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भुवनेश्वर की अंग्रेजी कविताएँ शमशेर का हिंदी अनुवाद

भुवनेश्वर ने कुछ कविताएँ अंग्रेजी में लिखी थी. बाद में जिनका हिंदी अनुवाद शमशेर बहादुर सिंह ने किया. दोनों शताब्दी कवि-लेखकों की यह जुगलबंदी प्रस्तुत है- जानकी पुल. 1. रुथ के लिए मगन मन पंख झड़ जाते यदि   और देखने वाली आँखे झप जाती हैं शाहीन के अंदर पानी …

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‘एब्सर्ड’ लेखक भुवनेश्वर की कुछ दुर्लभ कविताएँ

१९१० में पैदा हुए भुवनेश्वर की यह जन्मशताब्दी का साल है. ‘भेडिये’ जैसी कहानी और ‘ताम्बे के कीड़े’ जैसे ‘एब्सर्ड’ नाटक के इस रचयिता को हिंदी का पहला आधुनिक लेखक भी कहा जाता है. समय से बहुत पहले इस लेखक ने ऐसे प्रयोग किये बाद में हिंदी में जिसकी परम्परा …

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मुझे तुम शोहरतों के दरमियाँ गुमनाम लिख देना

  इस बार वीकेंड कविता में प्रस्तुत हैं जुबेर रज़वी की गज़लें. नज्मों-ग़ज़लों के मशहूर शायर जुबेर रज़वी किसी परिचय के मोहताज़ नहीं हैं. यकीन न हो तो उनकी नई ग़ज़लों का रंग देख लीजिए- जानकी पुल. 1. वो बूँद-बूँद दमकता था मेंह बरसते में ज़माना देख रहा था उसी …

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