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Prabhat Ranjan

त्रिपुरारि की कहानी ‘परिंदे को घर ले चलते हैं!’

युवा लेखक त्रिपुरारि का पहला कहानी संग्रह आने वाला है ‘नॉर्थ कैम्पस’। दिल्ली विश्वविद्यालय का नॉर्थ कैम्पस मेरे जैसे हज़ारों लोगों के नोसटेलजिया में हैं। एक पढ़कर देखते हैं कि कैसा जादू जगाया है इस लेखक ने- ================ उसे अब तक इस ख़याल ने नहीं छुआ था कि उदास लम्हों …

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अनामिका अनु की नई कविताएँ

बहुत कम समय में अनामिका अनु की कविताओं ने हिंदी के विशाल कविता संसार में अपनी उल्लेखनीय जगह बनाई है। उनकी कविताओं का रेंज बड़ा है और कहने का कौशल भी जुदा है। अरसे बाद उनकी कुछ कविताएँ पढ़िए- मॉडरेटर ======================== 1.अफवाह     अफवाह है कि एक बकरी है …

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राकेश तिवारी की कहानी ‘मंगत की खोपड़ी में स्वप्न का विकास’

वरिष्ठ कथाकार राकेश तिवारी को इस साल इसी कहानी के लिए रमाकान्त स्मृति पुरस्कार दिया गया। साल भर में प्रकाशित कहानियों में किसी एक कहानी के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है। जिन्होंने न पढ़ी हो वे पुरस्कृत कहानी पढ़ सकते हैं- मॉडरेटर =========================== कोई पाँच साल पहले की बात …

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अनुराग अन्वेषी की नई कविताएँ

अनुराग अन्वेषी मूलतः पत्रकार रहे हैं, लेकिन उनके अंदर एक संवेदनशील कवि भी है जो समाज की विसंगतियों पर समय समय टिप्पणी के रूप में प्रकट होता रहता है। इस बार लम्बे अंतराल के बाद उनकी कुछ कविताएँ पढ़िए- मॉडरेटर ========================== बेटे का डर ओ मां, आशंकाओं का घेरा बड़ा …

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गीताश्री की कहानी ‘आवाज़ दे कहाँ है!’

आज पुलिस एनकाउंटर को लेकर बहस हो रही है। वरिष्ठ लेखिका गीताश्री की इस कहानी के कथानक में पुलिस एनकाउंटर ही है। राजपाल एंड संज से प्रकाशित उनके कहानी संग्रह ‘लेडीज़ सर्कल’ में शामिल है यह कहानी- मॉडरेटर ================= नैंसी के कदम आज फ्लैट से बाहर निकलते समय रुक गए. …

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मिखाइल बुल्गाकोव के लघु उपन्यास का अनूदित अंश ‘ज़िंदा पॉरिज’

रशियन भाषा के प्रसिद्ध लेखक मिखाइल बुल्गाकोव को ‘मास्टर एंड मार्गरीटा’ के लेखक के रूप में जाना जाता है, उनके एक लघु उपन्यास का अनुवाद  आ. चारुमति रामदास जी ने मूल भाषा से हिन्दी में किया है, जो आजकाल के माहौल के अनुकूल लगता है। उसी अनुवाद से एक अंश पढ़िए- ==================== …

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लवली गोस्वामी के नए संग्रह की कुछ कविताएँ

लवली गोस्वामी मेरी पसंदीदा कवयित्रियों में रही हैं। अभी उनका नया संग्रह आया है ‘उदासी मेरी मातृभाषा है’, जिसकी भूमिका कवि गीत चतुर्वेदी ने लिखी है। प्रस्तुत है गीत की भूमिका के साथ इस संग्रह की कुछ कविताएँ- मॉडरेटर ========================== प्रस्तावना मृत्यु द्वारा आमंत्रित अतिथि – गीत चतुर्वेदी पिछले कुछ …

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लेखिका वंदना टेटे को पांचवां शैलप्रिया स्मृति सम्मान

राँची से दिए जाने वाले प्रतिष्ठित शैलप्रिया स्मृति सम्मान की घोषणा हो गई है। पाँचवाँ सम्मान झारखंड की प्रसिद्ध लेखिका वंदना टेटे को देने की घोषणा की गई है- मॉडरेटर ============================== पांचवां शैलप्रिया स्मृति सम्मान झारखंड की सुपरिचित लेखिका वंदना टेटे को देने का निर्णय हुआ है। इस सम्मान के …

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क्योंकि रेप भी एक सियासत है

हैदराबाद में बलात्कार और हत्या की अमानवीय घटना ने देश भर की संवेदना को झकझोर दिया है। हमारा समाज आगे जा रहा है या पीछे यह समझ नहीं आ रहा है। मुझे नीलिमा चौहान की किताब ‘ऑफ़िशियली पतनशील‘ का यह अंश ध्यान आया। आपने न पढ़ा हो तो पढ़िएगा- मॉडरेटर …

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चुन-चुन खाइयो मांस: आमिस  

असमिया भाषा की फ़िल्म ‘आमिस’ पर यह टिप्पणी युवा लेखक-पत्रकार अरविंद दास ने लिखी है- मॉडरेटर ============== एक बार मैं एक दोस्त के साथ खाना खा रहा था. अचानक से दाल की कटोरी से उसने झपटा मार के कुछ उठाया और मुँह में डाल लिया. जब तक मैं कुछ समझता, हँसते …

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