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ऑनलाइन समाचार की दुनिया में नयापन क्यों नहीं है?

ऑनलाइन समाचारों की दुनिया पर ‘हिंदी में समाचार’ जैसी शोधपरक पुस्तक के लेखक अरविन्द दास का लेख- मॉडरेटर =============== श्रीदेवी की दुखद मौत बॉलीवुड और उनके फैन्स के लिए सदमे से कम नहीं था. उनकी मौत होटल के बाथटब में दुर्घटनावश डूबने के कारण हुई, लेकिन टेलीविजन न्यूज चैनल ने …

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हिंदी व्यंग्य में ताजा हवा का झोंका है ‘मदारीपुर जंक्शन’

बालेन्दु द्विवेदी के उपन्यास ‘मदारीपुर जंक्शन’ की आजकल बहुत चर्चा है. वाणी प्रकाशन से प्रकाशित इस उपन्यास की एक सुघड़ समीक्षा लिखी है युवा लेखक पंकज कौरव ने- मॉडरेटर ====================================== व्यंग्य पढ़ने सुनने में कितना भी आसान क्यों न लगे पर उसे साधना इतना भी आसान नहीं. ज्यादातर व्यंग्य रचनाओं …

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सिनेमा और होली का चोली-दामन का साथ रहा है!

होली पर जानकी पुल की तरफ से हैप्पी होली युवा लेखक विमलेन्दु के इस सुन्दर लेख के साथ- मॉडरेटर ============================================================ होली और ईद, भारत के दो ऐसे धार्मिक पर्व हैं, जिनमें धार्मिक आग्रह बहुत कम, और उल्लास एवं कुंठाओं के निरसन का भाव ज्यादा होता है। होली के साथ प्रहलाद-होलिका …

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राकेश शंकर भारती की कहानी ‘हाथ पकड़वा विवाह’

बिहार के पकड़उआ बियाह पर युक्रेनवासी हिंदी  लेखक राकेश शंकर भारती की कहानी पढ़िए- मॉडरेटर =========================================================== 1 मई महीने की चिलचिलाती हुई धूप में दिनेश बैजनाथपुर रेलवे स्टेशन से अपनी पुरानी जंग लगी हुई साइकिल पर बैठकर कुछ सोचते हुए घर की तरफ़ जा रहा था। धूप से बचने के …

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आशुतोष भारद्वाज की पुस्तक ‘मृत्यु कथा’ के कुछ अंश

आशुतोष भारद्वाज ने कई साल मध्य भारत के नक्सल प्रभावित इलाक़ों में पत्रकारिता की है.  फ़र्ज़ी मुठभेड़, आदिवासी संघर्ष, माओवादी विद्रोह पर नियमित लिखा जिसके लिए उसे पत्रकारिता के तमाम पुरस्कार मिले, जिनमें चार बार प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पुरस्कार भी शामिल है. किताब मृत्यु-कथा के कुछ अंश— ख़्वाब एक पिछली सदी का सबसे विलक्षण रूसी तोहफा क्या था? …

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फिल्मों के अंतरिक्ष से एक चकित करने वाला धूमकेतु है ‘ब्लैक पैंथर’

लेखक लेखिकाओं की पूरी नई पीढी हमारे बीच आ चुकी है. अब यह फिल्म समीक्षा ही देखिये. अमेरिकन सुपर हीरो फिल्म की यह बारीक समीक्षा लिखी है कनुप्रिया कुलश्रेष्ठ ने. पढ़िए और नई पीढ़ी का स्वागत कीजिये- मॉडरेटर =============================================================== मैं फ़िल्में बहुत देखती हूँ, मगर फिल्म – रिव्यू!! मेरे बस …

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बिजली भगवान का क्रोध नहीं है और बच्चे पेड़ से नहीं गिरते हैं!

नए संपादक की नई रचना. अमृत रंजन में जो बात मुझे सबसे अधिक प्रभावित करती है कि वह झटपट कुछ लिखकर लोकप्रिय नहीं हो जाना चाहता है बल्कि वह  लेखक के माध्यम से वैचारिक कगारों को छूना चाहता है, उनका अन्वेषण करना चाहता है. इसलिए उसकी कविताओं में और उसके …

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के सच्चिदानंदन की कविताएँ प्रकाश के रे का अनुवाद

मलयालम साहित्य में मॉडर्निज़्म के सशक्त हस्ताक्षर के सच्चिदानंदन को केरल सरकार के शीर्ष साहित्यिक सम्मान Ezhuthachan Purasakaram से नवाज़ा जायेगा. वे कवि होने के साथ आलोचक और निबंधकार भी हैं. लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्षधर सच्चिदानंदन सम-सामयिक मुद्दों पर लगातार बोलते और लिखते रहे हैं. उनके 30 काव्य-संग्रह, 25 लेख-संग्रह …

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गुलजार साहब की ‘पाजी नज्में’

दिन भर हिंदी उर्दू की बहस देखता रहा, लेकिन शाम हुई तो गुलजार साहब याद आ गए. उनकी नज्मों की किताब आई है राजकमल प्रकाशन से ‘पाजी नज्में’. उसी संकलन से कुछ नज्में- मॉडरेटर ========================================== 1. ऐसा कोई शख़्स नज़र आ जाए जब… ऐसा कोई शख़्स नज़र आ जाए जब …

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बचपन की मोहब्बत की जवान कहानी

मेरे हमनाम लेखक प्रभात रंजन के उपन्यास ‘विद यू विदाउट यू’ की तरफ लोगों का ध्यान गया. इस उपन्यास की शायद यह पहली ही समीक्षा है. वह भी इतनी विस्तृत और गहरी. लिखी है पंकज कौरव ने- मॉडरेटर ==================================================== हाल ही में प्रकाशित लोकप्रिय शैली का उपन्यास विद यू विदाउट …

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