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Tag Archives: दिव्या विजय

मैत्रेयी जी मैत्रेयी जी क्या हुआ आपको?

मैत्रयी पुष्पा की किताब ‘वह सफ़र था कि मुकाम था’ पर चल रहे विवाद पर युवा लेखिका दिव्या विजय की टिप्पणी- मॉडरेटर ======= ‘वह सफ़र था कि मुकाम था’ इस पर मैत्रेयी पुष्पा  भले ही कन्फ़्यूज़्ड हों पर आस-पास चल रहे मुबाहिसे में लगभग सब एक मुकाम पर पहुँच चुके …

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फ़िल्म हो या जीवन, राज कपूर हर चीज़ ग्रैंड चाहते थे

हिन्दी फ़िल्म इंडस्ट्री के सबसे पहले शोमैन राज कपूर की आज पुण्यतिथि है. उनकी फ़िल्मों का जलवा ऐसा है कि आज भी उनके काम और स्टाइल की मिसाल दी जाती है. उनके पुत्र ऋषि कपूर की इसी साल प्रकाशित आत्मकथा खुल्लम खुल्ला में उन्होंने एक अध्याय अपने पिता को समर्पित …

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बांड नाम था उसका- जेम्स बांड

सबसे अधिक बार जेम्स बांड की भूमिका निभाने वाले अभिनेता रोजर मूर का निधन हो गया. दिव्या विजय का लेख- मॉडरेटर ==== कैंसर नाम की ये बीमारी न जाने हमारे और कितने प्यारों को लील जाएगी. अभी कुछ दिन पहले ही हमें 70 के दशक के हिन्दी फ़िल्मों के ख्यात …

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ऐप को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की योजना है- रेणु अगाल

अभी हाल में जगरनॉट प्रकाशन ने हिंदी किताबों के लिए फोन बेस्ड ऐप की शुरुआत की है. उसी ऐप को लेकर जगरनॉट की कार्यकारी संपादक रेणु अगाल से दिव्या विजय की बातचीत- 1.स्मार्ट फ़ोन के साथ किताबों को फोन पर पढ़ने का चलन बढ़ा है लेकिन अब भी किताबें फ़ोन …

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ऐप धीरे धीरे हिंदी किताबों का परिदृश्य बदल कर रख देगा

जगरनॉट के हिंदी ऐप पर दिव्या विजय का लेख- मॉडरेटर ============================== मुझे याद आता है जब मैं थाईलैंड में थी और भारत से ले जाई गयी किताबों का स्टॉक ख़त्म हो जाता था तो वहां किताबों की दुकानों पर भटकने जाया करती थी. वहां ज़्यादातर किताबें थाई भाषा में होती …

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‘ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया’ के शायर की आज पुण्यतिथि है

शाइरों में तख़ल्लुस रखने का चलन जाने कब से शुरू हुआ क्या पता, पर क़ायम आज भी है। एक और फ़ैशन अपने नाम के साथ अपने शहर या क़स्बे के रखने का भी रहा है। फ़िल्मी गीतकारों में साहिर लुधियानवी, हसरत जयपुरी, मजरूह सुल्तानपुरी आदि नामों में एक और चमकता …

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कहानी कहने वाला इक कहानी की कहानी है

कहानी सुनने वाले जो भी हैं वो ख़ुद कहानी हैं कहानी कहने वाला इक कहानी की कहानी है – जौन एलिया  कहानी कहना-सुनना किसे पसंद नहीं होता. कहानियाँ लिखने के बहुत पहले से हम कहानियाँ कहते आये हैं. कहानी शब्द का अर्थ है कहना. कहानी का लिखित रूप अधूरा है …

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भारतीय रेल में आपका स्वागत है

आज रेल दिवस है और संयोग से मैं रेल में हूँ। मैंने रेल यात्राएँ बहुत कम की हैं। उस पर भी अकेले तो बहुत ही कम मगर फिर भी रेल यात्राएँ सबसे अधिक लुभाती हैं। सबसे अधिक आरामदायक भी वही होती हैं। पिछले साल दिल्ली गयी थी। तब लम्बे अरसे …

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डॉ. अम्बेडकर की आत्मकथात्मक पुस्तक के अंश

‘वेटिंग फ़ॉर वीसा’ (पहला प्रकाशन वर्ष सन् 1990) स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर के कुछ आत्मकथात्मक नोट्स हैं, जो उन्होंने अपने योरोप-अमेरिका प्रवास से लौटने के अट्ठारह वर्ष बाद सन् 1935-36 के दौरान लिखे थे। बड़ौदा लौटने पर रहने की जगह तलाशने को लेकर जो मुश्किलात उन्होंने झेलीं, …

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सोशल मीडिया फेक स्टारडम का माध्यम है?

सोशल मीडिया पर कई तरह के आरोप लगाये जाए हैं. वक़्त बर्बाद करने का और लोगों द्वारा भावनात्मक अथवा आर्थिक रूप से ठगे जाना उनमें मुख्य है. एक और ट्रेंड देखने में आया है. सोशल मीडिया द्वारा ‘फेक स्टारडम’ निर्मित किया जाना. यह मार्केटिंग का एक ज़बरदस्त साधन सिद्ध हो …

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