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समीक्षा

‘बोलो न दरवेश’ कविता संग्रह की समीक्षा

कवयित्री स्मिता सिन्हा के कविता संग्रह ‘बोलो न दरवेश’ पर एक टिप्पणी पढ़िए। सेतु प्रकाशन से प्रकाशित इस संग्रह की समीक्षा लिखी है युवा लेखक जगन्नाथ दुबे ने। आप भी पढ़िए- ===================      हिन्दी कविता के परिसर को अगर एक वृत्त के रूप में कल्पित करें तो पाएंगे कि जैसे-जैसे …

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‘कुछ पाने की ज़िद’ है मनोज बाजपेयी की संघर्ष गाथा

वरिष्ठ पत्रकार पीयूष पांडे ने प्रसिद्ध अभिनेता मनोज बाजपेयी की जीवनी लिखी है। पेंगुइन रैंडम हाउस से प्रकाशित इस जीवनी में मनोज बाजपेयी के प्रेरक जीवन के बारे में पीयूष पांडे ने काफ़ी प्रामाणिक लिखा है। इस जीवनी की समीक्षा लिखी है वरिष्ठ पत्रकार राठौर बिचित्र मणि सिंह ने। आप …

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कोरोना-काल में मातृ-साया की कहानी बयां करती ‘आंधारी’

प्रसिद्ध लेखिका नमिता गोखले के उपन्यास ‘द ब्लाइंड मैट्रीआर्क’ के हिंदी अनुवाद ‘आंधारी’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक-पत्रकार ने। आप भी पढ़िए- ========================   आंधारी; अस्सी साल की एक बुर्जुग महिला मातंगी के जीवन पर आधारित उपन्यास है, जो महानगर के सी-100 चौमंजिला इमारत के अंदर संभ्रांत उत्तर भारतीय …

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क़स्बाई जीवन और शहर में विस्थापित लोक

आज पढ़िए विनोद पदरज के कविता संग्रह पर टिप्पणी। संभावना प्रकाशन से प्रकाशित उनके संग्रह ‘आवाज़ अलग-अलग है’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा कवि देवेश पथ सारिया ने- ============   विनोद पदरज लोक जीवन के कवि हैं। उनकी नई पुस्तक ‘आवाज़ अलग-अलग है’ में प्रत्येक कविता पठनीय है और …

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कांदुर कड़ाही:  चूल्हे-चौके से बाहर रौशन होती एक दुनिया

नाटककार, अभिनेत्री विभा रानी का उपन्यास आया है ‘कांदुर कड़ाही’। यह हिंदी में अपने ढंग का अनूठा उपन्यास है। कश्मीर और बिहार की दो विस्थापित स्त्रियों की स्मृतियाँ हैं, देश भर की रेसिपी है और अपनापे की एक कहानी। वनिका पब्लिकेशंस से प्रकाशित इस उपन्यास पर सारंग उपाध्याय ने यह …

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‘इंडियाज़ मोस्ट फीयरलेस 2’ पुस्तक की समीक्षा

हाल में ही हिन्द पॉकेट बुक्स, पेंगुइन की ओर से नई पुस्तक ‘इंडियाज़ मोस्ट फीयरलेस 2‘ प्रकाशित हुई है जो आर्मी ऑपरेशंस पर आधारित है। लेखकद्वय हैं शिव अरूर/राहुल सिंह। प्रस्तुत है उसी किताब पर एक समीक्षात्मक टिप्पणी- ====================== एक गोली सीधी कॉर्पोरल ज्योति के सिर में लगी, ज़मीन पर गिरने तक भी उनकी …

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शहादत के कहानी संग्रह ‘आधे सफर का हमसफ़र’ की समीक्षा

युवा लेखक शहादत का कहानी संग्रह प्रकाशित हुआ है ‘आधे सफर का हमसफ़र’। हिंद युग्म से प्रकाशित इस कहानी संग्रह की समीक्षा पढ़िए, लिखी है मोहम्मद अब्दुल शरीफ़ ने, जो अजमेर में रहते हैं- ========================= युवा लेखक शहादत का कहानी संग्रह ‘आधे सफ़र का हमसफ़र’ एक अद्भुत, कल्पना पर आधारित …

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समावेशी क्वियर फ्रेंडली कार्यस्थल की निर्देश पुस्तिका है ‘क्वियरिस्तान’

परमेश शाहनी की किताब ‘क्वियरिस्तान’ पर यह टिप्पणी लिखी है युवा लेखक महेश कुमार ने, जो केंद्रीय विश्वविद्यालय गया के छात्र हैं। एक ज़रूरी किताब पर सार्थक टिप्पणी- =========================== 30 दिसंबर को कोलकाता हिंदी मेला से लौटते हुए ट्रेन में ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग चढ़े और पैसा माँगने लगे। कुछ …

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विजय आनंद के बारे में ‘गोल्डी’ बातें

आज विजय आनंद की पुण्यतिथि है। उनके ऊपर अनिता पाध्ये की लिखी किताब ‘एक था गोल्डी’ पर वरिष्ठ लेखिका गीताश्री की यह सुंदर टिप्पणी पढ़िए। किताब का प्रकाशन मंजुल प्रकाशन से हुआ है- ===================== “पल पल दिल के पास तुम रहते हो …” ये गाना संगीत प्रेमियों के दिल और …

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शिक्षा के ऐतिहासिक और समकालीन अर्थ को समझाती एक बेहद जरूरी किताब

पीटर ग्रे की किताब के हिंदी अनुवाद ‘शिक्षा का अर्थ’ की यह समीक्षा लिखी है कृति अटवाल ने, जो 11 वीं कक्षा में पढ़ती हैं। इस किताब का अनुवाद आशुतोष उपाध्याय ने किया है और प्रकाशन नवारूण प्रकाशन ने किया है। आप समीक्षा पढ़ सकते हैं- ============================ मनुष्य प्रजाति के …

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