Home / Featured (page 98)

Featured

Featured posts

आर डी बर्मन के विदा गीत का जादू

फिल्म 1942 ए लव स्टोरी का संगीत सच में बहुत सुरीला था. आर डी बर्मन की आखिरी फिल्म थी. इसी फिल्म के गीत ‘कुछ न कहो’ पर नवल किशोर व्यास का लेख- मॉडरेटर ============================= कुछ ना कहो- पंचम का विदा गीत ————————— विधु विनोद चौपडा की 1942- ए लव स्टोरी …

Read More »

‘दे फोंफ दे फोंफ दे फोंफ’ और ‘दे गप्प दे गप्प दे गप्प’ वाली गर्मी का किस्सा

रंजन ऋतुराज ‘दालान’ पर पुराने दिनों के किस्से लिखते हैं. अब उन्होंने गर्मी का यह किस्सा लगा कि अपनी गर्मियों के दिन याद आ गए. वह एक दौर था जो बीत चुका है. उस बीते दौर की बड़ी अच्छी बानगी इस छोटे से लेख में मिलती है- मॉडरेटर ======== इस …

Read More »

जीवन और कला के अंतर्संबंधों की बेहतरीन किताब ‘सिमिट सिमिट जल’

कुछ किताबें ज्ञान बढाने के लिए होती हैं, कुछ मन को गुदगुदाने के लिए, कुछ गर्मी की छुट्टियों में पहाड़ों पर पेड़ के नीचे लेटकर पढने के लिए. गर्मी की छुट्टियाँ शुरू हो चुकी हैं. अगर आप इन छुट्टियों में कहीं जाने की योजना बना रहे हैं तो मेरा आग्रह …

Read More »

सिनीवाली शर्मा की कहानी ‘अधजली’

सिनीवाली शर्मा समकालीन कथा लेखन में चुपचाप अपनी पहचान पुख्ता करती जा रही हैं. उनकी यह कहानी ‘कथादेश’ में आई है. जिसकी काफी चर्चा सुनी तो सोचा कि आप लोगों से भी साझा किया जाए- मॉडरेटर ================================================== इस घर के पीछे ये नीम का पेड़ पचास सालों से खड़ा है। …

Read More »

‘सरकार’ में हिमालयन ब्लन्डर कर गए रामगोपाल वर्मा

सरकार 3 आई लेकिन इस श्रृंखला की पिछली दोनों फिल्मों की तरह कोई प्रभाव नहीं छोड़ पाई. इस फिल्म के ऊपर एक छोटी सी लेकिन अचूक और सारगर्भित टिप्पणी राजीव कुमार ने की है. राजीव कुमार जी फिल्मों के बहुत गहरे जानकार हैं लेकिन लिखते कम हैं. आप भी पढ़िए- …

Read More »

माँ गूलर का दूध है, माँ निमिया की डार

कल वरिष्ठ लेखक दिविक रमेश जी ने ध्यान दिलाया कि कोलकाता से  बींजराज रांका के संपादन में 2017 में​ प्रकाशित भारत ही नहीं बल्कि विश्व के अनेक देशों की मां पर केन्द्रित ग्रंथ “मां मेरी मां” एक भव्य, जरूरी और महत्त्वपूर्ण पुस्तक प्रकाशित हुई है। इसमें मां को लेखों, कहानियों और …

Read More »

मदर्स डे और दिनकर की ‘रश्मिरथी’

मदर्स डे के दिन रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कृति ‘रश्मिरथी’ की याद भी आ जाती है. खासकर उसका पांचवां सर्ग, जिसमें कर्ण और कुंती का संवाद है. अवैध संतान होने की पीड़ा झेलता कर्ण और उसकी माँ कुंती, जिसने उसको कभी बेटा नहीं कहा. ‘रश्मिरथी’ के पांचवें सर्ग में वह …

Read More »

यूं डांवाडोल दिल है तेरी याद के बगैर, जैसे किसी की शायरी उस्ताद के बगैर

इरशाद खान ‘सिकंदर’ नए शायरों में क्लासिकी मिजाज़ रखते हैं. उनकी शायरी में उर्दू शायरी की परम्परा की झलक दिखाई देती है. जो कुछ नौजवान शायर मेरे दिल के बेहद करीब हैं इरशाद उनमें एक हैं. उसका एक कारण यह है उनकी गजलों का पहला दीवान हिंदी में ही आया …

Read More »

कहानी चर्चा : चोर-सिपाही

अनिमेष जोशी जोधपुर में रहते हैं। वहाँ इन्होंने अपने प्रयासों से लेखकों और गम्भीर पाठकों को एकजुट किया है। हर महीने इनकी मंडली एक चर्चा आयोजित करती है जहाँ ये विभिन्न विषयों पर विमर्श करते हैं। अधिकतर गोष्ठियों में अब भी पुरानी कहानियों पर संवाद होता है उसके बरअक्स इनकी गोष्ठियों …

Read More »

गांधारी का शाप गांधारी की प्रार्थना

महाभारत के किरदार गांधारी को लेकर प्रोफ़ेसर सत्य चैतन्य के इस लेखन का रूपांतरण विजय शर्मा जी ने किया है. एक नए नजरिये एक नई दृष्टि से. कल मदर्स डे है. हमें यह याद रखना चाहिए कि एक माँ गांधारी भी है जो एक एक करके अपने संतानों की मृत्यु का …

Read More »