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रपट

मन्नू भंडारी का रचना पाठ सुनने का एक दुर्लभ मौका मत चूकिए

‘मुक्तांगन’ का यह तीसरा आयोजन है. दिल्ली के केन्द्रों में आयोजित होने वाले एक से आयोजनों की ऊब को दूर करने के उद्देश्य से बिजवासन के उषा फार्म्स में शुरू किया गया यह आयोजन अपनी स्थायी जगह बनाता जा रहा है. हर महीने इसका इन्तजार रहता है… कि इस बार …

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आज से शुरू हो रहा है भारतीय कविता का अनूठा आयोजन ‘वाक्’

आज से दिल्ली के त्रिवेणी कला संगम में भारतीय कविता की द्विवार्षिकी (बिनाले) ‘वाक्’ की शुरुआत हो रही है. रज़ा फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम अपने ढंग का पहला ही आयोजन है. सिर्फ कविताक-पाठ, कविता चर्चा के आयोजन इससे पहले नहीं हुए हैं. तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन …

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किशोरी जी तो चली गई अब ढूँढते रहिए सुर!

कल किशोरी अमोनकर के निधन के बाद हमने बहुत कुछ पढ़ा. बहुत कुछ जाना. एक लेख यह भी पढ़ लीजिये. नॉर्वे प्रवासी डॉ. प्रवीण कुमार झा ने लिखा है. वे शास्त्रीय संगीत के गहरे ज्ञाता हैं और और मेरे जैसे शास्त्रीय ज्ञान से हीन लोगों को उनकी भाषा में समझाना-सिखाना …

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बिहार में राहत वितरण की तर्ज पर पुरस्कार वितरण

बिहार सरकार द्वारा जब भी साहित्यिक आयोजन होते हैं, पुरस्कार-सम्मान दिए जाते हैं तो उनको बदइन्तजामी, गुटबाजी, बंदरबांट के लिए ही याद किया जाता है. इस बार भी बिहार सरकार द्वारा 30-31 मार्च को बिहार सरकार द्वारा राजभाषा हिंदी साहित्य समागम का आयोजन किया गया. जो अन्य कारणों से अधिक …

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वैजयंतीमाला आई थी रीगल के आखिरी शो में ‘संगम’ देखने

युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर को रीगल के आखिरी शो में वैजयंती माला सिर्फ मिली ही नहीं बल्कि उनकी उनसे मुलाकात भी हुई. वह फिल्म की ही तरह सफ़ेद साड़ी पहने आई थी. पढ़िए बहुत दिलचस्प है सारा वाकया- मॉडरेटर =================================================== कल की बात – १६८ कल की बात है। जैसे …

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उस्ताद जाकिर हुसैन पर नसरीन मुन्नी कबीर की किताब

नसरीन मुन्नी कबीर किताबों की दुनिया की ‘कॉफ़ी विद करण’ हैं. फ़िल्मी-संगीत की दुनिया की हस्तियों से बातचीत के आधार पर किताब तैयार करती हैं. जावेद अख्तर, लता मंगेशकर पर उनकी किताबें खासी मकबूल हुई हैं. इस बार तबलानवाज़ जाकिर हुसैन के साथ उनकी किताब हार्पर कॉलिन्स प्रकाशन से आ …

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ऑक्सफ़ोर्ड बुक स्टोर में ‘हिंदी साहित्य उत्सव’

पिछले साल ऑक्सफ़ोर्ड बुक स्टोर ने ‘हिंदी साहित्य उत्सव’ की शुरुआत की थी. इस बार भी हुआ. आज ही जब दिन भर लोग योगी दित्यनाथ को लेकर बहसों में उलझे हुए थे ऑक्सफ़ोर्ड बुक स्टोर में ‘हिंदी साहित्य उत्सव’ चल रहा था. पिछले साल इस आयोजन में  पार्टनर वाणी प्रकाशन …

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रविंदर सिंह लेखक थे अब कंपनी बन गए!

अभी वैलेंटाइन डे पर रविंदर सिंह का उपन्यास हिंदी में रीलिज हुआ था- ये प्यार क्यों लगता है सही! होली आते-आते उनसे जुड़ी एक और खबर आ गई. उन्होंने ब्लैक इंक नाम से एक प्रकाशन उद्यम शुरू किया है जिसमें अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन समूह हार्पर कॉलिन्स उनका साझीदार होगा. समकालीन अंग्रेजी …

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आज से आई.पी. कॉलेज में शुरू हो रहा है ‘हिंदी महोत्सव’

आज से ‘हिंदी महोत्सव’ की शुरुआत हो रही है. दिल्ली विश्वविद्यालय के आई.पी. कॉलेज और वाणी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में दो दिनों का यह महोत्सव हिंदी को लेकर दिल्ली में अपनी तरह का पहला ही आयोजन है. भारतीय भाषाओं को लेकर दिल्ली में फेस्टिवल होते रहे हैं लेकिन यह …

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दुनिया के पहले डोर टू डोर कवि के बारे में

आज ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ अखबार में महेंद्र राजा जैन का लिखा एक दिलचस्प लेख पढ़ा. लेख रोवान मेकाबे के बारे में था. वह कविताओं की होम डेलिवरी करता है. उसके बाद रोवान की वेबसाईट https://rowanthepoet.com पर गया. वह खुद को दुनिया का पहला door to door poet कहता है. अजनबी लोगों के …

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