसका मतलब यह नहीं है कि गांवों, कस्बों में हिंदी लेखक ख़त्म हो चुके हैं. हिंदी की जड़ें आज भी वहीं हैं और उसके लेखक पाठक अभी भी वहां से खाद-पानी पाते रहते हैं. ऐसे …

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सुशील कुमार भारद्वाज की कहानी ‘जनेऊ’

  सुशील कुमार भारद्वाज ने अपने लेखन से इधर ध्यान खींचा है. उनकी इस कहानी ने मेरा भी ध्यान खींचा. पढ़कर देखिये- मॉडरेटर रात में लोग सारी चिंताओं को दरकिनार कर सिर्फ गहरी नींद में सोना चाहते हैं. दिनभर की शारीरिक और मानसिक थकान को बिस्तर में ही छोड़ एक …

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तंजानियाई लेखक मोल्लेल की कहानी ‘एक शब आवारगी’

तंजानिया के लेखक टोलोलवा मारटी मोल्लेल की कहानी। तंज़ानियाई लेखक मोल्लेल का जन्म 1952 में अरुशा शहर में हुआ। उन्होंने 1972 में यूनिवर्सिटी ऑफ दारुस्सलाम, तंज़ानिया से लिटरेचर एंड ड्रामा में बी.ए., 1979 में कनाडा की यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा से ड्रामा में एम.ए. और 2001 में पी.एचडी की डिग्री हासिल …

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मन के मंजीरे: कुछ लव नोट्स

रचना भोला यामिनी जानी-मानी अनुवादिका हैं. वह बहुत अच्छा गद्य भी लिखती हैं. बानगी के रूप में पढ़िए उनके कुछ लव नोट्स- मॉडरेटर ============ मन के मंजीरे — तुम हो तो बजते हैं मन के मंजीरे— मन गुनगुनाता है] सुनाता है हरदम अपना ही राग। मन की उसी रागिनी से …

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प्रकृति करगेती की कुछ कहाविताएं

युवा लेखिका प्रकृति करगेती लेखन में नए नए प्रयोग करती हैं। कहाविता ऐसा ही एक प्रयोग है। आज उनकी कुछ कहाविताएं पढ़िये- मौडरेटर ==============       चेकमेट लड़का और लड़की, शतरंज के खेल में मिले। लड़का, दिलोदिमाग हारता गया। लड़की खेलती गयी। खेलते खेलते लड़का मारा गया। लड़की ने आंखिरी …

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राकेश शंकर भारती की कहानी ‘रंडियों का दल्ला’

राकेश शंकर भारती की कुछ कहानियों ने इधर मेरा ध्यान खींचा है। जेएनयू से पढ़ाई करने के बाद आजकल वे यूक्रेन में रहते हैं। उनकी इस कहानी को पढ़कर मुझे राजकमल चौधरी की याद आ गई। उनकी कहानी ‘जलते हुए मकान में कुछ लोग’ का परिवेश भी यही था लेकिन …

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मार्केज़ की कहानी ‘मैं सिर्फ़ एक फ़ोन करने आई थी’

मार्केज मेरे प्रिय लेखकों में हैं और उनकी कई कहानियाँ हमारी सोच को बादल कर रख देती है। हमारी देखी भाली दुनिया को ऐसे दिखाते हैं की सब कुछ जादुई लगने लगता है। यह कहानी भी वैसी ही है। अनुवाद किया है वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा ने- मॉडरेटर ================= गैब्रियल …

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कोठा नंबर 64

राकेश शंकर भारती ने जेएनयू से जापानी भाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त की. इन दिनों यूक्रेन में हैं. कुछ दिनों पहले आपने उनकी एक कहानी पढ़ी थी जो बहुत पसंद की गयी. आज उनकी एक और मार्मिक कहानी प्रस्तुत है जिसमें देह का जादू टूटने पर एक वेश्या का अकेलापन …

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