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Prabhat Ranjan

नेपाली भाषा के कवि जनक कार्की की कविताएँ

आज पढ़िए नेपाली भाषा के कवि जनक कार्की की कविताएँ। नेपाली से उनका अनुवाद किया है अहमद साहिल ने- ============== (विवेकशील मनुष्य)   पहले, जब गिद्ध को गोश्त खाते हुए देखा मनुष्य ने अनुसरण किया ‘मरा हुआ खाना’।   जब बाघ को बकरी खाते हुए देखा मनुष्य ने अनुसरण किया …

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‘बोलो न दरवेश’ कविता संग्रह की समीक्षा

कवयित्री स्मिता सिन्हा के कविता संग्रह ‘बोलो न दरवेश’ पर एक टिप्पणी पढ़िए। सेतु प्रकाशन से प्रकाशित इस संग्रह की समीक्षा लिखी है युवा लेखक जगन्नाथ दुबे ने। आप भी पढ़िए- ===================      हिन्दी कविता के परिसर को अगर एक वृत्त के रूप में कल्पित करें तो पाएंगे कि जैसे-जैसे …

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भावना शेखर की कहानी ‘सैलाब’

जानी-मानी लेखिका भावना शेखर की कहानी पढ़िए। बहुत अछूते विषय पर है- ===========================================  पिछले महीने रीना नर्सरी से स्नेक प्लांट, डेज़र्ट रोज़ और बेगोनिया के अलावा लाजवंती का पौधा खरीद लाई थी। बाकी सब के रखरखाव की तो खास चिंता नहीं किंतु इस लाजवंती का नाम छुईमुई यूं ही थोड़े …

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ट्विंकल रक्षिता की आठ कविताएँ

आज पढ़िए ट्विंकल रक्षिता की कविताएँ। ट्विंकल गया के पास एक गाँव में रहती हैं। उनकी कविताएँ हंस, मंतव्य जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। आप भी पढ़िए- =============   1.   मैन फोर्स कॉन्डम   लड़की बिगड़ गई… कॉन्डम की बात करती है, वो भी मैन फोर्स… तो …

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किंशुक गुप्ता की कहानी  ‘सबसे पहले दिल देह चाहता है*

आज पढ़िए किंशुक गुप्ता की कहानी। किंशुक मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ लेखन से कई वर्षों से जुड़े हुए हैं। अंग्रेज़ी की अनेक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में कविताएँ और कहानियाँ प्रकाशित। द हिंदू, द हिंदुस्तान टाइम्स, द डेक्कन हेराल्ड, टाइम्स ऑफ इंडिया, द क्विंट के लिए स्वतंत्र लेखन। …

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सूटकेस में यादें और प्रॉमिस लैंड की तलाश

पूनम दुबे की यात्राओं के किस्से हमने जानकी पुल पर खूब पढ़े हैं। इस बार लम्बे अंतराल के बाद उन्होंने लिखा है। कोपेनहेगन से बर्लिन की यात्रा पर। दिलचस्प है। अपने आपमें बहुत कुछ समेटे। आप भी पढ़िएगा- ============================ पैंडेमिक को लगभग दो साल हो गए। वैक्सीनेशन का प्रोग्राम दुनिया …

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अजहर हाशमी की कहानी ‘ऐसा पागल नहीं देखा’

आज पढ़िए अजहर हाशमी की कहानी ‘ऐसा पागल नहीं देखा’। नए दौर से संजीदा शायर हैं। ग़ज़लें भी लिखते हैं। आज कहानी पढ़िए- ===============================    एक रोज़ सूरज वैसे ही अपने सफर पे निकलता है अपनी रौशनी के साथ जैसे हर रोज़ निकलता है,   और लोगों के जागने से पहले, उनकी …

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प्रवीण झा की कहानी ‘बूम-बूम’

आज पढ़िए प्रवीण कुमार झा की कहानी। कहानी छोटी है लेकिन प्रवासियों-आप्रवासियों को लेकर लिखी गई एक दिलचस्प कहानी है। आप भी पढ़िए- ========================= “बर्फ़ जमने से उसकी पाइप फट गयी। बूम! यह बेवकूफ़ न जाने कब समझेंगे कि ठंडे प्रदेश में रहते कैसे हैं। मुँह उठा कर आ जाते …

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अनुकृति उपाध्याय की कहानी ‘हरसिंगार के फूल’

ओर्गैज्म को लेकर चल रही सार्थक बहस के दौरान मुझे लेखिका अनुकृति उपाध्याय की इस कहानी की याद आई। यह कहानी उनके कहानी संग्रह ‘जापानी सराय’ में सम्मिलित है। हिंदी में ओर्गैज्म को लेकर शायद इससे अच्छा कुछ लिखा नहीं गया। समय हो तो पढ़िएगा- ======================================== मौना नहाकर निकली. उसके …

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विमलेश त्रिपाठी का स्तम्भ एक गुमनाम लेखक की डायरी-3

युवा कवि विमलेश त्रिपाठी अपनी जीवन यात्रा को दर्ज कर रहे हैं। गाँव के छूटे हुए दिनों को बड़ी शिद्दत से याद कर रहे हैं। आज तीसरी किस्त पढ़िए- ==================== लगातार मनुष्यता की ओर यात्रा करने वाला मुसाफिर मुझे अपने जन्म का वर्ष और तारीख पता नहीं है। माँ से …

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