Home / रपट

रपट

कला शिविर का रोज़नामचा  -गीताश्री 

जानी-मानी लेखिका गीताश्री आजकल जम्मू के पहाड़ी नगर पटनीटॉप में एक कला शिविर में गई हुई हैं. आने वाले कुछ दिनों तक उनका रोजनामचा नियमित रूप से जानकी पुल पर प्रकाशित होगा. यह पहली किस्त है- मॉडरेटर ============================================================== उनको मालूम नहीं कि बर्फ गिरने से पहले वे दस्तावेज़ों और चित्रों …

Read More »

जगरनॉट बुक्स का ऐप, भीष्म साहनी और ‘तमस’

हिंदी किताबों की दुनिया का अगला बड़ा युद्ध स्मार्टफोन बेस्ड एप्स की दुनिया में लड़ा जायेगा.  जगरनॉट बुक्स इस दिशा में हिंदी किताबों के डिजिटल पाठक वर्ग को प्रभावित करने, इस दुनिया से नए पाठकों को जोड़ने के लिए बहुत तेजी से प्रयोग कर रहा है. सबसे ताजा खबर है जगरनॉट …

Read More »

बिहार संवादी ने बिहार साहित्य में खींच दी एक दीवार

बिहार की राजधानी पटना में संपन्न हुए ‘जागरण संवादी’ अनेक कारणों से वाद-विवाद में बना रहा. तमाम चीजों के बावजूद मैं यह कह सकता हूँ कि पहले ही साल बिहार में ‘जागरण संवादी’ ने खुद को एक ब्रांड के रूप में स्थापित कर लिया है. अगर मैथिली के प्रति आयोजकों …

Read More »

अपने लिए खुद का एक कमरा चाहती है स्त्री

 वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा की पुस्तक ‘विश्व सिनेमा में स्त्री’ के लोकार्पण समारोह की रपट- मॉडरेटर =================================================== लौह नगरी जमशेदपुर में 25 फरवरी की वासंती सुबह होटल मिष्टी इन के भव्य सभागार में साहित्य, कला और सिनेमा प्रेमियों ने फिल्म पर समीक्षात्मक लेखन के क्षेत्र में एक विशिष्ट अध्याय जुड़ते हुए देखा। मौका …

Read More »

सुरेन्द्र मोहन पाठक और ‘न बैरी न कोई बेगाना’

हिंदी क्राइम फिक्शन के बेताज बादशाह सुरेन्द्र मोहन पाठक की आत्मकथा ‘न बैरी न कोई बेगाना’ का लोकार्पण जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में हुआ. इसका प्रकाशन वेस्टलैंड ने किया है. अब पाठक जी के पाठकों के लिए ख़ुशी की बात यह है कि 16 फ़रवरी से यह आत्मकथा पाठक जी के …

Read More »

पटना पुस्तक मेला 2017: नया माहौल नया जोश

पटना पुस्तक मेला 2017 का समापन हो गया. एक नए माहौल में पटना पुस्तक मेला का आयोजन इस बार कुछ अलग रहा. युवा लेखक सुशील कुमार भारद्वाज की रपट- मॉडरेटर ================================ पटना पुस्तक मेला 2017 कई कारणों से इस बार चर्चा में रहा. यह मेला न सिर्फ ऐतिहासिक रूप से पहली बार …

Read More »

‘सृजन संवाद’ गोष्ठी में अजय मेहताब की कहानी एवं कहानी कहने पर फ़िल्म प्रदर्शन

जमशेदपुर में एक संस्था है ‘सृजन संवाद‘, जो नियमित रूप से साहित्यिक गोष्ठी करती है और हर बार कुछ विविध करती है. वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा की रपट- मॉडरेटर ===================== बरसात के बावजूद ‘सृजन संवाद’ की गोष्ठी में लोग पहुँचे। ‘सृजन संवाद’ के छठवें वर्ष की दूसरी गोष्ठी में आज …

Read More »

नागार्जुन मुक्तिबोध से बड़े कवि :खगेन्द्र ठाकुर    

पटना अक्सर राजनीति के लिए चर्चा में रहता है। साहित्य की राजनीति भी वहाँ की खूब है। पिछले दिनों प्रगतिशील लेखक संघ ने मुक्तिबोध की याद में आयोजन किया था। उसमें भी लेखकों की राजनीति प्रकट हुई है। इस कार्यक्रम की एक संतुलित रपट भेजी है युवा लेखक सुशील कुमार …

Read More »

आयाम : साहित्यिक आयोजन है या गुटबाजी का एक मंच

पटना में ‘आयाम’ संस्था के बैनर तले स्त्री लेखन का एक अच्छा आयोजन हुआ। इस आयोजन का आँखों देखा हाल सुना रहे हैं  युवा लेखक सुशील कुमार भारद्वाज– ================== बिहार की साहित्यिक संस्था “आयाम” का दूसरा वर्षगांठ जेडी विमेंस कॉलेज, पटना के भव्य सभागार में तिलक एवं अक्षत के साथ …

Read More »

जमशेदपुर में ‘सृजन संवाद’ में विकास कुमार झा के उपन्यास पर चर्चा

   गत रविवार जमशेदपुर में विकास कुमार झा के उपन्यास पर चर्चा हुई. उसी की रपट भेजी है विजय शर्मा ने- आज जैसी जीवन्त, सार्थक अनौपचारिक साहित्यिक गोष्ठी शायद ही पहले कभी हुई हो। ‘सृजन संवाद’ में सबसे पहले तो डॉ. भास्कर राव ने अपनी बदरीनाथ-केदारनाथ की यात्रा के संस्मरण …

Read More »