Home / Tag Archives: gabriel garcia marquez

Tag Archives: gabriel garcia marquez

लव इन टाइम ऑफ़ कॉलरा: प्रेम की अनोखी दास्तान

वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा ने मार्केज़ के महान उपन्यास ‘लव इन द टाइम ऑफ़ कॉलरा’ पर यह लेख लिखा है। इस लेख में उपन्यास और उस पर बनी फ़िल्म दोनों  के बारे में लिखते हुए उन्होंने यह दिखाया है कि क्यों प्रेम का ज़िक्र मार्केज़ के इस उपन्यास की चर्चा …

Read More »

मार्केज़ का जादू मार्केज़ का यथार्थ

जानकी पुल पर कभी मेरी किसी किताब पर कभी कुछ नहीं शाया हुआ. लेकिन यह अपवाद है. प्रवासी युवा लेखिका पूनम दुबे ने मेरी बरसों पुरानी किताब ‘मार्केज़: जादुई यथार्थ का जादूगर’ पर इतना अच्छा लिखा है साझा करने का लोभ संवरण नहीं कर सका- प्रभात रंजन =============================================== कुछ महीने …

Read More »

गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की कहानी ‘संत’

कुम्भ के मौसम में मार्केज़ की इस कहानी की याद आई. वैज्ञानिकता के असर में हम सभ्यता को इकहरा बनाते-समझते हैं जबकि इसकी कई परतें हैं, कई रूप भी. कहानी का अनुवाद विजय शर्मा ने किया है- मॉडरेटर ================== बाइस वर्ष बाद ट्रास्टवेयरे की पतली रहस्यमयी गलियों में से एक …

Read More »

पत्रकारिता और उपन्यास एक ही माँ की संतान हैं: मार्केज़

गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की किताब ‘द स्टोरी ऑफ़ ए शिपरेक्ड सेलर’ एक ऐसी किताब है जो पत्रकारिता और साहित्य के बीच की दूरी को पाटने वाला है. एक ऐसे नाविक की कहानी है जो जहाज के टूट जाने के बाद भी समुद्र में दस दिन तक जिन्दा बचा रहा था. …

Read More »

मार्केज़ की कहानी ‘मैं सिर्फ़ एक फ़ोन करने आई थी’

मार्केज मेरे प्रिय लेखकों में हैं और उनकी कई कहानियाँ हमारी सोच को बादल कर रख देती है। हमारी देखी भाली दुनिया को ऐसे दिखाते हैं की सब कुछ जादुई लगने लगता है। यह कहानी भी वैसी ही है। अनुवाद किया है वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा ने- मॉडरेटर ================= गैब्रियल …

Read More »

मार्केज़ की बताई जाने वाली कविता ‘द पपेट’ हिंदी में

साहित्य के नजरिये को बदल कर रख देने वाले लेखक गैब्रिएल गार्सिया मार्केज़ का आज जन्मदिन है. उनके असाधारण गद्य लेखन से हम सब अच्छी तरह से परिचित हैं. लेकिन उन्होंने कविता भी लिखी थी यह कम लोगों को पता होगा. वैसे यह कविता उनकी है या नहीं इसको लेकर …

Read More »

मार्केज़ की कहानी ‘सफ़ेद बर्फ़ पर लाल खून की धार’

कल हमने गाब्रिएल गार्सिया मार्केज़ की बातचीत पढ़ी थी. आज उनकी एक कहानी का अनुवाद पढ़ते हैं. विजय शर्मा जी ने उनकी एक कहानी का अनुवाद किया है जिसके अंग्रेजी अनुवाद का शीर्षक है ‘द ट्रेल ऑफ़ योर ब्लड इन द स्नो’. कहानी मार्केज़ की अप्नी ख़ास ‘जादुई यथार्थवाद’ की …

Read More »

कड़वे बादाम की खुशबू और ‘लव इन द टाइम ऑफ़ कॉलरा’

गैब्रियल गार्सिया मार्केज़ के उपन्यास ‘लव इन द टाइम ऑफ़ कॉलरा’ प्रेम का महाकाव्यात्मक उपन्यास है. इस उपन्यास की न जाने कितनी व्याख्याएं की गई हैं. इसके कथानक की एक नई व्याख्या आज युवा लेखिका दिव्या विजय ने की है- मॉडरेटर  ===================== महबूब कहे तुम मोहब्बत करती हो मगर वैसी नहीं। मैं पूछूँ कैसी? और वो सामने रख दे यह किताब और आँखें जगर मगर हो उठें पहली ही पंक्ति पर। ‘कड़वे बादाम कीख़ुशबू उसे हमेशा एकतरफ़ा प्यार के भाग्य की याद दिलाती थी!’  मार्केज़ के अनेक विलक्षण कार्यों में से एक है ‘लव इन द टाइम ऑफ़ कॉलरा।‘  किताब पढ़ना कई तरह का होता है। …

Read More »

गैब्रियल गार्सिया मार्केस की कहानी ‘संत’

मदर टेरेसा को संत की उपाधि दी गई तो स्पैनिश लेखक गैब्रियल गार्सिया मार्केस की कहानी ‘सेंट’ की याद आई. अंग्रेजी की प्राध्यापिका और वरिष्ठ लेखिका विजय शर्मा ने इस कहानी का अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद किया है. आज पढियेगा- मॉडरेटर  बाइस वर्ष बाद ट्रास्टवेयरे की पतली रहस्यमयी गलियों …

Read More »

उसने यथार्थ को जादुई बना दिया

स्पैनिश भाषा के महान लेखक गैब्रिएल गार्सिया मार्केज़ के मरने के बाद हिंदी में कई बहुत अच्छे लेख लिखे गए, उनके ऊपर कई पत्रिकाओं के अंक उनके ऊपर निकल रहे हैं. यही उनकी व्याप्ति थी, है. कुछ बहुत अच्छे लेखों में मुझे कवि, कथाकार, पत्रकार प्रियदर्शन का यह लेख भी …

Read More »