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क्षितिज रॉय की कहानी ‘लड़का, लड़की और तीव्र मुद्रिका’

इधर क्षितिज राय की कहानियों की शैली ने मुझे बहुत प्रभावित किया है. नीलेश मिश्रा की मंडली के लेखक रहे हैं इसलिए कहानी में संतुलन की कला से अच्छी तरह वाकिफ हैं. दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनोमिक्स के विद्यार्थी हैं इसलिए समकालीन युवाओं के मानस को बढ़िया से समझते हैं. मुख्यधारा, …

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कला, स्त्री, नैतिकता, धर्म और ‘रंगरसिया’

‘रंगरसिया’ फिल्म रिलीज होने के बहुत पहले से चर्चाओं में रही है, उत्सुकताओं के केंद्र में रही है. आखिर रवि वर्मा के जीवन को केंद्र में रखकर बनाई गई इस फिल्म को केतन मेहता ने किस तरह बनाया है. जीवन, स्त्री, धर्म, नैतिकता से जुड़े कई सवाल हैं जिनके सन्दर्भ …

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ओमा शर्मा की ‘अदब से मुठभेड़’

आज लेखक ओमा शर्मा की पुस्तक ‘अदब से मुठभेड़’ का लोकार्पण है. हिंद पॉकेट बुक्स से प्रकाशित इस पुस्तक में  राजेन्द्र यादव, मन्नू भंडारी, प्रियंवद और शिवमूर्ति और मशहूर पेंटर मकबूल फ़िदा हुसैन से समय समय पर लिए गये लम्बे साक्षात्कारों को संकलित किया गया है. ओमा शर्मा लो प्रोफाइल रहकर …

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शोक, पीड़ा, और कर्त्तव्य: विश्व सिनेमा में करुण रस की फिल्में (भाग- १)

युवा लेखक प्रचण्ड प्रवीर की इस लेखमाला की मैं फिर याद दिलाना चाहता हूँ जिसमें वे विश्व सिनेमा पर लिख रहे हैं रस सिद्धांत के आधार पर. जी, इस बार करुण रस के आधार पर उन्होंने विश्व की कुछ चुनिन्दा फिल्मों का विश्लेषण किया है- प्रभात रंजन  ============================================= इस लेखमाला …

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श्रीकांत दुबे की कविताएं

श्रीकांत दुबे कई विधाओं में लिखते हैं. उनको मैं अच्छे कथाकार के रूप में जानता रहा हूँ. इन कविताओं को पढ़कर चौंक गया. कुछ टटके बिम्बों वाली कविताएं. आप भी पढ़िए- प्रभात रंजन  1. अन्यों का समुच्चय मैं मेरी बनावट बुनावट संघटन रक्त-कणिकाएं डीएनए और क्रोमोजोम्स तक मिले जुले नतीजे …

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दुष्यंत की नई कहानी ‘प्रिंसिपल की डायरी’

दुष्यंत मूलतः कथाकार हैं. उनके कहानी संग्रह ‘जुलाई की एक रात’ से हम सब परिचित है. 2013 में पेंगुइन ने प्रकाशित किया था. पत्रकारिता, सिनेमा, घुमक्कड़ी की व्यस्तताओं के बीच उनकी यह नई कहानी है जो लोकमत समाचार के साहित्य वार्षिकी ‘दीप भव’ में प्रकाशित हुई है. आपके लिए- मॉडरेटर. …

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‘समन्वय’ की शुरुआत पर कुछ बातें पॉपुलर पॉपुलर!

आज से इण्डिया हैबिटेट सेंटर के भारतीय भाषा फेस्टिवल ‘समन्वय’ के चौथे सत्र का शुभारम्भ हो रहा है. इस बार ‘समन्वय’ का पहला ही सत्र (कल 2 बजे दोपहर) ‘पल्प-गल्प’ यानी हिंदी के नए लोकप्रिय लेखन को लेकर है. इससे यह समझ में आता है कि हिदी में नए ढंग का …

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‘जेड प्लस’ के लेखक रामकुमार सिंह से एक बातचीत

21 नवम्बर की ‘चाणक्य’ और ‘पिंजर’ फेम निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी की फिल्म ‘जेड प्लस’ रिलीज हो रही है. यह फिल्म हिंदी लेखक रामकुमार सिंह की मूल कहानी पर आधारित है. यह हमारे लिए ख़ुशी की बात है कि एक लेखक ने फिल्म लेखन में दिलचस्पी दिखाई और एक कायदे का …

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रॉबिन शॉ पुष्प के साथ एक युग का अवसान हो गया!

कल हिंदी के वरिष्ठ लेखक रॉबिन शॉ पुष्प का निधन हो गया. आजीवन मसिजीवी रहे इस लेखक ने बिहार की कई पीढ़ी के रचनाकारों को प्रभावित किया. उनको याद करते हुए आज प्रसिद्ध लेखक हृषिकेश सुलभ ने अच्छा लिखा है. ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ से साभार यह लेख आपके लिए- मॉडरेटर ========================================= हिन्दी के …

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खतरनाक सच का सामना है ‘एक भाई का क़त्ल’

‘एक भाई का क़त्ल’शीर्षक से ही लगता है खूनखराबे वाला उपन्यास होगा, जिसमें रहस्य-रोमांच की गुत्थियाँ होंगी. लेकिन तुर्की के युवा लेखक बारिश एम. के इस उपन्यास में अपराध कथा के साथ एक बड़ी सामाजिक समस्या का ऐसा तड़का लगाया गया है कि तुर्की के इस्ताम्बुल की यह कहानी तीसरी दुनिया …

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