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Prabhat Ranjan

जिंदगी अपनी जब इस रंग से गुजरी ‘ग़ालिब’

मौलाना अल्ताफ हुसैन ‘हाली’ की किताब ‘यादगारे ग़ालिब’ को ग़ालिब के जीवन और उनकी कविता पर लिखी गई आरंभिक किताब में शुमार किया जाता है. हाली ने १८५४ से १८६९ तक यानी उनके जीवन के आखिरी दौर तक को बहुत करीब से देखा था. इसी कारण ‘यादगारे ग़ालिब’ को महत्वपूर्ण किताबों में शुमार किया …

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कुछ कविताएँ ‘चौंसठ सूत्र सोलह अभिमान’ की

युवा कवि अविनाश मिश्र का कविता संग्रह ‘चौंसठ सूत्र सोलह अभिमान’ हिंदी में अपने ढंग का अकेला संग्रह है. यह कामसूत्र से प्रेरित है और प्रेम सिक्त है. हिंदी में इरोटिक कविताएँ लिखी गई हैं लेकिन घोषित रूप से इरोटिक कविता संकलन न के बराबर हैं. जो हैं भी उनके …

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प्रदीपिका सारस्वत की कहानी ’14 फ़रवरी’

युवा लेखिका प्रदीपिका सारस्वत को किसी परिचय की दरकार नहीं है. कहानियां जरूर उन्होंने हाल में लिखना शुरू किया है. आज उनकी नई कहानी पढ़िए- मॉडरेटर ========================================== मैं आज एक नए मकान में पहुँचा हूँ. नया मकान, हुँह! मकान बहुत पुराना है. कुछ नहीं तो 100 से ऊपर का तो …

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वसन्त में वसंत की याद

वसंत आया तो अपने ही एक पुराने लेख की याद आ गई- प्रभात रंजन ======================================== ‘यह कैसा युवा लेखन है जी? कोनो वसंत पर लिखता ही नहीं है!’ सीतामढ़ी के सनातन धर्म पुस्तकालय के पुराने मेंबर सुशील बाबू ने जब फोन पर पूछा तो अचानक कोई जवाब ही नहीं सूझा. …

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क्रांतिकारी लेखक मन्मथनाथ गुप्त की याद

आजादी की लड़ाई के दौरान क्रांतिकारी संगठन का हिस्सा रहे मन्मथनाथ गुप्त हिंदी के लेखक भी थे और उन्होंने खूब लिखा, अनेक विधाओं में लिखा. कल यानी 7 फ़रवरी को उनकी जयंती थी. उनको याद करते हुए नवीन शर्मा का यह लेख- मॉडरेटर ==================================== आमतौर पर बंदूक व कलम को …

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अनुकृति उपाध्याय लिखित वन-यात्रा वृत्तान्त ‘ताडोबा-अंधारी के वन’

युवा लेखिका अनुकृति उपाध्याय का कथा-संग्रह हाल में आया है ‘जापानी सराय‘, जिसकी कहानियां हिंदी की मूल प्रकृति से बहुत भिन्न किस्म की हैं. पशु-पक्षियों के प्रति करुणासिक्त कहानियां भी हैं इसमें. यह शायद कम लोग जानते हैं कि अनुकृति वाइल्ड लाइफ के क्षेत्र में काम करती हैं. उनकी हाल …

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देशभक्ति गीतों का अमर गीतकार कवि प्रदीप

आज कवि प्रदीप की जयंती है. देशभक्ति गीतों को याद करते ही प्रदीप याद आने लगते हैं. उनको याद करते हुए यह लेख लिखा है नवीन शर्मा ने- मॉडरेटर ===================================== ऐ मेरे वतन के लोगों जरा याद करो कर्बानी .. देशभक्ति गीत लता मंगेशकर की आवाज में सुनना एक अलग …

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जो दायरों में फँसा वह भीमसेन जोशी न बन सका

आज शास्त्रीय संगीत की महान विभूति पंडित भीमसेन जोशी की जयंती है. इस अवसर पर संगीत अध्येता प्रवीण झा का यह सुन्दर आलेख पढ़िए- मॉडरेटर =================================== धारवाड़ में उस दिन उस्ताद विलायत ख़ान सितार बजा रहे थे, और रात भर का कार्यक्रम था। तब तक बंबई का वह विक्रमादित्य सम्मेलन …

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 राकेश तिवारी की कहानी ‘मुचि गई लड़कियां’  

राकेश तिवारी को मैं एक अच्छे पत्रकार, लेखक के रूप में जानता, पढता रहा हूँ लेकिन उनकी यह कहानी कुछ अलग ही है. कुमाऊँ का परिवेश, किस्सागोई और मुचि गई लड़कियां. पढियेगा, आपको भी अच्छी लगेगी. यह कहानी ‘आजकल’ में प्रकाशित हुई थी- मॉडरेटर ================================================= धनंजय कहता है यह तारा …

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‘रंगभूमि’ का रंग और उसकी भूमि

प्रेमचंद का साहित्य जब से कॉपीराईट मुक्त हुआ है तब से उनकी कहानियों-उपन्यासों के इतने प्रकाशनों से इतने आकार-प्रकार के संस्करण छपे हैं कि कौन सा पाठ सही है कौन सा गलत इसको तय कर पाना मुश्किल हो गया है. बहरहाल, मुझे उनका सबसे प्रासंगिक उपन्यास ‘रंगभूमि’ लगता है. इतना …

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