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कथा-कहानी

गौतम राजऋषि की कहानी ‘चिल-ब्लेन्स’

सेना और कश्मीर के रिश्ते को लेकर इस कहानी का ध्यान आया। गौतम राजऋषि की यह कहानी इस रिश्ते को एक अलग ऐंगल से देखती है, मानवीयता के ऐंगल से। मौक़ा मिले तो पढ़िएगा- मॉडरेटर =====================             “क्या बतायें हम मेजर साब, उसे एके-47 से इश्क़ हो गया और छोड़ …

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ईशान त्रिवेदी की नई कहानी ‘एक चूहे की मौत’

ईशान त्रिवेदी फ़ेसबुक पर ईशान श्रिवेदी के नाम से हैं। टीवी-फ़िल्मों की दुनिया से ताल्लुक़ रखते हैं लेकिन मैं उनकी क़िस्सागोई का क़ायल होता जा रहा हूँ। कहाँ कहाँ से चुन चुन कर किससे लाते हैं। मत पूछिए। सुना है कि इनका एक उपन्यास जल्दी ही राजकमल प्रकाशन समूह से …

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ईशान त्रिवेदी की कहानी ‘ग्योलप्पा’

ईशान त्रिवेदी का ताल्लुक़ टीवी-फ़िल्मों में की दुनिया से है, सीनियर कलाकार हैं लेकिन मेरे जैसे लोग उनके लिखे के क़ायल हैं। अपने गद्य से समाँ बाँध देते हैं। मसलन यह पढ़िए, कहानी है या संस्मरण जो भी है पढ़ते ही दिल में बस जाता है- प्रभात रंजन =================================== राष्ट्रीय नाट्य …

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प्रदीपिका सारस्वत की नई कहानी ‘शायद’

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत की कहानियों, कविताओं का अपना अलग ही मिज़ाज है। वह कुछ हासिल करने के लिए नहीं लिखती हैं बल्कि लिखना ही उनका हासिल है। यह उनकी नई कहानी है- मॉडरेटर ================== मैं घर लौटा हूँ. एक अरसे बाद. लेकिन इस शहर की तरफ निकलने से पहले …

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रूसी लेखक इवान बूनिन की कहानी ‘बर्फ़ का सांड’

नोबल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले रूसी लेखक इवान बूनिन की एक छोटी सी कहानी पढ़िए। बूनिन मानव मन और प्रकृति का चित्रण जिस बारीकी से करते हैं, वह मन को छू लेती है. आप उनकी रचनाएँ न केवल पढ़ते हैं, न सिर्फ ‘देखते’ हैं, बल्कि उन्हें जीते हैं, उनके पात्र …

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राजेंद्र राव के कहानी संग्रह ‘कोयला भई न राख’ पर यतीश कुमार के नोट्स

वरिष्ठ कथाकार राजेंद्र राव के कहानी संग्रह ‘कोयला भई न राख’ पर कवि यतीश कुमार के कुछ नोट्स अपने आपमें कहानियों की रीडिंग भी और एक मुकम्मल कविता भी। उनके अपने ही अन्दाज़ में- मॉडरेटर ======================== कहानियाँ मुसलसल चलती हैं मुकम्मल होना इनका कभी भी तय नहीं था। ये कवितायें …

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अंबपाली, बाँसुरी वादक और वीणा वादक

गीताश्री वैशाली की प्राचीन कहानियाँ लिख रही थीं लेकिन इन कहानियों में अंबपाली नहीं आई थी अभी तक। अंबपाली के बिना वैशाली की कोई कहानी हो सकती है क्या भला? ख़ैर, उनकी इस नई कहानी में वैशाली है, अंबपाली और स्त्री मन का एक सनातन द्वंद्व- क्या कोई स्त्री एक …

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मनोहर श्याम जोशी: जन्मदिन स्मरण

आज हिंदी में एक ढंग के अकेले लेखक मनोहर श्याम जोशी की जन्मतिथि है। यदि वे आज जीवित होते तो 86 साल के होते। उनको याद करते हुए पढ़ते हैं उनके उपन्यास ‘कौन हूँ मैं’ का एक अंश, जिसके ऊपर अपने जीवन के अंतिम दिनों तक वे काम करते रहे …

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वैशाली की रुपजीविता

वैशाली से इस हफ़्ते गीताश्री लाई हैं प्रेम और अध्यात्म के द्वंद्व में फँसी एक भिक्षुणी की कथा। वैशाली के अतीत की एक और सम्मोहक कथा- ========================= “माते, आज आप मेरा इतना श्रृंगार क्यों कर रही हैं। मुझ पर इतनी साज सज्जा शोभती नहीं है। मैं आपका मंतव्य जानना चाहती …

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वैशाली के आचार्य और एक मेघाच्छादित रात्रि की बात

गीताश्री आज कल हर सप्ताह वैशाली के भगनावशेषों में जाती हैं कथा का एक फूल चुनकर ले आती हैं। स्त्री-पुरुष सम्बंध, मन के द्वंद्व, कर्तव्य, अधिकार- परम्परा से अब तक क्या बदला है! इतिहास के झुटपुटे की कथा कहने की एक सुप्त हो चुकी परम्परा गीताश्री के हाथों जैसे पुनर्जीवन …

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