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Prabhat Ranjan

रितुपर्णो घोष की फ़िल्म ‘शुभो मुहूर्त’ पर विजय शर्मा का लेख

रितुपर्णो घोष की फ़िल्में उपन्यास की तरह होती हैं। किसी क्लासिक उपन्यास की तरह बार बार थोड़ा-बहुत देखने लायक़। ‘शुभो मुहूर्त’ तो अगाथा क्रिश्टी के उपन्यास पर आधारित है और रितुपर्णो द्वारा निर्देशित एकमात्र मर्डर मिस्ट्री है। इस फ़िल्म पर विजय शर्मा का लेख पढ़िए। यह उनकी आगामी किताब का …

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श्वेता मिश्र की कहानी ‘नाइजीरिया, नोरा और अजगर’

श्वेता मिश्र लागोस नाइजीरिया में रहती हैं। कहानियाँ लिखती हैं। इनकी कई कहानियाँ प्रकाशित भी हो चुकी हैं। यह एक नई कहानी है- मॉडरेटर ===================== एक दशक पहले यूरोप से अफ्रीका जब मेरा आना हुआ तो रुई के फाहे की तरह गिरते बर्फ की जगह यहाँ की ठंडी पुरवाई मेरे …

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स्त्री-कविता का सबसे बड़ा योगदान यही है कि उसने एक चटाई बिछाई है

रेखा सेठी हिंदी की सुपरिचित आलोचक हैं। हिंदी की स्त्री कविता पर उनकी किताब आई है ‘स्त्री कविता पहचान और द्वंद्व’ तथा ‘स्त्री कविता पक्ष और परिप्रेक्ष्य’।राजकमल से आई दोनों किताबों का कल दोनों का लोकार्पण है। फ़िलहाल आप एक अंश पढ़िए जो अनामिका की बातचीत का एक अंश है- …

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‘माउथ ऑर्गन’ अपनी धुन गुनगुना रहा है

सुशोभित के लेखन की अपनी ख़ास शैली है जिसके कारण हज़ारों लोग उनको फ़ेसबुक पर रोज़ पढ़ते हैं। उनकी किताब ‘माउथ ऑर्गन’ का गद्य भी बहुत सम्मोहक है। मन की यात्राओं के इस गद्य पुस्तक की काव्यात्मक समीक्षा अपनी  खास शैली में यतीश कुमार ने की है- मॉडरेटर ====================== माउथ …

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लाल-हरा चूड़ा और गोल्ड्मन साक्स

अनुकृति उपाध्याय को हम उनके हिंदी कहानियों के संग्रह ‘जापानी सराय’ तथा अंग्रेज़ी में दो लघु उपन्यासों ‘दौरा’ और ‘भौंरी’ के लिए जानते हैं।जानकी पुल पर वह समय समय पर वह यात्राओं पर लिखती रही हैं और इसमें भी उनकी नई शैली है। मसलन यह पढ़िए- मॉडरेटर =============== साल – …

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अगर पेरिस बेहतरीन रेड वाइन है तो रोम बहुत ही पुरानी व्हिस्की

आशुतोष भारद्वाज हिंदी-अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में समान रूप से लेखन करते हैं और उन समकालीन दुर्लभ लेखकों में हैं जो समय के चलन से हटकर लिखते हैं और इसके लिए समादृत भी हैं। इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकारिता के बूते चार बार रामनाथ गोयनका पुरस्कार से नवाज़े जा चुके आशुतोष शिमला …

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प्रदीपिका सारस्वत की कविताएँ और कश्मीर

प्रदीपिका सारस्वत कश्मीर में लम्बा समय बिताकर अभी हाल में लौटी हैं। कुछ कविताओं में घाटी के दिल के दर्द को महसूस कीजिए- मॉडरेटर =======================   कश्मीर पर तीन कविताएँ       ऑप्रेसर     मैं एक व्यक्ति थी मेरा एक नाम था, एक चेहरा उसी की तरह मैं …

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कुश वैष्णव की कहानी ‘जान में जान’

कुश वैष्णव इतने सारे काम करते हैं कि हमें ध्यान ही नहीं रहता कि वे लेखक भी हैं। पढ़िए उनकी कहानी- मॉडरेटर ================= जान में जान आयी थी। मतलब हमारी जान में। मतलब कि हमारी जान ‘प्रेगनेंट’ थी और हम टेंशन में थे। सुबह जब साढ़े सात बजे फ़ोन की …

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अनघ शर्मा की कहानी ‘बीच समंदर मिट्टी है’

अनघ शर्मा युवा लेखकों में सबसे अलग हैं। ना किसी होड़ में, ना किसी दौड़ में। ठहर ठहर कर लिखते हैं और इस गहराई से लिखते हैं कि आप उनकी प्रेम कहानी पढ़ते हुए प्रेम को जीने के भ्रम में पड़ सकते हैं। अब इस कहानी को ही लीजिए देश …

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रूसी लेखक सिर्गेइ नोसव की कहानी ‘छह जून’

रूसी भाषा के लेखक सिर्गेइ नोसव की इस कहानी के बारे में अनुवादिका आ. चारुमति रामदास का कहना है कि यह एक ख़तरनाक कहानी है, सच में बहुत रोमांचक। मूल रूसी से अनूदित इस कहानी का आनंद लीजिए- मॉडरेटर ======================= मुझसे कहा गया है, कि मैं इस जगह को भूल …

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