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Prabhat Ranjan

कहानी ‘जोशी जी’ की बयाँ प्रचंड का

विद्वान लेखक प्रचण्ड प्रवीर की एक सीरिज़ है ‘कल की बात’। इस सीरिज़ की तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं- षड्ज , ऋषभ और गान्धार। लेकिन उनकी यह सीरिज़ आज भी जारी है। आज इस सीरिज़ में प्रचंड जी ने मनोहर श्याम जोशी के उपन्यास ‘हमज़ाद’ पर उनकी ही शैली में …

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शिरीष खरे की किताब ‘नदी सिंदूरी’ की समीक्षा

शिरीष खरे के कहानी संग्रह ‘नदी सिंदूरी’ की कहानियाँ जैसे इस बात की याद दिलाती हैं कि हम नदी सभ्यता के लोग हैं। नर्मदा की सहायक नदी ‘सिंदूरी’ के किनारे बसे एक गाँव के जीवन की धड़कन इन कहानियों में सुनाई देती है। निश्चित रूप से शिरीष समकालीन लेखकों में …

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‘बोरसी भर आँच’ की उष्मा

आज पढ़िए यतीश कुमार की मार्मिक संस्मरण पुस्तक ‘बोरसी भर आँच’ की यह समीक्षा जिसे लिखा है कवि-तकनीकविद सुनील कुमार शर्मा ने। यह पुस्तक राधाकृष्ण प्रकाशन से प्रकाशित है- ============================  कवि-कथाकार यतीश कुमार की सद्य प्रकाशित संस्मरण की किताब ‘बोरसी भर आँच’ पढ़ते हुए बशीर बद्र साहब का यह मानीखेज …

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किंशुक गुप्ता की कहानी ‘ज़ी-होश’

युवा लेखकों में किंशुक गुप्ता की कहानियों ने कम समय में ही सबका ध्यान आकर्षित किया है। वे नई संवेदनशीलता के साथ आये हैं और हिन्दी कहानी में एक नई लकीर खींच रहे हैं। आज पढ़िए उनकी कहानी जो वैसे तो ‘हंस’ पत्रिका में प्रकाशित हो चुकी है लेकिन अधिक …

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तसलीमा नसरीन की कविताएँ, अनुवाद- गरिमा श्रीवास्तव

प्रसिद्ध लेखिका तसलीमा नसरीन की कुछ नयी कविताओं का बंगला से हिन्दी अनुवाद प्रोफ़ेसर गरिमा श्रीवास्तव ने किया है। आप भी पढ़ सकते हैं- =========================== 1.मैं हूँ अनश्वर बुरका न पहनने पर त्रिपोली में जिस लड़की को सरे- राह मारा गया- वह मैं हूँ जर्सी पहन फ़ुटबाल खेलने पर ढाका …

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गरिमा जोशी पंत की कहानी ‘संवेदनाओं की छिपकलियां’

व्यक्ति अपनी किशोरावस्था में जैसा होता है क्या यह ज़रूरी है कि एक लंबा उम्र जी लेने के बाद उसकी वह भावनाएँ, संवेदनाएँ बदलती होंगी ? वह उसे समझ पाता होगा और क्या समझ कर निर्ममता से उसे स्वीकार कर पाता होगा? इन्हीं सारे सवालों के साथ अपने अंतःमन में …

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रज़ा युवा-2024 – सीखने का व्यापक मंच

रज़ा न्यास द्वारा आयोजित ‘युवा 2024’ का आयोजन यादगार रहा। यह युवा का सातवाँ आयोजन था। युवा रचनाकारों के लिए हिन्दी पट्टी में इस तरह का शायद ही कोई दूसरा आयोजन होता हो। दो दिन चले कार्यक्रम पर यह रपट लिखी है युवा लेखिका अनु रंजनी ने। आप भी पढ़ …

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विश्व रंगमंच दिवस विशेष

आज विश्व रंगमंच दिवस है। आज पढ़िए कवि-नाट्य समीक्षक मंजरी श्रीवास्तव का यह लेख जो कुछ यादगार अंतरराष्ट्रीय नाट्य प्रस्तुतियों को लेकर है- ======================== 1. आज विश्व रंगमंच दिवस पर मैं आप सबसे बातचीत करूंगी कुछ यादगार अंतर्राष्ट्रीय नाट्य प्रस्तुतियों पर जिनमें से कुछ नाटक मैंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा …

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‘भक्त ध्रुव’ से ‘कहाँ खो गए हम’ तक

वरिष्ठ लेखिका अंजली देशपांडे की यह दिलचस्प टिप्पणी पढ़िए जो सिनेमा देखने के अनुभवों को आधार बनाकर लिखा गया है। आप भी पढ़ सकते हैं- ================   दिल्ली की हाड़ कंपा देने वाली शीत लहर में जब गाज़ा से मणिपुर तक हाहाकार की कंपकंपी फैली हो, किसी दिन दिमाग को …

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गिरिराज किराडू की लगभग कविताएँ

आज विश्व कविता दिवस पर पढ़िए मेरी पीढ़ी के सबसे प्रयोगशील और मौलिक कवि गिरिराज किराडू की कविताएँ जो उनकी प्रयोगधर्मिता का नया आयाम हैं- प्रभात रंजन =================== लगभग कविता गिरिराज किराडू वैसे तो मुझे कभी पता नहीं चला कि मैं लेखक हूँ या नहीं इसलिए जो मैं लिखता हूँ …

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