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Prabhat Ranjan

दो पल की कशमकश का वक्फा

मूलतः पंजाबी भाषी तजेन्दर सिंह लूथरा हिंदी में कविताएँ लिखते हैं. हाल में ही उनका कविता संग्रह राजकमल प्रकाशन से आया है- ‘अस्सी घाट का बांसुरीवाला’. उसी संकलन से कुछ चुनी हुई कविताएँ- जानकी पुल. ——————————————————– 1. अस्सी घाट का बाँसुरी वाला इसे कहीं  से भी शुरू किया जा सकता है, बनारस …

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कोई नहीं लिखता यहां क्या हो रहा है

कथाकार-पत्रकार आशुतोष भारद्वाज छत्तीसगढ़ के नक्सली घोषित इलाकों में घूम-घूम कर बड़ी बारीक टिप्पणियां कर रहे हैं, बड़े वाजिब सवाल उठा रहे हैं. भूलने के विरुद्ध एक जरूरी कार्रवाई- जानकी पुल. ————— नये साल की पहली रात। बस्तर और कश्मीर की भौगोलिक काया और जैविक माया में रोचक साम्य — …

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अज्ञेय अपने दौर के सबसे बड़े कवि थे- नामवर सिंह

ओम थानवी (बाएं) द्वारा संपादित ‘अपने अपने अज्ञेय’ के परिवर्धित संस्करण (दो भाग) का लोकार्पण करते हुए डॉ नामवर सिंह. साथ में हैं कुंवर नारायण और अशोक वाजपेयी  हमारी भाषा के मूर्धन्य आलोचक नामवर सिंह ने कहा है कि अज्ञेय अपने दौर के सबसे बड़े कवि थे, कि ‘शेखर: एक …

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यह फागुनी हवा मेरे दर्द की दवा

फणीश्वरनाथ रेणु ने बहुत अच्छी कविताएँ भी लिखीं. उनकी एक कविता ‘मेरा मीत शनिचर’ बहुत लोकप्रिय है. फागुन के महीने में उनकी यह कविता भी पढ़ने लायक है. ———————————————————– यह फागुन की हवा  यह फागुनी हवा मेरे दर्द की दवा ले आई…ई…ई…ई मेरे दर्द की दवा! आंगन ऽ बोले कागा …

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हिंदी पुस्तक बाजार: कैसा रहा व्यापार

20 वां पुस्तक मेला समाप्त हो गया. खबर आई कि हिंदी किताबों के स्टॉल्स पर अधिक भीड़ रही. ‘इण्डिया टुडे’ ने लिखा कि प्रकाशकों की युवा पीढ़ी हिंदी प्रकाशन के परिदृश्य को बदल रही है. हिंदी प्रकाशन का परिदृश्य किस तरह बदल रहा है, इसको लेकर मेरा यह लेख कल …

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जीतेंद्र श्रीवास्तव को देवीशंकर अवस्थी सम्मान

वर्ष २०११ का देवीशंकर अवस्थी सम्मान युवा कवि-आलोचक जीतेंद्र श्रीवास्तव को दिए जाने की घोषणा हुई है. उनको यह पुरस्कार २००९ में प्रकाशित आलोचना-पुस्तक ‘आलोचना का मानुष-मर्म’ के लिए दिए जाने की घोषणा हुई है. जीतेंद्र की ख्याति मूलतः कवि के रूप में है और उनको युवा कविता का सबसे …

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सोनाली सिंह की कहानी पिन कोड 193123

आज सोनाली सिंह की कहानी. सोनाली सिंह युवा पीढ़ी के उन लेखकों में हैं जिन्होंने हिंदी कहानी को समकालीन सन्दर्भों से जोड़ा है, उसकी जमीन का विस्तार किया है. उन लेखिकाओं में हैं जिन्होंने स्त्री-विमर्श की लकीर नहीं पीटी है. यही कहानी देखिये- जानकी पुल.  ———————————————————————————— भूकम्प ने उड़ी को …

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जान लिया तब प्रेम रहा क्या?

एक किताब आई है- जियो उस प्यार में जो मैंने तुम्हें दिया है. यह अज्ञेय की प्रेम-कविताओं का संचयन है. संपादन किया है ओम निश्चल ने. पुस्तक किताबघर प्रकाशन से आई है. इस वासंती शाम उसी संकलन की कुछ कविताएँ- जानकी पुल. —————————————————————- 1. जान लिया तब प्रेम रहा क्या? …

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और प्रेम का रहस्यमय कंकाल गाता है

1911 में अमेरिका में पैदा हुए कवि केनेथ पैटचेन के बारे में कहा जाता है कि बाद में ‘बीट पीढ़ी’ के कवियों ने उनको अपने आदर्श के रूप में अपनाया. मूलतः विद्रोही स्वभाव के इस कवि के बारे में कहा जाता है कि अपने समय में उनको ठीक तरह से …

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वह बच्चा किसका है?

विश्व पुस्तक मेले में इस साल प्रसिद्ध पत्रकार, कथाकार गीताश्री की पुस्तक ‘सपनों की मंडी’ की बड़ी चर्चा रही. प्रस्तुत है उसी पुस्तक का एक अंश- जानकी पुल.  ————————————————————–  कोई सुबह–सुबहअखवारबांटताहै।कोईघरोंकेबाहररखेकूड़ेकेथैलेकोउठाकरले  जाता है।कोईसब्जीबेचताहैतोकोईकपड़ेप्रेसकरताहै।कोईकिरानेकीदुकानपरखड़ारहताहैऔरआर्डरपरआएसामानोंकोघरोंमेंपहुंचाताहैकोईरातभरकिसीअपार्टमेंटकेबाहरखड़ेहोकरचौकीदारीकरताहै।महानगरकेबहुमंजिलीसंस्कृतिमेंजीनेकेआदीहोचुकेलोगोंमेंशायदहीकिसीकोयेसोचनेकीफुरसतहोकिकौनहैंवेलोग,जोसुबहहोतेहीशुरुहोजातेहैंऔरदेररातकेबादकहांगायबहोजातेहैंकिसीकोनहींमालूम।कौनहैंवेलोग? क्याहमउनकेनामजानतेहैं? वेकहांसेआतेहैं? शहरमेंवेकिसतरहगुजर–बसरकरतेहैं? वेकहांरहतेहैं? क्याहमउनकीपरवाहकरतेहैं? शायदनहीं, लेकिनअगरकोईपरवाहकरनेनिकलेतो? तोफिरआपकासामनाहाहाकारभरेऐसे–ऐसेसचसेहोगा, जिसपरयकीनकरनामुश्किलहोजाएगा। मुंबई केमशहूरलियोपोर्डकीसंगीतभरीरातोंकेसामने10 से12 सालकेबीसयोंबच्चेअक्सरखड़ेमिलतेहैं।शायदआपनेभीउन्हेंदेखाहो, लेकिनक्याआपकोपताहैकि  वे उनशोषितबच्चोंकेसमूहसेहैंजोशहरकेफुटपाथोंपरजूतेयाकारचमकातेहैं, फूल, …

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