Home / बातचीत

बातचीत

‘मम्मी शिमला गई थीं ‘महाभोज’ लिखने के लिए’- रचना यादव

यह एक पुरानी बातचीत है रचना यादव से।संगीता ने रचनाजी  से यह बातचीत वेबपत्रिका लिटरेट वर्ल्ट के लिए अगस्त 2003 में की थी।रचना यादव हिन्दी की मशहूर कथा-लेखिका मन्नू भंडारी और बहुचर्चित लेखक-संपादक राजेन्द्र यादव की बेटी हैं। रचना को उसके मम्मी पापा और सभी जानने वाले टिंकू ही पुकारते हैं। रचना ने एडवर्टाइजिंग में मास …

Read More »

बेटी रचना की निगाह में राजेंद्र यादव

रचना यादव हिन्दी के सर्वाधिक चर्चित और विवादास्पद लेखक राजेन्द्र यादव और मशहूर कथालेखिका मन्नू भंडारी की बेटी हैं। रचना ने एडवर्टाइजिंग में मास कम्यूनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। फिर एडवर्टाइजिंग एजेंसी में नौ साल तक नौकरी की। इन्होंने अपनी डिजाइनिंग की हॉबी को पूरा किया। वह कथक डांसर हैं। …

Read More »

बेटी सूफ़िया की निगाह में लेखक शानी

‘काला जल’ जैसे उपन्यास के लेखक शानी के बारे में आजकल कम लिखा जाता है, सुना जाता है। हम विस्मृति के दौर में जी रहे हैं। गुलशेर ख़ाँ शानी के तीन बच्चों में शहनाज़, सूफ़िया और फ़िरोज़ हैं। सूफ़िया दिल्ली में रहते हुए 10 सालों से बीबीसी रेडियो से जुड़ी …

Read More »

दुष्यंत बहुत ही फक्कड़, उन्मुक्त लेकिन बहुत सुसंस्कृत व्यक्ति था – कमलेश्वर

दुष्यंत कुमार वरिष्ठ कथाकार कमलेश्वर के अभिन्न मित्र थे।दुष्यंत के नहीं रहने के बाद कमलेश्वर ने अपनी बिटिया ममता का रिश्ता दुष्यंत के बेटे आलोक त्यागी से किया। इस संस्मरण में दुष्यंत को उनके अभिन्न मित्र कमलेश्वर से बातचीत करके याद करते हैं। कमलेश्वर से संगीता की बातचीत पर आधारित यह संस्मरण पहली बार …

Read More »

उनके दामन पर गुरुर के छींटे कभी नहीं पड़े:शांति हीरानन्द से यतीन्द्र मिश्र की बातचीत

आज मशहूर गायिका शांति हीरानंद का निधन हो गया। वह बेगम अख़्तर की शिष्या थीं और उन्होंने बेगम अख़्तर पर एक किताब भी लिखी थी। उनको याद करते हुए उनकी एक पुरानी बातचीत पढ़िए। बातचीत प्रसिद्ध कवि-लेखक यतींद्र मिश्र ने की है, जिन्होंने बेगम अख़्तर पर एक यादगार किताब संपादित …

Read More »

पुस्तकें भी लेखकों से लुका-छिपी का खेल खेलती हैं: अशोक वाजपेयी

अशोक वाजपेयी हिंदी के सबसे पढ़ाकू लेखक हैं। विश्व साहित्य का उनका संग्रह और ज्ञान अनुकरणीय है। इस उम्र में भी उनकी सक्रियता, उनका अध्ययन प्रेरक है। लॉकडाउन के दौर में जानकी पुल ने उनसे कुछ सवाल किए और उन्होंने जो जवाब दिए उसका पहला प्रभाव मेरे ऊपर यह पड़ा …

Read More »

हजारों वर्ष बाद भी स्त्रियों की स्थिति में बहुत बदलाव नहीं आया है

आशा प्रभात मेरे गृह नगर सीतामढ़ी में रहती हैं और अपने लेखन से उन्होंने बड़ी पहचान बनाई है। सीता पर उनका उपन्यास ‘जनकनंदिनी’ हो या ‘साहिर समग्र’ का संपादन आशा जी के लेखन-संपादन से हिंदी समाज अच्छी तरह परिचित है,उर्मिला पर उनका उपन्यास जल्द ही आने वाला है उनसे बातचीत …

Read More »

‘पॉपुलर की हवा’ और ‘साहित्यिक कहलाए जाने की ज़िद’ के बीच हिंदी लेखन

राजकमल प्रकाशन समूह के संपादकीय निदेशक सत्यानंद निरुपम निस्सन्देह इस समय हिंदी के ऐसे चुनिंदा संपादक हैं जो हिंदी के नए और पुराने दोनों तरह के लेखकों-पाठकों के महत्व को समझते हैं और हिंदी में अनेक नए तरह के नए बदलावों के अगुआ रहे हैं। पढ़िए उनसे समकालीन लेखन और …

Read More »

‘बाली उमर’ के लेखक भगवंत अनमोल से स्मिता सिन्हा की बातचीत

युवा लेखक भगवंत अनमोल अपनी नयी किताब ‘ बाली उमर ‘ को लेकर इन दिनों खासे चर्चे में बने हुए हैं । हालांकि किताब का शीर्षक स्वतः स्पष्टीकरण दे रहा है कि लेखक ने बच्चों के जीवन से कुछ लम्हों को उठाकर एक रोमांचक सा कोलाज़ तैयार किया है । …

Read More »

इतिहास पृष्ठभूमि है तो साहित्य उस पर पड़ने वाला प्रकाश है- त्रिलोकनाथ पाण्डेय

‘प्रेम लहरी’ के लेखक त्रिलोकनाथ पाण्डेय से युवा लेखक पीयूष द्विवेदी की बातचीत पढ़िए. यह उपन्यास राजकमल प्रकाशन के स्टाल पर उपलब्ध है- मॉडरेटर ======================================== सवाल – आपने अपनी पहली ही किताब के लिए ऐतिहासिक प्रेम कहानी चुनी, कोई ख़ास कारण? त्रिलोकजी – इसके कई कारण हैं। पहला, मैं भारत सरकार …

Read More »