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क्या सचमुच लेखक की भूमिका भौंकते हुए कुत्ते सरीखी है?

साहित्यिक पत्रिका ‘तद्भव’ द्वारा लखनऊ में 21 व 22 अप्रैल को सेमिनार का आयोजन हुआ, जिसमें आदरणीय नामवर सिंह और श्री काशीनाथ सिंह के वक्तव्यों को लेकर बड़ा बवाल हुआ. नामवर जी ने कहा कि सत्ता के समक्ष साहित्यकार की हैसियत कांता यानी जोरू जैसी है तथा काशीनाथ जी ने …

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‘कहानी’ में न अंटने वाला कहानीकार उदय प्रकाश

संजीव कुमार हिंदी के गंभीर आलोचकों में गिने जाते हैं. हाल के वर्षों में जिन कुछ आलोचकों को मिलने के कारण देवीशंकर अवस्थी सम्मान की विश्वसनीयता बरकरार है, वे उनमें एक हैं. बहुत खुलेपन के साथ उन्होंने उदय प्रकाश की कहानियों, उनकी कथा-प्रविधि पर लिखा है. उदय प्रकाश को पढ़ने …

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इज़राइल नाम की दीवार के आगे ग्रास

गुंटर ग्रास की कविता और उसके लेकर उठे विवाद पर प्रसिद्ध पत्रकार-कवि-कथाकार प्रियदर्शन का एक सुविचारित लेख- जानकी पुल. नोबेल पुरस्कार प्राप्त लेखक गुंटर ग्रास की एक कविता ‘व्हाट मस्ट बी सेड’ ने इन दिनों जर्मनी से लेकर इज़राइल तक तूफ़ान मचा रखा है। इज़राइल ने तो सीधे-सीधे गुंटर ग्रास …

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