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उनके दामन पर गुरुर के छींटे कभी नहीं पड़े:शांति हीरानन्द से यतीन्द्र मिश्र की बातचीत

आज मशहूर गायिका शांति हीरानंद का निधन हो गया। वह बेगम अख़्तर की शिष्या थीं और उन्होंने बेगम अख़्तर पर एक किताब भी लिखी थी। उनको याद करते हुए उनकी एक पुरानी बातचीत पढ़िए। बातचीत प्रसिद्ध कवि-लेखक यतींद्र मिश्र ने की है, जिन्होंने बेगम अख़्तर पर एक यादगार किताब संपादित …

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पुस्तकें भी लेखकों से लुका-छिपी का खेल खेलती हैं: अशोक वाजपेयी

अशोक वाजपेयी हिंदी के सबसे पढ़ाकू लेखक हैं। विश्व साहित्य का उनका संग्रह और ज्ञान अनुकरणीय है। इस उम्र में भी उनकी सक्रियता, उनका अध्ययन प्रेरक है। लॉकडाउन के दौर में जानकी पुल ने उनसे कुछ सवाल किए और उन्होंने जो जवाब दिए उसका पहला प्रभाव मेरे ऊपर यह पड़ा …

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हजारों वर्ष बाद भी स्त्रियों की स्थिति में बहुत बदलाव नहीं आया है

आशा प्रभात मेरे गृह नगर सीतामढ़ी में रहती हैं और अपने लेखन से उन्होंने बड़ी पहचान बनाई है। सीता पर उनका उपन्यास ‘जनकनंदिनी’ हो या ‘साहिर समग्र’ का संपादन आशा जी के लेखन-संपादन से हिंदी समाज अच्छी तरह परिचित है,उर्मिला पर उनका उपन्यास जल्द ही आने वाला है उनसे बातचीत …

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‘पॉपुलर की हवा’ और ‘साहित्यिक कहलाए जाने की ज़िद’ के बीच हिंदी लेखन

राजकमल प्रकाशन समूह के संपादकीय निदेशक सत्यानंद निरुपम निस्सन्देह इस समय हिंदी के ऐसे चुनिंदा संपादक हैं जो हिंदी के नए और पुराने दोनों तरह के लेखकों-पाठकों के महत्व को समझते हैं और हिंदी में अनेक नए तरह के नए बदलावों के अगुआ रहे हैं। पढ़िए उनसे समकालीन लेखन और …

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‘बाली उमर’ के लेखक भगवंत अनमोल से स्मिता सिन्हा की बातचीत

युवा लेखक भगवंत अनमोल अपनी नयी किताब ‘ बाली उमर ‘ को लेकर इन दिनों खासे चर्चे में बने हुए हैं । हालांकि किताब का शीर्षक स्वतः स्पष्टीकरण दे रहा है कि लेखक ने बच्चों के जीवन से कुछ लम्हों को उठाकर एक रोमांचक सा कोलाज़ तैयार किया है । …

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इतिहास पृष्ठभूमि है तो साहित्य उस पर पड़ने वाला प्रकाश है- त्रिलोकनाथ पाण्डेय

‘प्रेम लहरी’ के लेखक त्रिलोकनाथ पाण्डेय से युवा लेखक पीयूष द्विवेदी की बातचीत पढ़िए. यह उपन्यास राजकमल प्रकाशन के स्टाल पर उपलब्ध है- मॉडरेटर ======================================== सवाल – आपने अपनी पहली ही किताब के लिए ऐतिहासिक प्रेम कहानी चुनी, कोई ख़ास कारण? त्रिलोकजी – इसके कई कारण हैं। पहला, मैं भारत सरकार …

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सेक्स के कोरे चित्रण से कोई रचना इरोटिका नहीं हो जाती – संदीप नैयर

संदीप नैयर को मैंने पढ़ा नहीं है लेकिन फेसबुक पर उनकी सक्रियता से अच्छी तरह वाकिफ हूँ. उनका उपन्यास  मेरे पास हिंदी और अंग्रेजी अनुवाद दोनों रूपों में उपलब्ध है. समय मिलते ही पढूंगा.  उनके साथ यह बातचीत की है युवा लेखक पीयूष द्विवेदी ने- मॉडरेटर ======================================= सवाल – आप …

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जब ग़ज़ल नहीं बुन पाता हूँ कहानी बुनने लगता हूँ- गौतम राजऋषि

गौतम राजऋषि भारतीय सेना में कर्नल हैं लेकिन हम हिंदी वालों के लिए वे शायर हैं, ‘हरी मुस्कुराहटों का कोलाज’ के कथाकार हैं, साहित्यिक बहसों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले लेखक हैं. उनसे एक बेलाग और बेबाक बातचीत की है युवा लेखक पीयूष द्विवेदी ने- मॉडरेटर =================================================== सवाल – ये …

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निर्मल वर्मा को जब भी पढ़ती हूँ तो चकित होती हूँ- ममता सिंह

रेडियो की प्रसिद्ध एंकर ममता सिंह की कहानियां हम सब पढ़ते रहे हैं. हाल में ही राजपाल एंड संज प्रकाशन से उनकी कहानियों का पहला संकलन आया है ‘राग मारवा’, उसी को सन्दर्भ बनाकर युवा लेखक पीयूष द्विवेदी ने उनसे एक बातचीत की. आपके लिए- मॉडरेटर ==============================================   सवाल – …

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मशहूर डिज़ाइनर और रंगनिर्देशक बंसी कौल से व्योमेश शुक्ल की बातचीत

आजकल बेस्टसेलर की चर्चा बहुत है. अच्छी बात है लेकिन इस बीच हिंदी में जो बेस्ट हो रहा है हमें उसको भी नहीं भूलना चाहिए. नजरअंदाज़ नहीं करना चाहिए. कोई भी भाषा अपनी विविधता से समृद्ध होती है. आज जाने माने रंगकर्मी बंसी कौल से व्योमेश शुक्ल की बातचीत. व्योमेश …

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