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रपट

राजकमल, पुरानी दिल्ली और दिल्ली पुलिस

कल 28 फ़रवरी से राजकमल प्रकाशन अपने 75 वें साल में प्रवेश कर जाएगा। अपने 74 वें स्थापना दिवस को इस बार राजकमल कुछ अनूठे अन्दाज़ में मना रहा है। सीधे पाठकों के बीच पहुँचने के अभियान के साथ। आप भी जानना चाहते हैं तो इसको पढ़ सकते हैं- ========================== …

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जमुना किनारे इकबाल फारूकी और अज़हर हाशमी  की शानदार जुगलबंदी

जामिया नगर में कैफ़े कारवाँ नामक एक कैफ़े की शुरुआत हुई है, जहाँ से यमुना का नज़ारा दिखाई देता है। एक कैफ़े में लाइब्रेरी भी है और यहाँ कला के आयोजन भी करने की योजना है। 21 फ़रवरी को कैफ़े कारवाँ ने कारवाँ-ए-अदब का आयोजन किया, जो जिमिशा कम्युनिकेशन के …

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हिंदी प्रकाशन जगत में एक नई पहल!

एक स्वागतयोग्य खबर- ============== हिंदी के दो अत्यंत प्रतिष्ठित प्रकाशनों–लोकभारती प्रकाशन (इलाहाबाद) और राधाकृष्ण प्रकाशन (नई दिल्ली)–ने बदले समय के अनुरूप अपनी तैयारी शुरू कर दी है। हाल ही में इन दोनों विशिष्ट प्रकाशनों ने पेशेवराना रूख अपनाते हुए महत्त्वपूर्ण नियुक्तियाँ की हैं जो कि हिंदी में एक नई शुरुआत …

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कलिंगा लिटेरेरी फ़ेस्टिवल का भाव संवाद: आगामी चर्चाएँ

कलिंगा लिटेरेरी फ़ेस्टिवल का भाव संवाद इस लॉकडाउन के दौरान बहुत सक्रिय रहा और उसने ऑनलाइन बौद्धिक चर्चाओं का एक अलग ही स्तम्भ खड़ा किया है। आगामी चर्चाओं के बारे में पढ़िए- =================== केएलएफ भाव संवाद बनेगा रेबेलियस लॉर्ड, ‘महाभारत सीरीज, बिकाउज इंडिया कम्स फर्स्ट, ‘द अवस्थीस ऑफ अम्नागिरी, रेबेल्स …

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हंस प्रकाशन राजकमल प्रकाशन परिवार का हिस्सा बना

प्रेमचंद के पुत्र अमृत राय द्वारा 1948 में स्थापित हंस प्रकाशन आज से राजकमल प्रकाशन समूह का हिस्सा हो गया है। प्रेमचंद की जयंती के दिन की यह उल्लेखनीय घटना है। हंस प्रकाशन का ऐतिहासिक महत्व रहा है और इसकी अपनी समृद्ध विरासत है। आशा है अब हम नए सिरे …

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हिंद पॉकेट बुक्स से प्रकाशित होगी प्रियंवद की भारतीय जनतंत्र पर लिखी किताब

हिंद पॉकेट बुक्स, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के हिंदी इम्प्रिंट ने सम्मानित लेखक और कथाकार प्रियंवद की नई किताब प्रकाशित करने का अनुबंध किया है। ‘भारतीय लोकतंत्र का कोरस: कुछ बिसरी बिखरी ध्वनियाँ’ के नाम से आनेवाली यह किताब 2021 में प्रकाशित की जाएगी। यह किताब मुख्यत: आज़ादी के बाद …

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फिल्में ही सब कुछ नहीं थीं सुशांत सिंह राजपूत के लिए

प्रज्ञा मिश्रा यूके में रहती हैं। वहाँ लॉकडाउन के अनुभवों को कई बार लिख चुकी हैं। इस बार उन्होंने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद की प्रतिक्रियाओं को लेकर यह संवेदनशील टिप्पणी लिखी है- जानकी पुल। ======================= सुशांत सिंह राजपूत की ख़ुदकुशी की खबर आने के बाद से लोगों …

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लॉकडाउन की इंग्लैंड डायरी

प्रज्ञा मिश्रा इंग्लैंड में रहती हैं और वहाँ के लॉकडाउन अनुभवों को उन्होंने दर्ज करके भेजा है। आप भी पढ़ सकते हैं- जानकी पुल। ========================= पूरे तीन महीने बाद शहर के बाजार जाने का मौका मिला, यू के में इन्हें  टाउन या सिटी सेंटर कहते हैं।   दुकानें तो सभी बंद हैं, …

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किताबें सुनने वालों के लिए एक अच्छी खबर

लॉकडाउन ने और कुछ किया हो या न किया हो एक काम यह किया है कि हिंदी में बड़े पैमाने पर सुनने वाले पाठक तैयार कर दिए हैं। ऑडियो बुक का बजार भारत में बढ़ने की सम्भावना बहुत बढ़ गई है। ऐसे में प्रसिद्ध ऑडियो बुक कम्पनी स्टोरीटेल भारतीय श्रोताओं …

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ऑडियो बुक, ऑडिबल और राजपाल एंड संज

किताबों की दुनिया का अगला बड़ा घमासान ऑडियो बुक का क्षेत्र है। ऑडियो बुक के क्षेत्र के बारे में यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में इससे वे पाठक भी हिंदी से जुड़ सकते हैं जो किताबें नहीं पढ़ते हैं। हाल में ही अमेजन की सहयोगी कम्पनी …

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