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     कविता सरहदों के पार, हक़ीक़त के बीच दरार और कुछ बेतरतीब विचार: ली मिन युंग

ताइवान के वरिष्ठ कवि एवं आलोचक ली मिन-युंग की कविताओं के हिंदी अनुवाद का संकलन ‘हक़ीक़त के बीच दरार’ जुलाई में पाठकों तक पहुंचा, जिसका अनुवाद युवा कवि देवेश पथ सारिया ने किया है। साहित्यिक संस्कृति की इस साझेदारी के अनुभव को ली मिन-युंग ने इस लेख के माध्यम से …

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प्रलय की लय साधने की आकांक्षा

आज वरिष्ठ लेखक, विचारक नंद किशोर आचार्य का जन्मदिवस है। इस अवसर पर पढ़िए युवा लेखक चंद्र कुमार का यह लेख, जो कथारंग साहित्य वार्षिकी 2020-21 (सं. हरीश बी. शर्मा) में प्रकाशित हुआ था। आपके लिए यह पठनीय लेख हम दे रहे हैं- ==================================== नहीं, अब कोई सपना नहीं साँसें …

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Pakistan can no longer play its double game, writes Aghan scholar

Crisis in Afghanistan is deepening, so the political situation. Read a small article by Afghan scholar Alhaj Ismail Nazarkhel- janki pul  ============================================= International politics is not driven by permanent friends or foes. Despite all its deeds, Pakistan is still considered as a pivotal political actor in South Asian politics in the …

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पेट्रोल, सोना और किताब

प्रसिद्ध लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक व्यंग्य भी बहुत अच्छा लिखते हैं। आज उनका ताज़ा व्यंग्य लेख पढ़िए- ====================================================== पेट्रोल जरूरत है। सोना हसरत है। इन दो चीजों की तुलना में किताब क्या है, कोई आलम फ़ाज़िल ही बता सकता है। पेट्रोल की जरूरत हमारे यहाँ गरीब तबके को नहीं होती …

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आज भी सबसे बड़े हैं प्रेमचंद

आज प्रेमचंद जयंती है। पढ़िए वरिष्ठ लेखक प्रकाश मनु का यह लेख प्रेमचंद की स्मृति को प्रणाम के साथ- …………………………………………………………………………………….. [1] प्रेमचंद पर लिखने बैठा हूँ, तो सबसे पहले जो बात मन में आती है और कागज पर उतरना चाहती है, वह यह कि प्रेमचंद से मेरी दोस्ती बचपन से …

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लाख दा’वे किये ख़ुदाई के–एक फ़िरऔन भी ख़ुदा न हुआ

जनाब सुहैब अहमद फ़ारूक़ी पुलिस अफ़सर हैं, अच्छे शायर हैं। उस्ताद शायरों जैसी सलाहियत रखते हैं। आज एक शेर में आए लफ़्ज़ के बहाने पूरा लेख लिख दिया। आप भी पढ़िए- ====================================  लाख दा’वे किये ख़ुदाई के–एक फ़िरऔन भी ख़ुदा न हुआ   यह शे’र तो ख़ैर मेरा है। अभी …

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भिखारी ठाकुर पाथब्रेकर-पाथमेकर-सेल्फमेड कलाकार थे!

आज भिखारी ठाकुर की 50 वीं पुण्यतिथि है। इस अवसर पर उनके महत्व को रेखांकित करते हुए यह लेख लिखा है प्रसिद्ध लोक गायिका और लेखिका चंदन तिवारी ने। आप भी पढ़िए- ===================================== ‘भिखारी‘ जैसे सेल्फमेड नायकों का पाठ नयी पीढ़ी पढ़े,जाने,समझे, कुछ मुश्किलें दूर होंगी चंदन तिवारी आज 10 …

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आवारा मसीहा के धुनी रचनाकार विष्णु प्रभाकर

कल प्रसिद्ध लेखक विष्णु प्रभाकर की जयंती थी। विष्णु प्रभाकर का नाम आते ही उनकी अमर कृति ‘आवारा मसीहा’ की याद आ जाती है। उसी बहाने उनको याद किया है वरिष्ठ लेखक प्रकाश मनु ने- =========================== [1] विष्णु प्रभाकर हिंदी के दिग्गज साहित्यकार हैं, जिन्होंने हिंदी साहित्य में बहुत कुछ …

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ऐतिहासिक तथ्यों को नज़रअंदाज़ करने वाली इतिहास-दृष्टि

पंकज पराशर के शोधपूर्ण लेखों को हम पढ़ते रहे हैं, सराहते रहे हैं। यह उनका नया शोध है। पढ़कर बताइएगा- ========================== मेरी सुबह प्रायः ध्रुपद या ख़याल सुनते हुए शुरू होती है, लेकिन आज की सुबह उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री देखते हुए शुरू हुई. यह देखकर थोड़ा …

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भैया एक्सप्रेस के भैया और पंजाब दोनों बदल गये हैं

वरिष्ठ लेख सूरज प्रकाश हिंदी की कुछ चर्चित कहानियों का पुनर्पाठ कर रहे हैं। आज पढ़िए अरूण प्रकाश की क्लासिक कहानी ‘भैया एक्सप्रेस’ का पाठ- ========================== 1985 में समर्थ और संवेदनशील कथाकार अरुण प्रकाश की कहानी भैया एक्सप्रेस छपी थी। मूल कहानी के कुछ अंश – भयंकर गरीबी, खाने को …

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