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नये सुल्‍तान की सारी दाढि़यां उजली थी

हिंदी में अच्छी राजनीतिक कविताएँ कम पढने को मिलती हैं. युवा कवि रवि भूषण पाठक ने कुछ ऐतिहासिक राज-चरित्रों को आधार बनाकर शानदार समकालीन कविताएँ लिखी हैं. इतिहास और राजनीति की इस समझ ने मुझे प्रभावित किया इसलिए आपसे कविताएँ साझा कर रहा हूँ- प्रभात रंजन. =============== महाराज नहुष को …

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कवि के साथ: चर्चा-परिचर्चा-कविता

इंडिया हैबिटैट सेंटर द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रम  कवि के साथ  के 9वें आयोजन में आप सबको आमंत्रित करते हुए हमें हार्दिक प्रसन्नता हो रही है. इस बार का आयोजन 2 शामों का है. विवरण इस प्रकार है:  21 अगस्त 2013, पहली शाम, 7.00- 9.00 बजे : परिचर्चा गुलमोहर सभागार, इंडिया हैबिटैट …

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भाषा का सवाल: फ़िल्मी सदी का पैग़ाम

हिंदी सिनेमा की भाषा को लेकर हाल के वर्षों में रविकांत न महत्वपूर्ण काम किया है. उनका यह ताजा लेख पढ़ा तो तुरंत साझा करने का मन हुआ- मॉडरेटर. ======================================== हालाँकि फ़िल्म हिन्दी में बन रही है, लेकिन (ओंकारा के) सेट पर कम–से–कम पाँच भाषाएँ इस्तेमाल हो रही हैं। निर्देशन …

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