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Prabhat Ranjan

अमेरिकी लेखक पॉल थेरो का भारत

रामेश्वरम तक जाने वाली लोकल 1941 में अमेरिका में जन्मे पॉल थेरो की ख्याति यात्रावृत्तों के चर्चित लेखक के रूप में रही है. ग्रेट रेलवे बाजार(1975) पुस्तक उनके लेखन का शिखर माना जाता है. दुनिया के अनेक मुल्कों की यात्रा करने के बाद उसके अनुभवों को उन्होंने पुस्तक का रूप …

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दो पंक्तियों के बीच का लेखक

आज 21 जुलाई को अमेरिकी लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे का जन्मदिन है. नोबेल पुरस्कार विजेता इस अमेरिकी लेखक ने दुनिया भर की भाषाओं के लेखकों को प्रभावित किया. न कहकर कहने की उनकी शैली में कहानियों के रहस्य दो पंक्तियों के बीच छिपे होते थे जिसे आलोचकों ने हिडेन फैक्ट की …

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एक पुरानी कहानी ‘फ़्रांसिसी रेड वाइन’

मेरी एक पुरानी कहानी- प्रभात रंजन  ========================= चंद्रचूड़जी की दशा मिथिला के उस गरीब ब्राह्मण की तरह हो गई थी जिसके हाथ जमीन में गड़ी स्वर्णमुद्राएं लग गईं। बड़ी समस्या उठ खड़ी हुई। किसी को बताए तो चोर ठहराए जाने का डर न बताए तो सोना मिट्टी एक समान.. कभी-कभी …

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हेमिंग्वे की स्मृति को समर्पित कहानी- हिडेन फैक्ट

मेरे पहले कहानी संग्रह ‘जानकी पुल’ में एक कहानी है ‘हिडेन फैक्ट’, जो महान लेखक हेमिंग्वे की स्मृति को समर्पित है. हेमिंग्वे के बारे में आलोचकों का कहना था कि उनकी कहानियों में ‘हिडेन फैक्ट’ की तकनीक है यानी बहुत लाउड होकर नहीं बल्कि संकेतों, इंगितों के माध्यम से अपनी …

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महाभारत जैसे अंधेरी रात में तारों भरा आकाश

पेरु के राजनयिक कार्लोस इरिगोवन का नाम पिछले दिनों सुर्खियों में था। खबर थी कि उन्होंने कांची के चंद्रशेखरेन्द्र विश्वविद्यालय में शंकराचार्य के सामाजिक-राजनीतिक दर्शन पर शोध करने के लिए अप्लाई किया है। भेंटवार्ता के दौरान जब उनसे इसके बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि ऐसा लग रहा है …

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शुजा खावर और शारिक कैफ़ी की गज़लें

शुजा खावर आईपीएस अफसर थे लेकिन तब भी अपनी शायरी के लिए ज्यादा जाने जाते थे. दिल्ली में डीसीपी की नौकरी इसलिए छोड़ दी क्योंकि खुद को पुलिसिया अफसरी में मिसफिट पा रहे थे. दिल्ली के इस शायर की शायरी ही नही मिजाज़ भी सूफियाना है. काफी अरसे से बीमार …

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मनोहर श्याम जोशी से एक पुरानी बातचीत

सन 2004 में आकाशवाणी के अभिलेखगार के लिए मैंने मनोहर श्याम जोशी जी का दो घंटे लंबा इंटरव्यू लिया था। उसमें उन्होंने अपने जीवन के अनेक अनछुए पहलुओं को लेकर बात की थी। यहां एक अंश प्रस्तुत है जिसमें उन्होंने अपनी मां, पिताजी को लेकर कुछ बातें की हैं और …

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राष्ट्र के बदले प्रान्त: रेणु साहित्य और आंचलिक आधुनिकता

सांस्कृतिक इतिहासकार सदन झा के इस पाठ को उसी तरह से देखा, सुना और महसूस किया जा सकता है जिस तरह से रेणु के उपन्यासों को. सदन झा चरखा के ऊपर अपने शोध को लेकर चर्चा में रहे हैं. एक इतिहासकार के द्वारा किया गया किसी साहित्यिक कृति का यह …

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बाबू कुंवर सिंह तोहरे राज बिना…

1857 के जुबानी किस्से अभी हाल में ही रूपा एंड कंपनी से इतिहासकार पंकज राग की पुस्तक आई है 1857– द ओरल ट्रेडिशन। पुस्तक में उन्होंने लोकगीतों एवं किस्से-कहानियों के माध्यम से 1857 के विद्रोह को समझने का प्रयास किया है। प्रस्तुत है उसका एक छोटा-सा अंश जिसका संबंध कुंवर …

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६० के हुए शिवमूर्ति

अस्सी के दशक में अपनी कहानियों से बड़ी लकीर खींचनेवाले शिवमूर्ति इस साल 60 साल के हो गए। मूलतया ग्रामीण आबोहवा के इस कथाकार की कसाईबाड़ा और तिरिया चरित्तर कहानियों ने गांव के ढहते हुए सामाजिक और राजनीतिक ढांचे की बदलती तस्वीर दिखाई थी। बाद के दौर में तर्पण और …

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