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Prabhat Ranjan

सच को झूठ की तरह लिखनेवाला लेखक

अपनी पुस्तक लेटर्स टु ए यंग नॉवेलिस्ट में मारियो वर्गास ल्योसा ने लिखा है कि सभी भाषाओं में दो तरह के लेखक होते हैं- एक वे होते हैं जो अपने समय में प्रचलित भाषा और शैली के मानकों के अनुसार लिखते हैं, दूसरी तरह के लेखक वे होते हैं जो …

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इब्ने सफी की जासूसी दुनिया

पिछले दिनों प्रकाशन जगत में अंतर्राष्ट्रीय स्टार पर दो घटनाएँ ऐसी हुई जिनको कोई खास तवज्जो नहीं दी गई, लेकिन उसने लगभग गुमनाम हो चुके एक लेखक को चर्चा में ला दिया. बात इब्ने सफी की हो रही है. उनकी एक किताब का अनुवाद अंग्रेजी के मशहूर प्रकाशन रैंडम हाउस …

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रिक्शे पर सवार जी. बी. रोड

गार्सटिन बैसन रोड – अंग्रेज कलेक्टर के नाम रखी इस सड़क को लोग जी. बी. रोड के नाम से अधिक जानते हैं। लाल किला, कुतुबमीनार, जंतर मंतर, चांदनी चौक, कनॉट प्लेस की तरह यह भी दिल्ली की पहचान का पुराना और अहम हिस्सा है। उसकी पुरानी रवायत का एक ऐसा …

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घासलेटी साहित्य से लुगदी साहित्य तक

हिन्दी के लोकप्रिय उपन्यास इन दिनों हिन्दी के दो लोकप्रिय जासूसी उपन्यास-लेखकों की अंग्रेजी में बड़ी चर्चा है। पहला नाम है इब्ने सफी। आजादी के बाद के आरंभिक दशकों में कर्नल विनोद जैसे जासूसों के माध्यम से हत्या और डकैती की एक से एक रहस्यमयी गुत्थियां सुलझानेवाले इस लेखक के …

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तुषार धवल की कविताएँ

बार-बार याद आनेवाली कविताएं हरे प्रकाश उपाध्याय हाल में उभरे कुछ प्रमुख युवा कवियों में तुषार धवल उल्लेखनीय हैं। उनका पहला संकलन पहर यह बेपहर का हाल ही में प्रकाशित हुआ है जो नब्बे के बाद के भूमंडलीकृत आर्थिक, सांस्कृतिक उथल-पुथल की वजह से तमाम स्थानीयताओं और उनके ठाठ में …

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अमेरिकी लेखक पॉल थेरो का भारत

रामेश्वरम तक जाने वाली लोकल 1941 में अमेरिका में जन्मे पॉल थेरो की ख्याति यात्रावृत्तों के चर्चित लेखक के रूप में रही है. ग्रेट रेलवे बाजार(1975) पुस्तक उनके लेखन का शिखर माना जाता है. दुनिया के अनेक मुल्कों की यात्रा करने के बाद उसके अनुभवों को उन्होंने पुस्तक का रूप …

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दो पंक्तियों के बीच का लेखक

आज 21 जुलाई को अमेरिकी लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे का जन्मदिन है. नोबेल पुरस्कार विजेता इस अमेरिकी लेखक ने दुनिया भर की भाषाओं के लेखकों को प्रभावित किया. न कहकर कहने की उनकी शैली में कहानियों के रहस्य दो पंक्तियों के बीच छिपे होते थे जिसे आलोचकों ने हिडेन फैक्ट की …

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एक पुरानी कहानी ‘फ़्रांसिसी रेड वाइन’

मेरी एक पुरानी कहानी- प्रभात रंजन  ========================= चंद्रचूड़जी की दशा मिथिला के उस गरीब ब्राह्मण की तरह हो गई थी जिसके हाथ जमीन में गड़ी स्वर्णमुद्राएं लग गईं। बड़ी समस्या उठ खड़ी हुई। किसी को बताए तो चोर ठहराए जाने का डर न बताए तो सोना मिट्टी एक समान.. कभी-कभी …

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हेमिंग्वे की स्मृति को समर्पित कहानी- हिडेन फैक्ट

मेरे पहले कहानी संग्रह ‘जानकी पुल’ में एक कहानी है ‘हिडेन फैक्ट’, जो महान लेखक हेमिंग्वे की स्मृति को समर्पित है. हेमिंग्वे के बारे में आलोचकों का कहना था कि उनकी कहानियों में ‘हिडेन फैक्ट’ की तकनीक है यानी बहुत लाउड होकर नहीं बल्कि संकेतों, इंगितों के माध्यम से अपनी …

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महाभारत जैसे अंधेरी रात में तारों भरा आकाश

पेरु के राजनयिक कार्लोस इरिगोवन का नाम पिछले दिनों सुर्खियों में था। खबर थी कि उन्होंने कांची के चंद्रशेखरेन्द्र विश्वविद्यालय में शंकराचार्य के सामाजिक-राजनीतिक दर्शन पर शोध करने के लिए अप्लाई किया है। भेंटवार्ता के दौरान जब उनसे इसके बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि ऐसा लग रहा है …

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