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रायता फैलाती जासूसी

त्रिलोक नाथ पांडेय अच्छे और प्रेरक लेखक हैं। गुप्तचर सेवा में उच्च पद से रिटायर होने वाले त्रिलोकनाथ जी बहुत अच्छे और रसदार लेखक हैं, जिन्होंने उनके उपन्यास ‘प्रेम लहरी’ को पढ़ा है वे इस बात से सहमत होंगे। आजकल वे जासूसी के क़िस्से लिखने में लगे हुए हैं। आज …

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गंगा प्रसाद विमल की कविताओं पर सुधा उपाध्याय का लेख

हिंदी के वरिष्ठ लेखक-कवि गंगा प्रसाद विमल का हाल में ही एक दुर्घटना में निधन हो गया। युवा कवयित्री सुधा उपाध्याय ने उनकी कविताओं पर एक लेख लिखा है। आप भी पढ़ सकते हैं- मॉडरेटर ==============   विस्थापन से बड़ा दु:ख नहीं कविता में अपनी रचनात्मकता से अलग स्थान बनाने …

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ईल्या इल्फ़ और एव्गेनी पेत्रोव की रचना ‘कड़ाके की ठंड’

दिल्ली की भारी ठंड में आज सुबह यह पढ़ने को मिला। रूसी लेखकों ईल्या इल्फ़ और एव्गेनी पेत्रोव ने इसे 1935 में लिखा था। दोनों साथ साथ लिखते थे और प्रसिद्ध व्यंग्यकार थे। रूसी भाषा की पूर्व प्रोफ़ेसर तथा अनुवादिका आ चारुमति रामदास ने ने इसका अनुवाद मूल भाषा से …

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क्यों नहीं हो रहा हिंदी में इतिहास-लेखन

जाने-माने इतिहासकार रजीउद्दीन अक़ील ने इस लेख में बहुत गम्भीर सवाल उठाया है कि इतिहास लेखन हिंदी में क्यों नहीं हो रहा? इतिहासकारों के सामने यह बड़ा सवाल है कि उन्होंने कभी इस दिशा में कोई ठोस काम क्यों नहीं किया? रज़ी साहब का यह लेख पहले ‘नवजीवन’ में प्रकाशित …

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रमाकांत जी की ऊर्जा हमारे मध्य सदैव रहेगी

कल अचानक प्रसिद्ध ध्रुपद गायक रमाकान्त गुंदेचा का निधन हो गया। उनकी गायकी कि याद करते हुए प्रवीण झा ने बहुत सारगर्भित लेख लिखा है- मॉडरेटर ======================= आम लोगों के लिए हिंदुस्तानी संगीत सुनने की शुरुआत अक्सर जबरदस्ती ही होती है। यह ‘कल्ट’ बनाने वाला मामला होता है कि एक …

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एक सितारे की तरह थीं सितारा देवी

आज सितारा देवी का जन्मदिन है। इस मौक़े पर राजेंद्र शर्मा का यह लेख पढ़िए-मॉडरेटर =================== ============================= जिसके नृत्‍य से भावाभिभूत होकर महज सोलह साल में गुरुदेव रवीन्‍द्र नाथ टैगोर ने उन्‍हें नृत्‍य सम्राज्ञी की उपाधि दे दी हो उसे भला भारत सरकार का पद्मविभूषण सम्‍मान क्‍योंकर स्‍वीकार्य होता। यही …

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पुरूषों में भी स्त्रीत्व जगाने वाला लोकपर्व छठ

छठ गीतों के माध्यम से प्रसिद्ध लोक गायिका चंदन तिवारी ने इस लेख में छठ की परम्परा को समझने का प्रयास किया है। छठ पर्व पर एक अलग तरह का लेख-मॉडरेटर =========================================================== इधर छठ गीतों में अलग किस्म से मन लगा. गाती तो रही ही, उससे अधिक छठ के पारंपरिक …

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एक ही देश में कई तरह की दिवाली है

आज उदय प्रकाश जी का यह लेख ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में आया है। दीवाली के बहाने एक सारगर्भित लेख, जिन लोगों ने न पढ़ा हो उनके लिए- मॉडरेटर ========================== जो लोग जरा-सा भी देश के पर्वों-त्योहारों की परंपरा, उनकी जड़ों, उनके इतिहास का ज्ञान रखते हैं, वे बिना उलझन कहेंगे कि …

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बाबा की सियार, लुखड़ी की कहानी और डा॰ रामविलास शर्मा

लिटरेट वर्ल्ड की ओर अपने संस्मरण स्तंभ की खातिर डा॰ रामविलास शर्मा की यादों को उनके तीसरे पुत्र विजय मोहन शर्मा एवं पुत्रवधू संतोष से बातचीत द्वारा शब्दबद्ध करने का प्रयास किया गया था। डा॰ शर्मा विजय के पास रहकर ही 20 वर्षों तक लगातार अपनी साहित्य साधना करते रहे …

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महात्मा गांधी के बारह दूत

रामचंद्र गुहा के इस लेख का अनुवाद ‘हंस’ के नए अंक में प्रकाशित हुआ है। अनुवाद मैंने किया है- प्रभात रंजन ================================= कई साल पहले जब मैं नेहरू स्मृति संग्रहालय एवं पुस्तकालय में काम कर रहा था तो मुझे किसी अज्ञात तमिल व्यक्ति का पोस्टकार्ड मिला जो उसने महान भारतीय …

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