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कविताएं

युवा शायर #23 वर्षा गोरछिया की नज़्में

युवा शायर सीरीज में आज पेश है वर्षा गोरछिया की नज़्में – त्रिपुरारि ====================================================== नज़्म-1 तुम आओ एक रात कि पहन लूँ तुम्हें अपने तन पर लिबास की मानिंद तुम को सीने पे रख के सो जाऊँ आसमानी किताब की मानिंद और तिरे हर्फ़ जान-ए-जाँ ऐसे फिर मिरी रूह में …

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गौहर रज़ा की ‘खामोशी’ गौहर रज़ा की नज्में

गौहर रज़ा एक संजीदा वैज्ञानिक हैं, शायर हैं. हिन्दुस्तान की धर्मनिरपेक्ष परम्परा की एक जीती जागती मिसाल. अभी हाल में राजपाल एंड संज से उनके नज्मों-गजलों का संकलन आया है ‘खामोशी’. ऐसे समय में जब विविधता की आवाजों को खामोश किया जा रहा है. इस संकलन की नज्मों का अपना …

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प्रियंका वाघेला की कुछ नई कविताएँ

प्रियंका वाघेला, चित्रकार व लेखिका हैं, वे इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से ग्राफिक्स में एम.एफ़ ए. स्नतकोत्तर हैं तथा फ्रीलांस पेंटर के रूप में समकालीन कला के क्षेत्र में कार्य कर रहीं है| उनकी लिखी कविताओं एवं कहानियों पर बनी लघु फिल्में ‘शैडो ऑफ़ थॉट्स’ एवं ‘प्रिजनर्स ऑफ मून’ कान्स …

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बाल कवि अमृत रंजन की वयस्क कविताएँ

बाल कवि अमृत रंजन की कविताएँ करीब चार साल से पढ़ रहा हूँ, जानकी पुल पर साझा कर रहा हूँ. 14 साल के इस कवि में प्रश्नाकुलता बढती जा रही है, जीवन जगत के रहस्यों को लेकर जिज्ञासा भी. कविताई भी निखर रही है. कुछ नई कविताएँ पढ़िए. आज कवि …

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विजया सिंह की कुछ नई कविताएँ

विजया सिंह चंडीगढ़ के एक कॉलेज में अंग्रेजी पढ़ाती हैं. सिनेमा में गहरी रूचि रखती हैं. कविताएँ कम लिखती हैं लेकिन ऐसे जैसे भाषा में ध्यान लगा रही हों. उनकी कविताओं की संरचना भी देखने लायक होती है. उनकी कुछ कवितायेँ क्रोएशियन भाषा में हाल ही में अनूदित हुई हैं. …

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स्मिता सिन्हा की आठ नई कविताएँ

स्मिता सिन्हा की कविताएँ प्रमुख पत्र पत्रिकाओं में छपती रहती हैं, सराही जाती हैं. उनका एक अपना समकालीन तेवर है, संवेदना और भाषा है. प्रस्तुत है कुछ नई कविताएँ- मॉडरेटर ============================ (1) मैंने देखे हैं उदासी से होने वाले बड़े बड़े खतरे इसीलिए डरती हूँ उदास होने से डरती हूँ …

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राजेश प्रधान की दो नई कविताएँ

बोस्टन प्रवासी राजेश प्रधान पेशे से वास्तुकार हैं, राजनीतिशास्त्री हैं. हिंदी में कविताएँ लिखते हैं. उनकी कविताओं में सतह के नीचे की दार्शनिकता, विचार, गहन चिंतन है जो उनकी कविताओं को एक अलग ही स्वर देता है. उनकी दो अलग मिजाज की कविताएँ आज पढ़िए- मॉडरेटर ======================= 1 सृष्टि और …

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पसीने की कविता जो दरकते खेत में उगती है

आज प्रस्तुत हैं विवेक चतुर्वेदी की कविताएँ – संपादक ===================================================== पसीने से भीगी कविता एक पसीने की कविता है जो दरकते खेत में उगती है वहीं बड़ी होती है जिसमें बहुत कम हो गया है पानी उस पहाड़ी नाले में नहाती है अगर लहलहाती है धान तब कजरी गाती है …

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सदैव की कविताएँ

आज प्रस्तुत हैं सदैव की कविताएँ – संपादक ======================================================== हम इस पेड़ को याद रखेंगे ———– तंग पगडंडियों से बियाबान जंगलों के बीच होकर दलदली जमीन में कमर तक धंसा घुप अंधेरे या भरी दोपहर खाली सवेरों-शामों से जब मैं चलता जाता था निर्जन पठारों पर कभी कभी बर्फीली हवाओं …

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प्रकृति करगेती की कुछ कहाविताएं

युवा लेखिका प्रकृति करगेती लेखन में नए नए प्रयोग करती हैं। कहाविता ऐसा ही एक प्रयोग है। आज उनकी कुछ कहाविताएं पढ़िये- मौडरेटर ==============       चेकमेट लड़का और लड़की, शतरंज के खेल में मिले। लड़का, दिलोदिमाग हारता गया। लड़की खेलती गयी। खेलते खेलते लड़का मारा गया। लड़की ने आंखिरी …

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